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गणेश चतुर्थी : प्रदूषण रोकने का अनोखा संदेश दे रही 25 फीट ऊंची प्रतिमा

HarSiddheshwar Ganesh Mandir
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HarSiddheshwar Ganesh Mandir : गणेश की महिमा भारतीय संस्कृति में अद्वितीय है. गणपति महोत्सव ऐसा ही एक त्योहार है जहां 10 दिनों के दौरान भगवान भक्तों के घरों के साथ-साथ गलियों में भी बैठकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं. गणपति बप्पा की प्रतिमा को सूरत के एक गणेश मंदिर में स्थापित किया गया है, साथ ही प्रदूषण को रोकने और नदी शुद्धिकरण का संदेश देने के लिए मंदिर के बगल में हमेशा के लिए 25 फीट की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है.

हरसिद्धेश्वर गणेश मंदिर(HarSiddheshwar Ganesh Mandir)

सूरत का पालनपुर पाटिया इलाका हमेशा लोगों से भरा रहता है. गहरे लाल रंग से रंगा गणपति बप्पा का यह हरसिद्धेश्वर गणेश मंदिर मुख्य सड़क पर स्थित है. पिछले 10 वर्षों में, यह स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दूर से आने वालों के लिए आस्था और विश्वास का केंद्र बन गया है. हरसिद्धेश्वर गणेश मंदिर का उद्घाटन 10 साल पहले हुआ था. इससे पहले, यहां केवल गणेश की एक छोटी मूर्ति स्थापित की गई थी. जैसे-जैसे भक्तों की आस्था बढ़ती गई, वैसे-वैसे मंदिर भी बढ़ता गया. श्री गणेशजी की प्रतिमा के साथ ही शिरडी के साईं बाबा और महाकाली माता की प्रतिमा भी स्थापित की गई है. भक्तों के लिए यह केवल मूर्ति नहीं बल्कि वास्तविक दर्शन देने वाले देवता हैं.

सभी देवताओं में से जिनकी सबसे पहले पूजा की जाती है ऐसे गणेश को श्रद्धांजलि देने के लिए न केवल स्थानीय लोग यहां आते हैं, बल्कि दूर-दूर से भी लोग पैदल ही उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं. यहां एक बार मानसिक कार्य हो जाने पर वह ठीक-ठीक पूरा हो जाता है. भक्तों की इसी आस्था के कारण ही इस मंदिर की शोभा दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है.

यह भी पढ़ेंः इस मंदिर में आम आदमी की तरह धोती-कुर्ते में विराजमान हैं भगवान श्री गणेश

यह मंदिर इस तरह से बनाया गया है कि लोग मंदिर के कोने-कोने से बप्पा को देख सकते हैं. यहां 25 फुट ऊंची फाइबरग्लास की मूर्ति भी लगाई गई है. ताकि सड़क पर आने वाले लोग व वाहन चालक भी दूर से ही गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेकर आशीर्वाद का लाभ उठा सकें.

 

इससे पहले हर गणेशोत्सव पर यहां के मंडप में गणेश जी की प्रतिमा लगाई जाती थी लेकिन तापी नदी में भटकती बप्पा की प्रतिमाओं के साथ-साथ पीओपी की मूर्ति से होने वाले प्रदूषण को देखकर उन्होंने 25 फीट की रेशे वाली प्रतिमा स्थापित कर तापी की सफाई और पर्यावरण संरक्षण का सामाजिक संदेश भी दिया है.

इस प्रकार मात्र 10 वर्षों से इस मंदिर में विराजमान गणेश ने भक्तों पर इतनी कृपा की है कि भक्त कभी भी इस मंदिर के दर्शन करने से नहीं चुकते हैं खासकर इस गणेशोत्सव में यह मंदिर पर्यावरण बचाने का संदेश देने का पर्याय बनेगा.

 

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