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विदेश मे पढ़ाई करना चाहते है? ये 6 फेक्टर्स से तय करे आपकी ड्रीम कंट्री

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यार, फॉरेन जाना है, वहां जाकर पढूंगा, जॉब करूँगा, बहुत सरे पैसे कमाऊँगा फिर तो लाइफ सेट है!! मज़ा आ जाएगा… .

हाँ, हम सबने अपने जीवन में कभी न कभी तो ये बातें सुनी ही होगी। हम सबकी लाइफ में कोई ना कोई तो ऐसा है ही, जो विदेश जाकर पढ़ना चाहता है। शायद हमारे मन में भी कभी न कभी ये ख्याल आया होगा के हम भी विदेश चले जाए। 

हाँ, ये ख्याल आना जायज़ भी है, क्योंकि हम सब ने मूवीज में या अपने दोस्तों से विदेश की “अमेजिंग लाइफस्टाइल” के बारे में सुना है। पर जब सच में हम सोचने बैठते है कि कहां जाना है, किस देश में जाना चाहिए, कैसे तय करे कि क्या पढ़ना है, कितना खर्चा होगा, कैसे जाएंगे, तो ये सारे सवालों का जवाब न मिलने पर हम अपना प्लान ड्रॉप कर देते हैं या फिर बहुत ही कन्फ़्यूज्ड हो जाते हैं। लेकिन आज के हम जानेंगे कि कैसे हम विदेश में जाकर पढ़ाई कर सकते हैं ? और सबसे पहला स्टेप की कैसे तय करें कि कौन से देश में पढ़ना है?

आज हम जानेंगे ऐसे ही 6 फैक्टर्स के बारे में जिसको ध्यान में रखकर अपनी पढाई के लिए सही कंट्री पसंद कर सकते है। 

1. आपको पढ़ाई क्या करनी है?

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 विदेश मे पढ़ाई के लिए सबसे पहली चीज जो हमें ध्यान में रखनी है, वो है की हमें क्या पढ़ना है? क्योंकि जब हमें पता ही नहीं होगा कि हमें क्या पढ़ना है, तो हम आगे कुछ भी तय नहीं कर पाएंगे। इसलिए  हमारे लिए हमारा कोर्स ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होना चाहिए। तो जो कोर्स आप पढ़ना चाहते है, वो भी एक बहुत बड़ा फैक्टर है आपकी ड्रीम कंट्री तय करने के लिए.

उदाहरण के तौर पर अगर आपने बैचलर्स इन कॉमर्स यानी बीकॉम किया है, तो आप मास्टर्स के लिए या फिर पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा के लिए जाना चाहोगे।  तो बी.कॉम के बाद आप मास्टर्स इन बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी Master’s in Management (MiM), Masters in Marketing, masters in finance के जैसे कई सारे कोर्स पढ़ सकते हो। या अपनी पसंद के हिसाब से कोई स्पेशल कोर्स जैसे की फैशन डिजाइनिंग या पेंटिंग के लिए जा सकते हो। ऐसे हज़ारों कोर्स है, जो आप अपने इंटरस्ट के हिसाब से पसंद  कर सकते हो। अगर आपने इंजीनियरिंग या कोई और कोर्स किया है, तो उस हिसाब से आप आगे क्या पढ़ना चाहते हैं, वो तय कर सकते है। और फिर उसी हिसाब से तय कीजिये कि आपको आगे किस कंट्री के लिए जाना चाहिए। 

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तो एक बार आप ये तय कर ले कि आपको क्या पढ़ना है। उसके बाद आप खुद रिसर्च करके या फिर किसी एक्सपर्ट की सलाह लेके कौन से देश में उस कोर्स की सबसे अच्छी पढाई करवाई जाती है? उस हिसाब से आप कंट्री तय कर सकते हो.

तो सबसे पहले आप ये तय कर लीजिये कि आपको पढ़ना क्या है, ये फैक्टर आपको आपकी ड्रीम कंट्री चुज़ करने में बहुत मदद करेगा। 

2. क्वोलिटी ऑफ एज्यूकेशन 

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आपने एक बार ये तय कर लिया कि आपको विदेश में पढ़ना क्या है, उसके बाद का स्टेप है कि कहां पढ़ना है। आप जो भी कोर्स पढ़ना चाहते है, उसके लिए सबसे अच्छी यूनिवर्सिटी और कॉलेज कौन-सी है, वो रिसर्च कर सकते है। 

  • यूनिवर्सिटी या कॉलेज पसंद करते समय आप कुछ बातों का ज़रूर ध्यान रखे। जैसे कि
  • आपको कॉलेज में पढ़ना चाहिए या यूनिवर्सिटी में?
  • आपकी पसंद की गई कॉलेज या यूनिवर्सिटी से मिली डिग्री की वर्ल्डवाइड कितनी कितनी वैल्यू है?
  • आगे जाकर उस डिग्री से आपको क्या क्या बेनेफिट मिल सकते है?
  • उस कॉलेज या यूनिवर्सिटी की आप दुनियाभर में कितनी रैंकिंग है?

हो सके तो जो भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी आपको पसंद आ रही है, उस जगह से पढ़ चुके स्टूडेंट्स से बात कीजिये। देखिये कि आज वो स्टूडेंट्स किस मुकाम पर है, उस डिग्री का उन्हें क्या फायदा मिला,  उनकी सलाह लीजिये। 

ये सारे चीज़े ध्यान में रखकर आप तय कीजिये कि आपको कौन से एजुकेशनल इंस्टिट्यूट में पढ़ना है और फिर जो भी इंस्टिट्यूट आपको सही लगे उस हिसाब से आप कंट्री तय कर सकते है। 

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3. आर्थिक व्यवस्था 

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क्या पढ़ना है और कहां पढ़ना है ये तय करने के बाद बहुत जरूरी फेकतर है वो है खर्चे और आर्थिक व्यवस्था। आप जो भी इंस्टिट्यूट में पढ़ना चाहते है, उसकी फीस कितनी है ये देखना भी बहुत ज़रूरी है। क्यूकि हम सबका एक लिमिटेड बजट होता है, जिसको ध्यान में रखके हमे अपने अब्रॉड स्टडीज को प्लान करना पड़ता है। कॉलेज या यूनिवर्सिटी की फीस के आलावा आपको ये भी ध्यान रखना पड़ेगा कि उस कंट्री के लिविंग एक्सपेन्स यानी रहने का, खाने- पिने का खर्चा, ट्रावेलिंग के खर्चे कितने होंगे?  सब मिलाके टोटल एक साल या एक महीने का खर्चा कितना होता है और उसके सामने अगर आप पार्ट टाइम या फुल टाइम जॉब करते हो तो आप कितनी कमाई कर सकते हो ?

सब को मिलकर जो भी बजट होता है, क्या आप आर्थिक हिसाब से समर्थ हो? ये सारी चीज़ों को भी ध्यान में रखना बहुत ही ज़रूरी है।  तो जब आप अपनी ड्रीम कंट्री चूज़ कर रहे हो तो बजट का फेक्टर भी बहुत माइने रखता है.

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4. भाषा

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नेल्सन मंडेला का कहना था की ‘अगर कोई इंसान से जो उसकी परिचित भाषा में बात करोगे, तो वो उसके दिमाग में उतरेगी। लेकिन अगर किसी इंसान से उसकी खुद की भाषा में बात करोगे, तो वो बात सीधे उसके दिल तक उतरेगी’। इसीलिए भाषा भी बहुत ज़रूरी पहलू है, जो की आपको कंट्री पसंद करते समय ध्यान रखना है। 

ये हम सब जानते है विदेश में पढ़ने के लिए कई सारी जगहों पर इंग्लिश प्रोएफ़िशियनसी टेस्ट्स जैसे की IELTS, TOEFL , PTE , OET जैसे टेस्ट्स देने पड़ते है। जिसमें आपकी कितनी अच्छी तरह से इंग्लिश बोल सकते है वो टेस्ट किया जाता है और उसी के बेस के ऊपर आपको स्टडी अब्रॉड के लिए मदद मिलती है। 

लेकिन कई सारे देश ऐसे है, जहाँ पर पढ़ने के लिए सिर्फ इंग्लिश नहीं परन्तु वहां की अलग भाषा भी जानना ज़रूरी है। जैसे की अगर आप जर्मनी में पढ़ना चाहते है तो आपको जर्मन आना ज़रूरी है, वैसे ही बहुत सारी जगह है, जहां पर उस कंट्री की रीजनल लैंग्वेज जानना बहुत ज़रूरी है। 

ना ही सिर्फ एडमिशन या वीजा लेने के लिए बल्कि वहां के लोगों से और उस कंट्री में मिलने जुलने के लिए भी वहां की असल भाषा का थोड़ा सा ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है। इसलिए जब आप किसी देश में पढाई करने की सोच रहे है, तो ये वभी ध्यान रखे की उस कंट्री  लैंग्वेज क्या है और ज़रुरत पड़ने पर क्या आप वो भाषा सिख सकते है या नहीं। 

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5. भविष्य की योजना (Comeback, PR, Work)

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कोई भी कंट्री तय करते वक्त ना सिर्फ पढाई, बल्कि पढाई के बाद के आपके प्लान्स को भी ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है। बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जो सिर्फ़-पढाई करने के लिए विदेश जाना चाहते है और फिर पढाई करके वापस आ जाना चाहते है, तो उनको उस हिसाब से कंट्री तय करनी चाहिए। 

जबकि कुछ लोग ऐसे भी है जो लोग लोग पढाई के बाद कुछ सालो तक विदेश में काम करना चाहते हैं, तो उस हिसाब से आपको ये भी देखना है

  • कौन-सी कंट्री पोस्ट स्टडी वर्क परमीट देती है?
  • आपके पसंद किये हुए कोर्स के हिसाब से आपको कितना वर्क परमिट मिलेगा?
  • जहां पर आप पढ़ाई कर रहे हो वहां पर पढाई के बाद जॉब की या आपकी फील्ड से रिलेटेड कितनी तक उपलब्ध है?  ये बातों का भी ध्यान रखना चाहिए.

बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनका विदेश में पढाई करके, वहीं पर PR यानी परमेनन्ट रेसीडेंसी लेने का प्लान होता है। तो अगर आप भी उन्हीं लोगों में से है तो आपको इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि जिस देश में आप पढाई करने के लिए जा रहे हैं उसकी,

  • PR पॉलिसी क्या हैं? 
  • क्या क्या क्वोलिफ़िकेशन ज़रूरी है?
  • आप पढ़ाई ख़त्म करने के कितने समय बाद और कैसे वहां के PR बन सकते है.

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6. करियर 

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कोई भी देश में पढाई करने का तय करने से पहले आप इस बात का खास ध्यान रखें कि जिस देश में आप पढाई कर रहे हैं, उस देश में आपकी फील्ड से रिलेटेड कितनी तक उपलब्ध है?  क्यू की ऐसा भी हो सकता है कि आप अपनी पढाई किसी देश में ख़त्म करे, लेकिन उस देश में आपके फील्ड से रिलेटेड करियर opportunities हो ही ना। तो ऐसे मामले मे आपको अपने फील्ड में काम करने के लिए किसी और देश में जाना पड़ सकता है।  

तो इस बात का खास ध्यान रखे की जिस भी देश में आप पढाई करने जाए वहां पर आपकी इंडस्ट्री से रिलेटेड करियर अवसर उपलब्ध हो। 

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