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भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ने की उम्मीद, ICRA के मुताबिक वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में दिखेगा सुधार

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Indian economy: भारत में कोरोना महामारी नियंत्रण में है. चिकित्सा विशेषज्ञ आशा व्यक्त कर रहे हैं कि दूसरी लहर के घातक प्रभावों के बाद संभावित तीसरी लहर से पहले ही देश में टीकाकरण में तेजी लाने वाली मोदी सरकार अब तीसरी लहर आने पर भी मजबूती से लड़ सकती है. हालांकि, इस दूसरी लहर के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में भी शानदार सुधार देखने को मिल रहा है, जिसके पूरे साल जारी रहने की उम्मीद है. 

रेटिंग एजेंसी ICRA ने वर्ष 2021-2 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान लगाया है. सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था के 8% बढ़ने की उम्मीद है. इससे पहले इसने 5 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया था.  आईसीआरए की रिपोर्ट के मुताबिक उम्मीद है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में सुधार बेहतर दिखेगा. 

Image Courtesy: Google Image

अनुमान को सही करने के पीछे का कारण?
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, कोरोना टीकाकरण, खरीफ फसल की उम्मीदें और सरकारी खर्च को संशोधित किया गया है. आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि कोरोना टीकाकरण कवरेज से अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कोरोना और लॉकडाउन के बाद मंदी से प्रभावित क्षेत्र में मांग को बढ़ावा मिलेगा. 

उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में अच्छी फसलों से कृषि क्षेत्र में मांग बढ़ने की संभावना है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा खर्च बढ़ाने से उपभोक्ता मांग को और बढ़ावा मिलेगा. 

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टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार
वहीं, ICRA को उम्मीद है कि अगर आने वाले दिनों में 1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच टीकाकरण की औसत 20 लाख खुराक बनी रही, तो करीब तीन-चौथाई भारतीय वयस्कों को 2021 के अंत तक कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक मिल जाएगी. नतीजतन, एजेंसी ने कृषि, वानिकी और मछली पकड़ने के लिए अपने जीवीए विकास अनुमानों को 2021-2 की दूसरी और तीसरी तिमाही में 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया.  इस क्षेत्र में गिरावट की उम्मीद है जबकि ऑटो क्षेत्र भी है अर्धचालकों की कमी के कारण दबाव में है. 

यहां यह बताना जरूरी है कि 2020-21 में 4.5 फीसदी की गिरावट के बाद चालू वित्त वर्ष में तेजी से रिकवरी की उम्मीद थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के चलते अब विशेषज्ञ विकास दर को लेकर ज्यादा सतर्क हैं. अर्थव्यवस्था के 7.5 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है. 

तीसरी लहर ही संदेह है
हालांकि, भविष्य के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन नहीं है, बल्कि दुनिया और भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोरोना की तीसरी लहर है, नायर ने कहा कि रेटिंग एजेंसी के पास 9 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के संशोधित अनुमान के साथ एक कारण दृष्टिकोण भी है. 3% के संशोधित विकास पूर्वानुमान का सबसे बड़ा जोखिम शायद तीसरी लहर है. 

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