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Homeन्यूजअखिल भारतीय राजभाषा सम्मलेन का गृहमंत्री अमित शाह ने किया शुभारंभ, बोले- हिंदी स्थानीय भाषाओं की सहेली

अखिल भारतीय राजभाषा सम्मलेन का गृहमंत्री अमित शाह ने किया शुभारंभ, बोले- हिंदी स्थानीय भाषाओं की सहेली

Rajbhasha Sammelan
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केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) उत्तर प्रदेश दौरे पर हैं, दौरे के दूसरे दिन गृहमंत्री अमित शाह ने वाराणसी में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन (Rajbhasha Sammelan) का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि यह काम आजादी के बाद ही शुरू हो जाना चाहिए था. हमने स्वराज तो हासिल कर लिया लेकिन स्वदेशी और स्वभाषा पीछे छूट गई.

केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जब आजादी के 100 साल होंगे तो हमारा भारत कैसा होगा, यह 130 करोड़ देशवासियों को तय करना है. शिक्षा, संस्कार, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र से लेकर हिंदी भाषा के प्रेमियों के लिए भी यह साल संकल्प का साल होना चाहिए.

‘स्वभाषा और स्वदेशी के मामले में पीछे रह गए हम’

गृहमंत्री ने कहा कि जब आजादी के 100 साल हों तो हमारे देश में राजभाषा और स्थानीय भाषाओं का इतना दबदबा होना चाहिए कि किसी भी विदेशी भाषा की मदद लेने की आवश्यकता न हो. मेरा मानना है कि आजादी के तीन स्तंभ थे, पहला- स्वराज, दूसरा- स्वदेशी और तीसरा स्वभाषा, लेकिन स्वराज मिलने के बाद दो मामलों में हम पीछे रह गए.

हिंदी स्थानीय भाषाओं की सहेली है- गृहमंत्री शाह

उन्होंने कहा कि मेरी मातृभाषा गुजराती है, लेकिन मैं गुजराती से ज्यादा हिंदी का इस्तेमाल करता हूं. हिंदी और स्थानीय भाषाओं के बीच कोई अंतरविरोध वाली स्थिति नहीं है, बल्कि हिंदी तो सभी स्थानीय भाषाओं की सहेली है. गृहमंत्री शाह ने कहा कि भाषाओं के उद्धव से लेकर, भाषाओं के शुद्धिकरण तक में काशी का बड़ा योगदान है, यह भाषा का गौमुख है.

Rajbhasha Sammelan

Image Courtesy: Google.com

हमारी भाषा चिरंजीवी बने- केन्द्रीय गृहमंत्री

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमने बचपन से एक चीज देखी है कि अगर किसी बच्चे को अंग्रेजी नहीं आती तो बच्चे के अंदर लघुता ग्रंथि आ जाती है, वह सोचने लगता है, शर्माने लगता है. लेकिन मेरा दावा है कि कुछ समय बाद ऐसा भी समय आएगा जब स्थानीय भाषा नहीं बोलने पर ऐसा अनुभव होगा. कई भाषाओं के लोगों से मिलता हूं तो पता चलता है कि आज उनकी भाषा की हालत ठीक नहीं है, वह शर्म से सिर झुका लेते हैं, मैं चाहता हूं कि 100 साल बाद किसी भारतीय के साथ ऐसा न हो, हमारी भाषा चिरंजीवी बने. वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते साढ़े सात सालों में लोगों ने भारत को एक श्रेष्ठ भारत के रूप में बदलते देखा है.

Rajbhasha Sammelan

Image Courtesy: Google.com

हिंदी की विकास यात्रा पर चर्चा

बता दें कि अखिल भारतीयराजभाषा सम्मेलन (Akhil Bhartiya Rajbhasha Sammelan) 14 नवंबर तक चलेगा. दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे विद्वान शामिल होंगे. हिंदी का इस्तेमाल बढ़ाने के विषय में इस सम्मेलन (Akhil Bhartiya Rajbhasha Sammelan) में मंथन किया जाएगा. पीआईबी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पहले सत्र में आजादी और जनभाषा के रूप में हिंदी की भूमिका पर चर्चा होगी तो वहीं दूसरे सत्र में हिंदी की विकास यात्रा और योगदान विषय पर विचार-विमर्श होगा.

Rajbhasha Sammelan

Image Courtesy: Google.com

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14 नवंबर का कार्यक्रम

इसके अलावा हिंदी चुनौतियां और संभावनाएं के साथ-साथ न्यायपालिका में हिंदी प्रयोग और संभावनाओं पर भी चर्चा होगी. इसके अलावा 14 नवंबर को मुंशी प्रेमचंद के गांव लमही में मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद रंगमंच सिनेमा और काशी का हिंदी साहित्य में योगदान पर भी चर्चा होगी.

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