Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Wednesday / October 27.
Homeऑटो एंड गैजेट्सApple धारकों के लिए बुरी खबर, दुनिया के सारे फोन एक ही चार्जर से हो जाएंगे चार्ज!

Apple धारकों के लिए बुरी खबर, दुनिया के सारे फोन एक ही चार्जर से हो जाएंगे चार्ज!

Share Now

यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने गुरुवार को कहा कि वह स्मार्टफोन के लिए Universal Phone Charger नियम लागू करेगा. अगर ऐसा होता है, तो आपको अपने अलग-अलग ब्रांड के फोन के लिए अलग चार्जर की जरूरत नहीं होगी. आप सभी फोन को सिंगल चार्जर (यूनिवर्सल फोन चार्जर) से चार्ज कर पाएंगे, लेकिन इस फैसले से Apple के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो गई है. यूरोपीय आयोग का मानना ​​​​है कि सभी उपकरणों के लिए एक ही चार्जर होने से इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कम करने में काफी मदद मिलेगी जबकि Apple का मानना ​​है कि अगर ऐसा किया जाता है तो इससे इनोवेशन बंद हो जाएगा और प्रदूषण बढ़ेगा. 

Image Courtesy: Google Image

Universal Phone Charger
यूरोपीय संघ में लगभग 450 मिलियन लोग हैं और यूएसबी सी टाइप केबल के मानकीकरण का भी वैश्विक स्मार्टफोन बाजार पर प्रभाव पड़ेगा. यूरोपीय संघ के कार्यकारी उपाध्यक्ष मार्गरेटा वेस्टगेरे ने कहा कि यूरोपीय उपभोक्ता लंबे समय से इस तथ्य के बारे में चिंतित हैं कि उनके पास चार्जर्स का ढेर है.  उन्होंने कहा कि उद्योगों को अपने दम पर समाधान खोजने के लिए लंबा समय दिया गया है लेकिन अब समय आ गया है कि एक सामान्य चार्जर को सख्ती से लागू किया जाए. 

ये भी पढ़ें: बिना इंटरनेट के चलेगा WhatsApp, जानें क्या है नया फीचर

Apple का विरोध
Apple के iPhone के साथ लाइटनिंग टाइप चार्जर (यूनिवर्सल फोन चार्जर) का इस्तेमाल हाल के दिनों में बढ़ा है. वहीं यूरोपीय संघ टाइप-सी चार्जर को मानक बनाना चाहता है. आजकल लोगों को आईफोन के लिए लाइटनिंग टाइप चार्जर का इस्तेमाल करना पड़ता है जबकि कई लोगों को अपने फोन के लिए माइक्रो यूएसबी चार्जर का इस्तेमाल करना पड़ता है. यूएसबी टाइप सी चार्जर का इस्तेमाल भी अब बढ़ रहा है. 

Image Courtesy: Google Image

यूरोपीय संघ ने कहा कि यूरोपीय उपभोक्ता प्रति वर्ष लगभग 2.4 बिलियन यूरो या 8 2.8 बिलियन खर्च करते हैं, केवल ऐसे चार्जर खरीदने के लिए जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ नहीं आते हैं.  Apple ने कहा कि यूनिवर्सल चार्जर पर यूरोपीय संघ के फैसले से न केवल यूरोपीय बल्कि दुनिया भर के उपभोक्ताओं को नुकसान होगा. 

यूरोपीय संघ क्या कहता है
अगर हम यूरोपीय संघ की बात करें तो इसमें कुल 27 देश शामिल हैं, लेकिन भारत इसका हिस्सा नहीं है. यूरोपीय संघ का सार्वभौमिक चार्जर नियम भारत पर लागू नहीं होता है. हालांकि, जब Apple जैसी कंपनी यूरोपीय संघ के देशों के लिए सिंगल चार्जर बनाती है, तो वह बाकी दुनिया के लिए भी चार्जर बनाना चाहेगी, ताकि उसकी लागत कम हो सके. अलग बात यह है कि अगर कंपनी अपने चार्जर्स से मोटी कमाई करने की रणनीति बनाती है तो भविष्य में Apple डिवाइसेज भारत में कई तरह के चार्जर्स के साथ देखने को मिलेंगे. 

ये  वीडियो भी देखें: 

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

IOS: http://apple.co/2ZeQjTt

No comments

leave a comment