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Homeन्यूजमुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने की आखिर सियासी वजह क्या है

मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल होने की आखिर सियासी वजह क्या है

aparna yadav
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मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव ने बीजेपी(Aparna Yadav Joins BJP) का दामन थाम लिया है. उत्तर प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने अपर्णा यादव को बीजेपी में शामिल कराया. इस दौरान अपर्णा यादव ने पीएम मोदी(PM Modi) और उनकी कई योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि मैं हमेशा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित रही हूं, मैं अब राष्ट्र के लिए आराधना करने निकली हूं जिसमें आप सबका सहयोग चाहिए.

प्रतीक यादव की पत्नी हैं अपर्णा यादव 

बता दें कि अपर्णा यादव(Aparna Yadav) मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं. अब सवाल ये उठता है कि जिस सियासी दौर में बीजेपी के कई विधायकों और मंत्रियों ने अपनी पार्टी का दामन छोड़कर सपा की सदस्यता ले ली, उस समय क्या अखिलेश यादव अपने ही घर के सदस्य को दूसरी पार्टी में जाने से नहीं बचा पाए, क्या योगी सरकार में सेंध लगाने वाली सपा के घर में ही बीजेपी ने सेंध लगा ली.

पहले भी बीजेपी के प्रति रहा है झुकाव 

आखिर अपर्णा यादव के बीजेपी में शामिल(Aparna Yadav Joins BJP) होने की वजह क्या है. ये अचानक से नहीं हुआ है कि अपर्णा यादव का रुख बीजेपी की ओर हो गया हो. बल्कि समय-समय पर वह बीजेपी की तारीफ करती रही हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव इस बार परिवार वालों को टिकट देने के मूड में नहीं है. हमेशा परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का आरोप झेलने वाली सपा इस बार शायद इन चीजों से बचने की कोशिश कर रही है.

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तो ये है असल सियासी वजह 

अब अपर्णा यादव(Aparna Yadav) की बात करें तो बीते चुनाव में इन्होंने लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ी थी. हालांकि उन्हें रीता बहुगुणा जोशी से हार का सामना करना पड़ा था लेकिन दूसरे नंबर पर रहीं थी. अपर्णा खुद कह चुकी हैं कि वह बीते पांच साल से इस इलाके में मेहनत कर रहीं थी तो इस सीट से दावेदारी के लिए अपर्णा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. अब सवाल ये है कि क्या अपर्णा के लिए ये राह इतनी आसान है कि क्योंकि इस सीट के और भी कई दावेदार हैं. हालांकि ये सीट बीजेपी की गढ़ मानी जाती रही है क्योंकि रीता बहुगुणा जोशी के सांसद बनने के बाद बीजेपी के ही सुरेश तिवारी ने उपचुनाव में जीत हासिल की थी.  

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