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HomeBusinessविश्व की सबसे ऊंची सुरंग से गुजरने वालों को चुकाना होगा Green Tax जानिए देने होंगे कितने पैसे?

विश्व की सबसे ऊंची सुरंग से गुजरने वालों को चुकाना होगा Green Tax जानिए देने होंगे कितने पैसे?

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10 साल में बनने वाली अटल टनल के बारे में आज कौन नहीं जानता जब भारत और चाइना के बीच हाल ही में  सीमा को लेकर विवाद छिड़ा तभी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने इस टनल उद्घाटन किया. ऐसे में टनल के शुरु होने के बाद से ही लोगों में यहां घूमने का सिलसिला शुरु हो गया है. अब तक कई लोग इस टनल में घूमने जा चूके हैं. लेकिन अब अगर आप भी अटल टनल (Atal Tunnel ) में घूमने का मन बना रहें हैं तो अब आप आपको यहां जाने के लिए टैक्स देना पड़ेगा. जी हां अब लेह मनाली हाईवे पर बनाए गए इस अटल टनल (Atal Tunnel Green Tax) से गुजरने वाले लोगों को टैक्स देना होगा.

अटल टनल पर ग्रीन टैक्स की शुरुआत 

यहां से गुजरने वाले लोगों से ग्रीन टैक्स वसूला (Atal Tunnel Green Tax) जाएगा. रिपोर्टस की मानें तो इस टनल से गुजरने वाले सभी पर्यटकों को ग्रीन टैक्स (Green Tax) चुकाना होगा. चाहे वो कार में हो या मोटरसाइकिल पर ही क्यों ना हो. टनल से गुजरने वाली कारो को 200रुपये तो दो पहियां वाले वाहनों को 50 रुपये देने होंगे।

साथ ही SUV और MUV  को 300 रुपये देने होंगे. वहीं बस और ट्रक के लिए इस टैक्स को थोड़ा बढ़ाया गया है. बड़े वाहनों के लिए टैक्स की राशि 500 तक की गई है.आपको बता दें कि अटल टनल हिमाचल प्रदेश में बनाया गया एक बड़ी टनल है जिसकी लंबाई 9.02 किलोमीटर है. हालांकि यह टैक्स सिर्फ बाहर के लोगों को ही नहीं बल्कि किश्तवाड़, लाहौल और पांगी जाने वाले वाहनों को भी देना होगा. हालांकि रोजमर्रा के काम से जुड़े वाहनों को इस टैक्स से निजात मिल सकती है. इस टैक्स से बचने के लिए इन वाहनों को एक पास बनवाना होगा. जिसके बाद इन वाहनों को टैक्स देने से छूट मिल जाएगी।

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अटल टनल की शुरुआत 

आपको बता दें कि अटल टनल बनने की शुरुआत हुई थी, 28 जून 2010 को और इस साल में यानी लगभग 10 साल के बाद इस टनल का काम पूरा हुआ है. हालांकि इस टनल को बनाने का निर्णय लिया था तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने. वाजपेयी ने 2000 में इस टनल को बनाने का फैसला किया था. उसके बाद से ही बीआरओ के कर्मचारियों और इंजीनियरों ने इसे कड़ी मशक्कत से बनाने का काम शुरु कर दिया. बता दें कि 24 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रोहतांग टनल को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने का फैसला लिया था और इसी साल पीएम मोदी ने इस टनल का उद्घाटन किया।

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