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नीदरलैंड का राष्ट्रीय पक्षी भारत में!

black tailed godwit
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काली पूंछ वाली चंचुकी या ब्लैक-टेल्ड गोडविट (black tailed godwit) . 1758 में कार्ल लिनिअस (Carl Linnaeus) ने इसका वर्णन करते हुए लिखा कि यह लंबे पैर वाला शोरबर्ड (Shorebirds) है. यह गॉडविट जीन्‍स (godwit genus) लिमोसा (Limosa) का सदस्य है. इनकी मुख्‍यत: पांच प्रजातियां थी जिनमें से दो विलुप्‍त हो गयी हैं. इसकी तीन उप-प्रजातियां हैं, जो सामान्‍यत: काले-सफेद रंग के होते हैं तथा इनके सिर और गर्दन नारंगी रंग की होते हैं. यह नीदरलैंड (Netherland) का राष्ट्रीय पक्षी है. ब्लैक-टेल्ड गॉडविट की दो उप-प्रजातियां लिमोसा (limosa) और आइलैंडिका (islandica) फ्रांसीसी ज्वारनदमुखों पर समय बिताती हैं. आइलैंडिका उप-प्रजाति का आकार बढ़ रहा है, क्योंकि इनकी प्रजनन श्रृंखला का विस्‍तार होता रहता है, लेकिन (black tailed godwit) लिमोसा की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है. (black tailed godwit) लिमोसा पक्षी जो नीदरलैंड और आसपास के देशों में समय बिताते हैं.

black-tailed godwit

Image-WIKIPEDIA

(black-tailed godwit) ब्लैक-टेल्ड गोडविट की कुल लंबाई लगभग 42 सेंटीमीटर तक होती है. जबकि केवल चोंच की लंबाई 7.5 से 12 सेंटीमीटर तक हो सकती है. नर पक्षियों का वजन 280 ग्राम जबकि मादा पक्षी का वजन 340 ग्राम तक होता है. मादाएँ नर पक्षी की अपेक्षा 5 प्रतिशत बड़ी होती हैं जिनकी चोंच भी अपेक्षाकृत 12 – 15 प्रतिशत लंबी होती है. प्रजनन के मौसम के दौरान, इनकी चोंच का आधार पीले या नारंगी-गुलाबी रंग का होता है तथा tip काले रंग की हो जाती है. पैरों का रंग प्रायः गहरे भूरे या काले रंग का होता है. सर्दियों की शुरुआत में मिजोरम,मणिपुर,त्रिपुरा,गुजरात, मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ, महाराष्ट्र सहित अनेक भारत के राज्यों में black tailed godwit को देखा जा सकता है.

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black tailed godwit

Image-WIKIPEDIA

मादा द्वारा दिए गये तीन से छह अंड़े ऑलिव-ग्रीन (olive-green) से गहरे भूरे रंग के होते है. जो 55 मिलीमीटर लम्बा तथा 37 मिलीमीटर चौड़ा होता है. अंड़े का वजन 39 ग्राम तक हो सकता है. जिन्हें सेने (Incubation) में 22–24 दिन का समय लगता है. सेने की प्रक्रिया दोनों नर और मादा द्वारा की जाती है. विश्वभर में इनकी कुल आबादी लगभग 634,000 से 805,000 है और इसे Near Threatened के रूप में वर्गीकृत किया गया है. इन लंबे समय तक रहने वाली प्रजातियों को प्रजनन के मौसम के दौरान दबाव से खतरा है और दुनिया के कुछ हिस्सों में, वार्षिक अस्तित्व में कमी आई है. यूरोपीय देशों में सिर्फ फ्रांस में ही इनका शिकार किया जाता है, इनकी अनुमानत: वार्षिक मृत्‍यु दर 6,000 से 8,000 है. यह पश्चिमी यूरोपीय आबादी पर अतिरिक्त दबाव डालता है, और यूरोपीय आयोग द्वारा अपने सदस्य राज्यों के बीच इन पक्षियों के प्रबंधन हेतु विशेष योजना बनाई गयी है. इंग्लैंड में, गोडविड को प्रथम सूची के लिए बेशकीमती माना गया है. 

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अफ्रीका, यूरोप, मध्य पूर्व, मध्य एशिया, ग्रीनलैंड (Greenland) और कनाडाई द्वीपसमूह (Canadian Archipelago) में प्रवासी जल-पक्षियों और उनके आवासों के संरक्षण हेतु अफ्रीकी-यूरेशियन माइग्रेटरी वॉटरबर्ड्स ((African-Eurasian Migratory Waterbirds) नामक एक समझौता किया गया है. AEWA समझौते में फ्रांस में पांच सालों तक गॉडविट्स के आखेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जिसे अगले पांच सालों के लिए ओर बढ़ा दिया गया. हालांक‍ि आइलैंडिका को लिमोसा गॉडविट्स से अलग करना कठिन है और क्योंकि यह पक्षी मिश्रित झुंड में रहते हैं. वैज्ञानिक कई वर्षों से दोनों उप-प्रजाति के ब्लैक-टेल्ड गॉडविट का रंग-अंकन कर रहे हैं और बर्डवॉचर्स (Birdwatchers) लिमोसा के सापेक्ष खतरे का आकलन करने में मदद कर सकते हैं.

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