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“Building a Climate Resilient Gujarat” के अंतर्गत भावी पीढ़ी को ग्रीन-क्लीन- एन्वायर्नमेंट देने का संकल्प

CM attends Building a Climate Resilient Gujarat
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जलवायु परिवर्तन की विभिन्न चुनौतियों के बावजूद गुजरात ने पर्यावरण को प्राथमिकता देते हुए  विकास की नई परिभाषा लिखी: मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल ने “Building a Climate – Resilient Gujarat” के अंतर्गत कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने COP-26 में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘पंचामृत लक्ष्य’ के अंतर्गत पाँच लक्ष्य घोषित किए हैं। इन लक्ष्यों में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य वर्ष 2070 तक भारत को कार्बन उत्सर्जन मेंनेट ज़ीरो बनाना भी है। गुजरात इस लक्ष्य को हासिल करने में नेतृत्व करने के लिए सज्ज है। इस पंचामृत लक्ष्य के अंतर्गत वर्ष 2030 तक के लक्ष्य को ध्यान में रख कर गुजरात ने नया स्टेट एक्शनप्लान तैयार किया है। राज्य सरकार ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करने के संकल्प के साथ नई नीतियाँ बनाई हैं। इसमें भी स्वच्छ, शुद्ध तथा ग्रीन-क्लीनएन्वायर्न्मेन्ट, जल संरक्षण सहित सर्वग्राही विषयों के चिंतन-मनन को प्राथमिकता दी गई है।

भावी पीढ़ी को ग्रीन-क्लीनएन्वायर्नमेंट देने का संकल्प: 

भावी पीढ़ी को ग्रीन-क्लीनएन्वायर्नमेंट देने का संकल्प लेते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तनकी चुनौतियों के विरुद्ध सक्षम परिणामदायी उपायों से सुसज्ज गुजरात का निर्माण ही हमारा सामूहिक संकल्प तथा हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता है। इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ MoUs भी किए गए। इन संस्थानों में यूनिसेफ़, ICLEI, IIM-अहमदाबाद, IIT-गांधीनगर, MS यूनिवर्सिटी-वडोदरा, अहमदाबाद यूनिवर्सिटी, PDPU, साइंससिटी, तकनीकी शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, नवसारी कृषि यूनिवर्सिटी, सुज़लॉन गुजरात विण्डपार्क लिमिटेड आदि शामिल हैं।

जलवायु परिवर्तन विभाग के बजट में हो रही निरंतर वृद्धि, गुजरात ने रिन्यूएबल-ग्रीन एनर्जी-वॉटरकंज़रवेशन-इलेक्ट्रिकमोबिलिटी जैसे सफल आयामों से जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को अवसर में बदला और भावी पीढ़ी को ग्रीन-क्लीनएन्वायर्नमेंट देने के लिए सामूहिक संकल्प की आवश्यकता: श्री भूपेन्द्र पटेल मुख्यमंत्री

जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती है और पूरा विश्व इस चुनौती का सामना कर रहा है: शिक्षा मंत्री श्री जीतूभाईवाघाणी

शिक्षा मंत्री श्री जीतूभाईवाघाणी कहा कि वर्तमान राज्य सरकार तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी द्वारा जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में उठाए गए क़दमों को परिणामोन्मुखी रूप से आगे बढ़ा रही है। जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती है और पूरा विश्व इस चुनौती का सामना कर रहा है। ऋतुओं में बदलाव और उसके कारण प्राकृतिक आपदाएँआ रही हैं। इनके लिए जलवायु परिवर्तन ज़िम्मेदार है। साथ ही साथ हमें अनेक प्रकार के रोगों का भी सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि इन सभी के विपरीत परिस्थितियों से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए गुजरात सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। गुजरात राज्य ने कोरोना महामारी की स्थिति में 100 प्रतिशतटीकाकरण किया है। 100 प्रतिशतऑफ़लाइन शिक्षा भी शुरू की गई है। विद्यार्थी स्कूल-कॉलेजों में जाकर अपनी रचनात्मक कलाओं का विकास करें इसके लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।

आगामी दिनों में शिक्षा विभाग भी जलवायु परिवर्तन को एक विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने का विचार

आगामी दिनों में शिक्षा विभाग भी जलवायु परिवर्तन को एक विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए विचार कर रही है। वन एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री श्री किरीटसिंहराणा ने कहा कि वर्ष 2009 में तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी ने पर्यावरण एवं ग्लोबलवॉर्मिंग को बढ़ने से रोकने के विषय पर विचार-मंथन कर जलवायु परिवर्तन विभाग की शुरुआत की थी। इस विज़न को एक मिशन के रूप में शुरू किया और अनेक योजनाओं व पहलों के ज़रिये युवा एवं नागरिकों को जोड़ा। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए युवा वर्ग को छात्रकाल से ही जागृत किया गया, जिसमें गुजरात में शुरू किए गए स्टार्टअपइनोवेशनके चलते आज 6 हज़ार से अधिक स्टार्टअप कार्यान्वित हुए हैं। युवा नई तकनीक के उपयोग से नवीन विचारों को साकार करने का काम कर रहे हैं।

इस जागृति अभियान में समग्र विश्व में गुजरात अग्रसर

दैनिक जीवन में उपयोग किए जाने वाले संसाधनों से हमारे पर्यावरण में आने वाले फेर-बदलों पर विचार कर, आज युवा नवीन अभिनव संसाधनों को विकसित कर जलवायु परिवर्तनकी चुनौतियों से निपटने में सहयोग दे रहे हैं। इस जागृति अभियान में समग्र विश्व में गुजरात अग्रसर रहा है। सबके साथ और सहयोग से हम पर्यावरण को ग्लोबलवॉर्मिंग तथाजलवायु परिवर्तनके विपरीत प्रभाव से बचा सकते हैं।  पृथ्वी के वातावरण में फेरबदल होने का उल्लेख 17वीं सदी के पुराणों में भी किया गया था। भूमि एवं जल का क्षरण हो रहा है, जो आने वाले दिनों में पृथ्वी के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। 

यहां पढ़ें: मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल द्वारा S. N. A. के इलेक्ट्रॉनिक फंड फ्लो एप्लीकेशन का नया मॉडल-2 लॉन्च

जलवायु परिवर्तन की समझ लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से 6 विभिन्न डॉक्यूमेंट्री का विमोचन

प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण का रक्षण-संरक्षण करेगा और पर्यावरण को बचाने का प्रयास करेगा, तो आने वाली पीढ़ियों को हम सुरक्षित पर्यावरण दे सकेंगे। इसके लिए हमें गंभीर होने की ज़रूरत है. जलवायु परिवर्तन की समझ लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से इस विषय से जुड़ी 6 विभिन्न डॉक्यूमेंट्री का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में किया। इसके साथ ही बच्चों तक जलवायु परिवर्तन की वैज्ञानिक समझ पहुंचे इसके लिए मुख्यमंत्री ने अपने कर कमलों से वेबिनारलॉन्चिंग, गुजरात की परम्परागत पुस्तक का विमोचन, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी विभिन्न स्टडीरिपोर्ट्स का विमोचन और शिक्षा विभाग द्वारा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शिका ‘विद्यासुरभि’ का भी विमोचन किया। 

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