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Homeन्यूजदेश की राजधानी दिल्ली में भी गहरा सकता है बिजली संकट, सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

देश की राजधानी दिल्ली में भी गहरा सकता है बिजली संकट, सीएम केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

Kejriwal On Coal Shortage
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देश की राजधानी दिल्ली में भी कोयले की कमी (Coal Shortage) की वजह से बिजली संकट गहरा सकता है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने इस बात की जानकारी दी है कि कोयले (Coal Shortage) का कितना स्टॉक बचा है, साथ ही तीन मांग भी की है.

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि दिल्ली को बिजली संकट (Power Crisis) का सामना करना पड़ सकता है, हालात पर मैं नजर रख रहा हूं. साथ ही सीएम केजरीवाल (CM Kejriwal) ने पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है.

उन्होंने ये भी लिखा है कि दादरी और झज्जर पावर प्लांट में दूसरे पावर प्लांट से कोयला भेजें, दिल्ली में लगे गैस आधारित पावर प्लांट को पर्याप्त गैस सप्लाई की जाए और प्रति यूनिट बिजली बेचने की अधिकतम कीमत तय की जाए. ये वो तीन मांगें है जो केजरीवाल ने रखी है.

कोयला संकट खड़ी कर सकता है बड़ी परेशानी 

जानकारी की बात ये है कि कुल 135 थर्मल पावर प्लांट्स जो कोयले से संचालित होते हैं, उनमें से 70-72 प्लांट्स ऐसे है जहां चार दिनों से कम का स्टॉक बाकी रह गया है, इसके अलावा 48-50 प्लांट्स ऐसे है जिनमें सिर्फ 5-10 दिनों तक का कोयला शेष बचा है. वहीं देश के 13 प्लांट्स ही ऐसे बचे हैं जिनमे 10 दिनों से ज्यादा समय का कोयला बचा है. ये जानकारी कुछ दिन पहले सामने आई थी.

Coal Shortage

Image Courtesy: Google.com

ये भी पढ़ें: भारत में गहराया बिजली संकट, देश में सिर्फ चार दिनों का ही कोयले का स्टॉक बचा

40 नए कोयला खदानों की होगी नीलामी 

इसके बाद से ये कहा जा रहा है कि कोयले की वजह से बिजली संकट उत्पन्न हो सकता है. इसी संकट से निपटने के लिए दिल्ली में सीएम केजरीवाल ने बैठक की और पीएम मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है. इन सबके बीच जानने वाली बात ये भी है कि कोयला मंत्रालय 40 नए कोयला खदानों की नीलामी की अगले दौर की प्रक्रिया की शुरुआत करेगा. सरकार का कहना है कि इन नीलामियों से आत्मनिर्भर भारत के विजन को और ज्यादा मजबूती देने में मदद मिलेगी, क्योंकि इससे भारत में कोयले के आयात में कमी दूर होगी और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्तित होगी.

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