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कोरोना की वजह से सुरत टेक्सटाइल कारोबार ठप्प

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कोरोना संक्रमण का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि हर क्षेत्र में नजर आ रहा है। फिर चाहे कारोबार क्षेत्रों की बात करें या फिर औद्योयोगिक क्षेत्र हो। हर जगह मंदी का माहोल छाया हुआ है। कोरोना का असर सिर्फ नागरिकों तक ही सीमित नहीं है। कोरोना का कहर चारों ओर फैला हुआ है। सुरत में कोरोना की दूसरी लहर बहोत ही घातक साबित हुई है। कोरोना की इस लहर में बड़ी तादात में लोगों की मृत्यु हुई है। बहुत से लोगों ने अपनों को खोया है। इसके साथ ही सुरत का सबसे बड़ा कपड़ा व्यापार भी ठप्प हो चुका है। 

सुरत देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल कारोबार 

सुरत के कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने कोरोना जैसी महामारी के बीच अपना व्यापार भी गंवा दिया है। बहोत से लोगों के रोजगार की आमदनी ठप्प हो चुकी है। हांलाकी सुरत देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल व्यापार (Surat Textile Market) का बाजार है। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस बाजार को अपनी चपेट में ले लिया है। जिस वजह से सुरत का टेक्सटाइल कारोबार पूरी तरह ठप्प हो चुका है।
देखें यह वीडीओ: 

350 करोड़ टर्न ओवर का टेक्सटाइल मार्केट ठप्प 

सुरत का टेक्सटाइल मार्केट से प्रतिदिन 350 करोड़ रुपये का टर्न ओवर होता है। जो कि कोरोना महामारी की वजह से पूरी तरह से ठप्प हो चुका है। सूरत में 65 हजार से ज्यादा दुकाने है और 60 हजार से ज्यादा व्यापारी है। सूरत से पूरे देश में कपड़ों की डिलीवरी होती है। जिस वजह से रोजाना 350 करोड़ से ज्यादा टार्न ओवर होता है। लेकिन आज सब  बंध पड़ा हुआ है। जिस वजह से बहोत बड़ी आर्थिक समस्या सामना करना पड़ रहा है। देश का सबसे बड़ा सूरत टेक्सटाइल बाजार फिर से एक बार बड़ी मंदी का सामना कर रहा है। 

कोरोना से टेक्सटाइल कारोबार ICU में

देखा गया है कि जो लोग कोरोना की चपेट से यदि बच भी गए हैं लेकिन आर्थिक मंदी से बच नहीं पा रहे हैं। इसी तरह से सुरत का टेक्टाइल बाजार भी ऐसी ही मंदी का सामना कर रहा है। व्यापारी घर पर बैठे हुए हैं। दुकानें बंद होने के कारण व्यापारी मंदी का सामना कर रहे हैं। टेक्टाइल बाजार को बंद हुए पिछले 1 महीने से ज्यादा समय हो चुका है। सुरत समेत पूरे गुजरात में कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने बड़ी तबाही मचाई है। अस्पतालों में कोरोना के केसों की संख्या भी दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसको कंट्रोल में करने के लिए राज्य सरकार ने कई शहरों में लोक डाउन लगा दिया है। दुकाने खोलने से मना किया है। जिस वजह से व्यापारी सुरत ना ही आ रहे हैं और ना ही माल सामान ही हेर-फेर हो पा रही है। जिस वजह से बाजार घाटे में जा रहा है। 

दिनेश कटारिया ( सदस्य , फोस्टा) Surat

दिनेश कटारिया ( सदस्य , फोस्टा) ने बताया कि, 65,000 से ज्यादा दुकानें हैं। यदि पर डे एक व्यापारी का 50,000 जितनी इनकम एक दिन कि गिनते हैं तो, पूरे मार्केट का टर्न ओवर कम से कम 300 से 400 करोड़ जितना होता है। लेकिन अभी बाजार पूरी तरह से ठप्प है।  मार्केट अभी भी चालू नहीं है, लेकिन मार्केट चालू भी होगा तो लेबर नहीं है ओर मार्केट कब पटरी पर आएगी इसका अंदाज लगाना काफी मुश्किल है। शादी ब्याह में जो हमने तैयार किया था अब वो सब कपडो की फैशन चली जाएगी। तो ये माल तो वेस्ट जाएगा। क्यूंकी ग्राहक को भी हर समय नई नई फैशन चाहिए होती है। इसलिए नुकसान तो करोड़ों को हुआ है। कई सारे प्रश्न अभी भी हैं”। 
हालांकि, सूरत समेत गुजरात में तो कोरोना के केस बढ़ाना कम हो चके हैं।लेकिन देश के दूसरे राज्यो की स्थिति आज भी बेहद गंभीर बताई जा रही है। इसलिए सूरत समेत गुजरात आने वाले दिनों में शरू हो भी जाएगा पर सूरत का टेक्सटाइल बाजार शूरू होते हुए भी बंद जैसी स्थिति में रहेगा।
कपड़े व्यापारियों का कहना है कि मार्च से लेकर मई महीने के बीच रमजान और शादियों के सीजन होने की वजह से कपडों की खरीदी अधिक होती है। ऐसी परिस्थिति में कोरोना की दूसरी लहर ने व्यापारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। 
कोरोना काल के दौरान सुरत के कपड़े व्यापारियों का धंधा ठप्प नहीं हुआ है, बल्कि करोड़ों, अरबों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके साथ साथ श्रमिको की रोजी रोटी पर भी भारी मार पड़ी है। दूसरी ओर  छोटे कपड़ा व्यापारी अपना रोजगार का व्यवसाय बदल रहे हैं। आज देश का हर व्यापरी खुद को बेरोजगार महसूस कर रहा है। 

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