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क्या कभी सोचा है आपने भगवान के सामने रोने से क्या होता है, अगर नहीं जानते तो जान लीजिए

cry
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शांताकारं भुजंगशयनं पद्भमनामं सुरेशं

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णंम शुभागंम्

लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं

वंदे विष्णु भवभयहरणं सर्वलोकैकनाथम्

Cry In Front Of God: भगवान विष्णु(Lord Vishnu) को समर्पित इस मंत्र में उनके स्वरूप की स्तुति की गई है, भगवान के स्वरूप को देखकर भक्त भाव विह्ल हो उठते हैं. हाथों में शंख, चक्र और गदा लिए भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप को देखकर भक्तों के आंखों में आंसू आ जाते हैं, लोग ये भूल जाते हैं कि वह भगवान से क्या मांगना चाहते थे. ऐसा आपने प्राचीन काल में तपस्या कर रहे कई भक्तों की कहानी सुनी होगी.

भगवान के पास रोने से क्या होता है

आजकल लोग जंगलों में जाकर तपस्या तो नहीं करते लेकिन इतना जरूर है कि घरों में भगवान की पूजा की जाती है. मंदिरों में जाकर लोग मत्था टेकते हैं, लेकिन क्या कभी आपने ऐसा देखा है कि मंदिर जाते ही लोग भगवान को प्रणाम करते हैं और फिर उनके आंखों(Tears While Worshiping) से अश्रुधारा बहने लगती है. ऐसे में क्या कभी आपने सोचा है कि भगवान के सामने आंखों से आंसू(Tears) बहने यानि रोने से क्या होता है.

cry infront of god

Image Courtesy: Google.com

भगवान के दिव्य स्वरूप का ध्यान

दरअसल जब शुद्ध मन से भगवान के दिव्य स्वरूप का ध्यान करते हैं और उनका स्वरूप आपकी बंद आंखों के सामने होता है तो उनके अद्भूत स्वरूप को देखकर भाव विह्वल हो जाना भी आंखों से आंसू आने का एक कारण हो सकता है. इसके अलावा अगर आपके जीवन में कोई ऐसा कष्ट आता है, आपको ऐसा लगने लगता है कि किसी भी तरह से इस कष्ट से मुक्ति मिले तो आप भगवान को याद करते हैं. आपका भगवान पर विश्वास इतना अटूट होता है कि आप किसी भी संकट के समय अपने माता-पिता की तरह उन्हें याद करते हैं, आपको उनसे यह उम्मीद होती है कि संकटकाल में कोई मार्ग सुझाएंगे चाहे वह किसी भी रूप में हो.

भगवान के पास रोने का ये है मतलब

साथ ही ये भी कहा जाता है कि मंदिर(Temple) के गर्भगृह में संचित ऊर्जा के सामने जब भी कोई व्यक्ति बैठता है तो उसके अंदर की नेगेटिव एनर्जी बाहर आने लगती है और संकटकाल में वह रोने लगता है. इससे भगवान की कृपा उस पर बनी रहती है.

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भगवान वैसे भी संकटकाल में अपने भक्त की रक्षा के लिए नंगे पांव दौड़े चले आते हैं, तो श्रद्धा भक्ति से याद करने पर तो भगवान भक्त के कष्ट जरूर हर लेते हैं. साथ ही ये भी कहा जाता है कि भगवान के सामने रोने(Cry In Front Of God) वाला संसार के सामने कभी नहीं रोता.

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