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दत्तात्रेय जयंती पर जानिए भगवान के जन्म से जुड़ी कहानी, शुभ मुहूर्त में पूजा से दूर होते हैं पितृदोष

dattatreya jayanti
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मार्गशीर्षMargshirsha) यानि अगहन महीने की पूर्णिमा(Purnima) तिथि का कई मायनों में खास महत्व है, इसी तिथि को भगवान दत्तात्रेय की भी जयंती(Dattatreya Jayanti) मनाई जाती है. भगवान दत्तात्रेय ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों के रूप माने जाते हैं. कहते हैं कि पूर्णिमा तिथि के दिन विधि-विधान से इनकी पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. पौराणिक कथाओं में इनके जन्म से जुड़ी कहानी काफी रोचक है.

माता अनुसूया ने की कड़ी तपस्या

एक बार की बात है अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया(Mata Anusuya) की धर्मपरायणता देख देवता भी घबरा उठे. माता अनुसूया ने ब्राह्मा, विष्णु और महेश को पुत्र रूप में प्राप्त करने के लिए कड़ी तपस्या शुरू कर दी. ऐसे में माता पार्वती, लक्ष्मी और सरस्वती ने त्रिदेवों को कहा कि मृत्यलोक जाकर माता अनुसूया की परीक्षा लें.  

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Image Courtesy: Google.com

कुटिया में पधारे त्रिदेव

माता अनुसूया की परीक्षा लेने के लिए त्रिदेव कुटिया में पधारे. त्रिदेव ने भिक्षा की मांग की और कहा कि हम आपसे भिक्षा तभी ग्रहण करेंगगे जब आप निरवस्त्र होकर हमें भिक्षा देंगी. ऐसा सुनकर माता अनुसूया हड़बड़ा गईं. थोड़ी देर विचार करने के बाद जब उन्होंने अभिमंत्रित जल तीनों साधुओं पर डाला तो ब्राह्मा(Brahma), विष्णु(Vishnu) और महेश(Mahesh) तीनों ही शिशु रूप में बदल गए.

माता अनुसूया ने करवाया स्तनपान

अब माता अनुसूया(Mata Anusuya) ने तीनों बालकों को भिक्षा के रूप में स्तनपान करवाया. उधर तीनों देवों के स्वर्ग लोक में नहीं पहुंचने से मां लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती काफी चिंतित हुईं और खुद ही माता अनुसूया के पास पहुंच गई. वहां पहुंचकर देखा कि तीनों देव शिशु रूप में पालने में पड़े हैं.

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Image Courtesy: Google.com

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दत्तात्रेय की पूजा से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

ऐसा देखकर उन्होंने माता अनुसूया से प्रार्थना की, जिस पर माता अनुसूया ने कहा कि त्रिदेवों ने मेरा स्तनपान किया है, इसलिए किसी न किसी रूप में इन्हें यहां रहना होगा. जिसके बाद दत्तात्रेय भगवान(Lord Dattatreya) के रूप में त्रिदेव रहने लगे, जिनके तीन मुख और छह भुजाएं हैं. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन इनकी पूजा करने से पितृदोष(Pitridosh) से मुक्ति मिलती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

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