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Homeन्यूजदेवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग पर बनी समिति ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, कही ये बातें

देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग पर बनी समिति ने सौंपी अंतरिम रिपोर्ट, कही ये बातें

devsthanam board
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पिछले काफी समय से देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग हो रही है. इसे लेकर राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया था.  अब इस समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सीएम पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी है. आपको बता दें कि देवस्थानम बोर्ड चार धाम समेत कई प्रमुथ तीर्थ स्थलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है.  बोर्ड को भंग करने की मांग पर राज्य सरकार की तरफ से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया था.

इस समिति की सिफारिशों के बाद ये तय किया जाएगा कि इस बोर्ड को जारी रखा जाएगा या खत्म किया जाए या फिर इसमें किस तरह के संशोधन किया जाएं. इस समिति का प्रमुख मनोहर कांत ध्यानी को बनाया गया था और इन्होंने ही सीएम पुष्कर धामी को रिपोर्ट सौंपी है. हालांकि समिति ने बोर्ड को लेकर किस तरह की सिफारिशें और सुझाव दिए हैं ये जानकारी भी सामने आ गई है.

पुरोहितों के हितों के संरक्षण के लिए किया गया गठन

समिति के प्रमुख मनोहर कांत ध्यानी ने कहा कि हमें तीर्थ पुरोहितों की समस्याओं का समाधान करना था. हमारे पास बोर्ड को भंग करने का विषय ही नहीं था. इस समिति का गठन पुरोहितों के हितों के संरक्षण के लिए किया गया था.

वहीं पुरोहितों ने इस समिति का बहिष्कार किया है. चार धाम तीर्थ हकहकूकधारी महापंचात के महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि हमने शुरु से ही इस समिति का बहिष्कार किया था. हमें इस समिति पर भरोसा नहीं है. हम  चाहते हैं कि बोर्ड को भंग किया जाए और अगर नहीं किया जाता तो हमारा आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा.

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2019 में पास किया गया था एक्ट

सभी पुरोहितों की बात को समिति की अंतरिम रिपोर्ट में स्थान दिया गया है. अब समिति की अंतरिम रिपोर्ट के बाद सरकार अपना आगे का रुख तय करेगी कि उसे क्या करना है. आपको बता दें कि चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत 51 तीर्थ स्थलों के प्रबंधन की देखरेख का जिम्मा साल 2019 में त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने एक एक्ट पास कर इस बोर्ड को सौंपा था.

इसके बाद से ही इन तीर्थ स्थलों के पुजारी और पंडे इस बोर्ड को हटाने की मांग कर रहे थे. पंडे पुजारियों के लगातार विरोध जताने के बाद सीएम पुष्कर धामी ने इसे खत्म किए जाने के लिए कमेटी बनाई थी. 

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