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Homeनेचर एंड वाइल्ड लाइफआपके लिए ढोल क्या होता है एक संगीत साधन, लेकिन आपसे कहा जाए ढोल एक अदभुत शिकारी है तो?

आपके लिए ढोल क्या होता है एक संगीत साधन, लेकिन आपसे कहा जाए ढोल एक अदभुत शिकारी है तो?

Dhole
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ढोल (Dhole) सुनकर हर किसी को लगता है कि कोई संगीत का साघन है. पर आपसे कहा जाए कि ढोल एक अदभुत शिकारी होता है. तब आप क्यां सोचेगें. ढोल जब-जब शिकार करते है तब कोई शिकार बचके निकल नहीं सकता. (Dhole) ढोल यानी भारतीय जंगली कुत्ता.

एशियाटिक वाइल्ड डोग यानी ढोल. ढोल एक सामान्य आकार का एक जंगली कुत्ता है.  (Dhole) ढोल दूसरे कुत्तों से अलग पड़ते हैं. जैसे कि, मोटी थूथन, नीचले जबड़े में मोलर दांत की कम संख्या और ज्यादा स्तन की संख्या होती है.

dhole-kill

Photograph-ignacio-yufera

इनके फर मोटे और घने होते हैं. जिसका रंग हल्का सुनहरा होता है,तो साथ-साथ पीले से लेकर गहरे लाल-भूरे रंग के होते हैं. ढोल के अंडरपार्ट्स, जैसे कि उसका गला, छाती, पेट, उसके पैरों के अंदरूनी हिस्से और उसके पंजे, हल्के सफेद होते हैं. इसकी आंखें ओरेंज-ब्राउन रंग की होती हैं. इसके गोल कानों में पीला या सफेद फर होते है, और इसकी झाड़ीदार पूंछ में गहरे रंग का एक सिरा होता है.  जो ज्यादातर काला होता है.

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72 किलोमीटर प्रतिकलाक की रफ्तार से दौडनेवाले ढोल 12 से लेकर 18 किलोग्राम तक भारी हो सकते हैं. 16 साल तक जिंदा रहनेवाले भारतीय जंगली कुत्ते 42 से लेकर 55 CM ऊंचे हो सकते हैं. तो 88 से लेकर 113 CM जितने लंबे होते हैं.

Dhole of india

(Dhole) ढोल मध्य एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में रहने वाले जंगली कुत्ते हैं. इसकी सीमा मंचूरिया में अल्ताई पर्वत से दक्षिण की तरफ बर्मा, भारत और मलायन द्विपसमूह के वन क्षेत्रों तक फैली हुई है.

ढोल (Dhole) खुली जगह में रहना पसंद करते हैं. अक्सर दिन के दौरान आराम करते हुए जंगल की सड़कों, नदी के किनारे और जंगल के रास्तों पर पाया जाता है. वे मैदानी इलाकों में घने जंगल की ढलानों, पहाड़ियों और घने जंगलों में भी निवास करते हैं.

ढोल कुत्ते एक पैक बनाकर रहते हैं,जिसमें 5 से 12 कुत्ते एकसाथ रहते हैं.जिसमें एक प्रमुख मादा और  एक प्रमुख नर और उनकी संतान शामिल होती हैं. पैक में ज्यादा नर होते है और एक ही ब्रीडिंग फिमेल होती है. पैक कभी-कभी दूसरे ग्रुप से भी जुड जाता है तब इनका पैक 40 सदस्यों का भी हो सकता है.  

dhole

Photograph-vedansh pandey

एक समूह शिकार करने निकलता है तो एक समूह छौटे बच्चों की देखभाल करता हैं. क्रमबद्ध होने बावजूद सदस्य शायद ही कभी  एक-दूसरे के प्रति गुस्सेल होते हैं. ढोल मुख्य रूप से दिन के शिकारी होते हैं, जो सुबह के शुरुआती घंटों में शिकार करते हैं. चांदनी रातों को छोड़कर, वे शायद ही कभी रात में शिकार करते हैं.  कई घंटों तक अपने शिकार का पीछा कर सकते हैं.

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एक पीछा करने के दौरान, एक या एक से अधिक ढोल अपने शिकार का पीछा करते हुए दौडते हैं. जबकि बाकी का पैक एक स्थिर गति से पीछे रहता है. और शिकार को थका कर एकसाथ हमला करके शिकार का लुफ्त उठाते है. ढोल पानी के पास रहना पसंद करते हैं. भोजन के बाद वे एक पानी की तरफ भागते हैं. कभी-कभी इतना लंबा भागते है कि शिकार को छौडकर पानी के पास भागते हैं.

ढोल (Dhole) ऑमनीवोरस होते हैं,जिसका मतलब वो कुछ भी खा सकते है. आज इंसान जंगल की बेतहाशा कटाई कर रहा है.जिससे इन अदभुत शिकारी जीव के आवास खत्म हो रहे हैं, तो साथ ही इनकी संख्या भी बेहद कम हो रही हैं.

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