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अंगुलियां चटकाने से हो सकते हैं, आपको ये गंभीर रोग!

Cracking knuckles
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अक्सर बहोत से लोगों को ऐसी आदत होती है कि वे अगर किसी सोच में डूबे हुए हैं या फिर खाली बैठे हैं तो अपने हाँथों की उंगलियों को चकाते (Cracking knuckles) रहते हैं। लेकिन आपको बता दें, कि यदि आपकी ऐसी आदत है तो सतर्क रहें। कई महिलाओं और पुरुषों की आदत होती है। अंगुलियां चटकाना, सर्वे के मुताबिक, लगभग 5 से 54% लोग अंगुलियां चटकाते हैं और महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में यह आदत अधिक होती है। लेकिन इस आदत से ऐसी कई बीमारियाँ हो सकती हैं।

आइए जानते हैं कि अंगुलियां चटकाना (Cracking knuckles) स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है? आपको बता दें, अंगुलियां चटकाने से सबसे पहले जिस बीमारी का नाम आता है वह अर्थराइटिस/Arthritis (गठिया) है। आइए जानते हैं क्या है, अर्थराइटिस, इसके लक्षणों के बारे में और घरेलू उचार क्या हैं?   

अर्थराइटिस क्या होता है? (What is Arthritis?)

हमारे शरीर में यूरिक एसिड (Uric acid) की मात्रा अत्यधिक बढ़ने के कारण जो बीमारी होती है, उसे अर्थराइटिस कहते हैं। इस बीमारी में गठिया यानि कि अर्थराइटिस में यूरिक एसिड के क्रिस्ट्ल्स हमारे जोड़ों में जमा होने लगता है।  इस बीमारी की शुरुआत सबसे पहले पैरों से होती है। अर्थात यह रोग वात और रक्त को दूषित करता है। यह बीमारी अनुचित आहार के सेवन से रक्त दूषित होकर वात के सामान्य मार्ग के लिए शरीर में बाधा उत्पन्न करता है तथा वायु और रक्त दूषित होकर सम्पूर्ण शरीर में प्रवाहित होकर विभिन्न लक्षणों जैसे पीड़ा, जलन, लालिमा आदि लक्षण महसूस होने लगते हैं। यह रोग सामान्यत: कम उम्र के लोगों में नहीं पाया जाता है। इसके अलावा आम तौर पर 30 से 50 वर्ष की उम्र के लोगों में असर दिखाता है। इसके अलावा यह बीमारी 40 वर्ष के बाद महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक पाई जाती है। यह रोग वात और रक्त को दूषित करता है। 

Image Credit: Practical Pain management

अर्थराइटिस के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Arthritis)

अर्थराइटिस में जोड़ों में अत्यधिक दर्द एवं किसी भी तरह की हलचल करने में, किसी भी तरह की गतिविधि करने में परेशानी होती है। इस रोग में मुख्य रूप से शरीर की छोटी संधियाँ प्रभावित होती है और उसकी शुरूआत पैर के अंगूठे में दर्द और सूजन से होती है। अर्थराइटिस होने पर पैरों में दर्द होने के अलावा और भी कई लक्षण पाए जाते हैं। 

Image Credit: AngylineEUprocducts

  • इस बीमारी की शुरुआत सबसे पहले पैर से होती है। 
  • मरीज के शरीर के अन्य जोड़ों में तेज दर्द होता है।
  • पैर के अंगूठे के जोड़ों में रेडनेस (Metatarsal–phalangeal joint) और सूजन आना एवं दर्द होना।
  • इसके अलावा मरीज को दर्द के साथ बुखार भी रहता है।
  • जोड़ो में दर्द, जकड़न और सूजन के अलावा मरीज को चलने-फिरने और गतिविधियों में भी तकलीफ होती है। 
  • इसके अलावा यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स शरीर के दूसरे जोड़ो में भी फैल जाते है।
  • और यह दर्द बढ़ता हुआ कोहनी, घुटने, हाथों की अंगुलियों के जोड़ों और टिशु तक पहुँच जाता है।

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जानिए अर्थराइटिस से बचने के उपाय (Prevention Tips of Arthritis)

अर्थराइटिस से बचने के लिए सबसे पहले अपनी जीवनशैली और आहार में में परिवर्तन करना अत्यधिक आवश्यक है। 

Prevention Tips of Arthritis

Image Credit: epainassits.com Cracking knuckles

  • शरीर में यूरिक एसिड (Uric acid) की मात्रा बढ़ने पर मरीज को अत्यधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए।
  • पानी यूरिक ऐसिड को पतला करता है और किडनी को उत्तेजित करता है। जिससे शरीर से यूरिक ऐसिड यूरिन के माध्यम से बाहर निकल जाता है।
  • खाद्य आहार में जैतून के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। यह शरीर के लिए अत्यधिक लाभदायक होता है तथा इसमें VitamiE मात्रा होती है, यह यूरिक एसिड के स्तर को कम करता है।
  • ब्लैक बेरी और चेरी का जूस यूरिक एसिड के स्तर को कम कर जोड़ो और किडनी से क्रिस्टल को दूर करने में अत्यधिक सहायक है। इसमें एंटी ऑक्सिडेंट (Antioxidant) और एंटी इंफ्लैमटोरी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं जो अर्थराइटिस को दूर करने में लाभदायक होता है।
  • अनानास अवश्य खाएं, इसमें मौजूद एंजाइम ब्रोमीलेन में सूजनरोधी गुण होते हैं साथ ही यह यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स को तोड़ने में मददरूप है। 

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अर्थराइटिस से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय (Home Remedies of Arthritis)

  • रोज सवेरे खाली पेट लौकी का जूस अवश्य पियें। 
  • लहसुन से अर्थराइटिस के दर्द में अत्यधिक मिलती है। 
  • मेथी के सेवन से अर्थराइटिस का दर्द दूर होता है। 
  • अजवाइन के पानी का सेवन रोज करना अनिवार्य है। 
  • कैस्टर ऑयल (castor oil) से अर्थराइटिस के दर्द से अत्यधिक राहत मिलती है। 
  • हल्दी वाले दूध के सेवन अवश्य करें। 
  • फाइबर युक्त पदार्थों का सेवन करें जैसे; ब्रोक्ली, कॉर्न, पालक आदि।

Image Credit: Drugwatch Cracking knuckles

  • इसके अलावा गाजर और चुकंदर का जूस पिएँ। 
  • दूध एवं दाल का सेवन न करें, यदि दाल का सेवन करना हो तो छिलके वाली दाल का सेवन करें।
  • दही, चावल, अचार, सूखे मेवे, दाल, पालक, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक के सेवन से बचें क्यूंकी ये सभी चीजें यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाते हैं। 
  • बेकरी के उत्पाद जैसे; पेस्ट्री, कूकिज़ बिल्कुल न खाएँ। क्यूंकी इनमें ट्रांस फेट (Trans Fatty Acid) अत्यधिक होता है। 

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