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Homeन्यूजगुजरात: केवड़िया में महसूस हुए भूकंप के झटके, केंद्र-बिंदु नर्मदा बांध से महज 34Km दूर

गुजरात: केवड़िया में महसूस हुए भूकंप के झटके, केंद्र-बिंदु नर्मदा बांध से महज 34Km दूर

earthquake
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केवड़िया में एक बार फिर भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. जिसका केंद्र-बिंदु नर्मदा बांध से महज 34Km दूर था. केवड़िया में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे 2.7 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए.

2.7 तीव्रता का भूकंप

हालांकि नर्मदा बांध को कोई खतरा नहीं है क्योंकि नर्मदा बांध इतना मजबूत है कि 6.5 रिक्टर पैमाने के भूकंप के झटकों को भी झेल सकता है.

इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च, गांधीनगर के अनुसार, शुक्रवार दोपहर 12:58 बजे केवड़िया में 2.7 तीव्रता का भूकंप आया. हालांकि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर नर्मदा डैम सुरक्षित हैं. लेकिन, रिक्टर पैमाने पर 1.2 की तीव्रता वाले पिछले भूकंप ने इस क्षेत्र को हिला कर रख दिया था.

उल्लेखनीय है कि एक महीने पहले 8 जुलाई को 1.2 तीव्रता के भूकंप ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर नर्मदा डैम को हिला कर रख दिया था. भूकंप का केंद्र नर्मदा बांध से 50 किमी दूर और 18.1 किमी की गहराई में बताया गया था.

 

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220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवा का असर मूर्ति पर नहीं पड़ेगा

  • सरदार सरोवर डैम का डिजाइन और निर्माण रिक्टर पैमाने पर 5 तीव्रता के अनुसार किया गया है और भूकंप का केंद्र सरदार सरोवर डैम से 12 किमी के दायरे में होने पर भी सुरक्षित है.
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए भी कुछ ऐसा ही सख्त नियम अपनाया गया है.
  • भूकंप ने सरदार सरोवर डैम और इसके अन्य हिस्सों को प्रभावित नहीं किया, साथ ही दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को भी प्रभावित नहीं किया. इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक, ये दोनों संरचनाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
  • इतना ही नहीं 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा का असर मूर्ति पर नहीं पड़ेगा. चूंकि प्रतिमा के निर्माण में 85 प्रतिशत तांबे का उपयोग किया गया है, इसलिए यह हजारों वर्षों तक खराब नहीं होगा.

बता दें कि भरूच-नर्मदा में अब तक 50 साल में 23 से ज्यादा भूकंप आ चुके हैं.

23 मार्च 1970 को भरूच में रिक्टर पैमाने पर 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था. जो अब तक का सबसे बड़ा झटका है. भरूच, आमोद, नेत्रंग और नबीपुर 50 वर्षों से भूकंप के एपी केंद्र रहे हैं. नर्मदा जिले के मामले में 20 अक्टूबर 1980 को केवड़िया में 2.6 तीव्रता का भूकंप और 9 जुलाई 1979 को राजपीपला में 2.6 तीव्रता का भूकंप आया था. भरूच-नर्मदा 50 साल में 23 से ज्यादा बार भूकंप की चपेट में आ चुके हैं.

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