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इलेक्ट्रिक वाहन नहीं है भविष्य का विकल्प?

electric vehicle
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पेट्रोल और डिजल कार विश्व के लिए सबसे हानिकारक है. पेट्रोल-डिजल के वाहन बहुत मात्रा में कार्बन उत्सर्जन करते है.  पेट्रोल और डिजल के वाहनों का कार्बन उत्सर्जन करने का रेशियो सबसे ज्यादा है. इस कार्बन से निजात पाने के लिए विश्व के अलग-अलग देशों के वैज्ञानिकों ने अनेक खोज की. इन खोजों में से एक खोज है (electric vehicle) इलेक्ट्रिक वाहन. इलेक्ट्रिक वाहन (electric vehicle) की बात करे तो. इलेक्ट्रिक वाहन (electric vehicle) बहुत कम मेन्टेनन्स में चलते है. साथ में बहुत कम कार्बन उत्सर्जन करते है. तो इसी टेक्नोलोजी का उपयोग करके विश्व के अनेक देशों ने मोटरसायकिल और कार बनाई. जिसे अब धीरे धीरे भारत में भी लाया जा रहा है. भारत की मार्केट में यह वाहन धूम मचा रहे है.

गुजरात की बात करे तो गुजरात सरकार इलेक्ट्रिक मोटरसायकिल और कार्स पर सबसिडी दे रही है. मोटरसायकिल पर 20 हजार की सबसिडी और कार्स पर 1.50 लाख रूपिए की सबसिडी प्रदान कर रहे है. जिससे कार्बन उत्सर्जन घटे. इलेक्ट्रिक मोटरसायकिल और कार्स बेहत कम खर्चे में चलती है लेकिन इसके साथ दिक्कत है चार्जिंग की. (electric car)इलेक्ट्रिक कार्स और मोटरसायकिल का चार्जिंग टाइम बहुत ज्यादा होता है इसलिए बेहत समय लग सकता है.

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विश्व के अनेक देश इलेक्ट्रिक वाहन (electric vehicle) को प्रमोट कर रहे है. भारत देश में भी इलेक्ट्रिक कार्स और बाइक को प्रमोट किया जा रहा है. अलग-अलग प्रकार के ऑफर्स दिए जा रहे है.इलेक्ट्रिक कार्स और मोटरसायकिल के लिथियम की बेटरी से चलती है. लेकिन लिथियम बेटरी से भी पर्यावरण को खतरा हो सकता है. सवाल होगा विश्व के अनेक देश लिथियम बेटरी का प्रयोग करके इलेक्ट्रिक वाहन (electric vehicle) चला रहे है तो खतरा कैसा.

electric vehicle

Image-thelemonfirm.com

लिथियम एक हलकी घातु है. जो पृथ्वी के तल से निकाली जाती है. जिसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.  लिथियम खनन से उत्पन्न सबसे बड़ा पर्यावरणीय खतरा प्रक्रिया द्वारा उपयोग किए जाने वाले पानी की मात्रा है. अनुमानित 500,000 गैलन पानी प्रति टन लिथियम निकाला जाता है. यह हमें खतरे में डाल सकता है. जहां लिथियम का खनन किया जा रहा है. वह जगह पर सूखे या अकाल का कारण बन सकता है. यदि संचालन को नियंत्रित नहीं किया जाता है तो खतरा बढ़ सकता है.

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लिथियम पृथ्वी के तल से निकाल ने के लिए अनेक जंगलों को हम तबाह कर सकते है.  तेजी से बढ़ती मांग के कारण 2016 और 2018 के बीच लिथियम की कीमतें दोगुनी हो गई. लिथियम आयन बैटरी उद्योग के 2017 में वार्षिक उत्पादन के 100 गीगावाट घंटे से बढ़कर 2027 में लगभग 800 गीगावाट घंटे होने की उम्मीद है. लिथियम बेटरी वाले वाहन के फायदे भी  है इसके साथ नुकसान भी है. 

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Image-popularmechanics.com

इलेक्ट्रिक कार्स और मोटरसायकिल का दूसरा उपाय हो सकता है हाइड्रोजन सेल वाहन. जो 0 कार्बन उत्सर्जन करते है.हाइड्रोजन फ्युल वाहन के लिए सबसे बेहतर इंधन है.  साथ में एक्झोस में पानी छोड़ता है. विश्व के अनेक देश अब इलेक्ट्रिक वाहन की जगह पर हाइड्रोजन सेल वाहन को महत्व दे रहे है. क्योंकि हाइड्रोजन पर्यावरण के लिए सबसे फायदेमंद है. 

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