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DIPAM के सचिव बोले- एयर इंडिया के नए ‘महाराजा’ होंगे टाटा संस की खबरें गलत

Air India
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एयर इंडिया को लेकर मीडिया में चलाई जा रही ख़बरों का भारत सरकार ने खंडन किया है. डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट्स एंड पब्लिक असेट्स मैनेजमेंट के सचिव ने जानकारी दी है कि यह ख़बर बिल्कुल गलत है, सरकार अगर ऐसा कोई फैसला लेती है तो मीडिया को इसकी जानकारी दी जाएगी. 

बता दें कि मीडिया में ऐसी ख़बरें चल रहीं थीं कि लंबे समय के बाद अब एक बार फिर एयर इंडिया टाटा के हवाले होगी. ख़बरों के मुताबिक ये दावा किया जा रहा था कि 68 साल के बाद एक बार फिर एयर इंडिया (Air India) टाटा सन्स कंपनी (Tata Sons Company) की होगी. कहा जा रहा था कि एयर इंडिया के लिए टाटा सन्स ने सबसे बड़ी बोली लगाई थी. गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली समिति ने इसे मंजूरी दी है. हालांकि अब इन दावों को सरकार ने खारिज कर दिया है.  

हालांकि जानकारी की बात ये है कि एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप (Tata Group) और स्पाइसजेट (SpiceJet) ने बोली लगाई थी. अभी ये साफ नहीं है कि किसने कितनी बोली लगाई और किसे एयर इंडिया का मालिकाना हक मिलेगा. 

ख़बरों से इतर एयर इंडिया के इतिहास की बात करें तो 1932 में टाटा एयरलाइंस की स्थापना, जेआरडी टाटा (JRD Tata) ने की थी. 29 जुलाई, 1946 में दूसरे विश्व युद्ध के बाद टाटा एयरलाइंस का नाम बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड रख दिया गया था. 1947 में आजादी के बाद सरकार ने 49 फीसदी भागीदारी ले ली थी और उसके बाद राष्ट्रीयकरण भी किया गया था.

2007 में हुआ था इंडियन एयरलाइंस का विलय 

5 अगस्त को संसद के मानसून सत्र में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2020 (31 मार्च, 2020) तक देश के खजाने में 70,820 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. उल्लेखनीय है कि इंडियन एयरलाइंस का वर्ष 2007 में एयर इंडिया में विलय कर दिया गया था.

पहले भी दो एयरलाइन में खरीद चुका है हिस्सेदारी 

आपको बता दें कि टाटा ग्रुप पहले भी दो एयरलाइनों में हिस्सेदारी खरीद चुका है, जिनमें से एक एयरलाइन कंपनी विस्तारा है, जो एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड है और दूसरी कम लागत वाली एयरलाइन एयर एशिया इंडिया है. एयर इंडिया पर करीब 43,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. सरकार एयर इंडिया में पूरी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती थी, जिसके लिए बोली लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लेकिन अभी ये तय होना बाकी है कि किसे इसका मालिकाना हक मिलेगा. 

यह भी पढ़ेंः https://read.ottindia.app/tata-group-submit-financial-bid-for-air-india/

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