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पुलवामा हमले में शामिल महिला आतंकवादी!

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14 फरवरी 2019, का दिन वाकई में हम सभी के लिए ‘ब्लैक डे’ था। हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का साथ देने के लिए कई आतंकवादी शामिल थे। जिनमें एक महिला आतंकवादी भी शामिल थी, जिसने अपने पिता के साथ मिलकर आतंकवादी जैश-ए-मोहम्मद की सहायता की।  

खबर के मुताबिक, मसूद अजहर का भतीजा उमर फारूक 10 महीने में 17 बार इस महिला आतंकवादी के घर पर ठहर चुका था। हालांकि, आतंकवादी पिता और बेटी दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। देखिए इस वीडियो में पुलवामा हमले को लेकर आतंकवादियों द्वारा कैसे रचा पूरा षड्यन्त्र। 

पुलवामा  हमले में : महिला आतंकी की भी संलिप्तता

NIA की चार्जशीट में भी एक महिला आतंकवादी का खुलासा

पुलवामा में आतंकवादी हमले के एनआईए (National Investigation Agency) की चार्जशीट में एक महिला आतंकवादी का खुलासा हुआ जिसने आतंकवादियों की मदद की। जिसमें महिला आतंकी का नाम इंशा जान बताया गया है और वह हमले के मुख्य साजिशकर्ता उमर फारूक के संपर्क में थी। दोनों के बीच लंबे समय तक टेलीफोन पर बातचीत होती रहती थी । इंशा जान के पिता तारिक अहमद शाह उर्फ ​​तारिक पीर को भी इसकी जानकारी थी। पिता और बेटी ने मिलकर कश्मीर आतंकियों के रुकने और ठहरने की सारी व्यवस्थायेँ कारवाई थीं । 23 साल की इंशा जान और उसके पिता तारिक पीर न केवल साजिश के बारे में जानते थे, बल्कि साजिश में पूरी तरह से शामिल थे।

आतंकवादी उमर फारूक और इंशा जान के बीच लगातार फोन पर बात 

इंशा और उसके पिता को एनआईए (NIA) द्वारा 3 मार्च, 2020 को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। देखिए एनआईए का 13,800 पन्नों की चार्जशीट।  

एनआईए : NIA की 13,800 पृष्ठों का आरोपपत्र

कश्मीर में सक्रियता के 10 महीने के भीतर, आतंकवादी उमर फारूक 17 बार इंशा जान के घर पर रुका था। कभी हफ्तों तक ठहरता तो कभी दो-चार दिन के लिए, इंशा के घर पर ही ठहरा करता था। सुरक्षा बलों के साथ झड़प के कुछ घंटे पहले तक उमर फारूक इंशा के संपर्क में था। सुरक्षा बलों की मूवमेंट से लेकर हथियारों की हेरफेर करने और उमर फारूक के साथ मिलकर रेकी करने तक के काम को अंजाम तक इंशा जान ने ही पहुंचाया था। हमले से 1015 दिन पहले आत्मघाती हमलावर ‘आदिल अहमद डार’ का वीडियो भी उनके घर पर बनाया गया था। इंशा और उसके पिता को एनआईए (NIA) द्वारा 3 मार्च, 2020 को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। 

नौवीं कक्षा में पढ़ती इंशा, पिता के द्वारा आतंकवादियों का संपर्क

आतंकवादी उमर फारूक और ईशा जान

ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे तारिक के परिवार में इंशा सबसे छोटी है। इंशा, जो नौवीं कक्षा तक पढ़ी थी, अपने पिता के द्वारा आतंकवादियों के संपर्क में आई थी। तारिक ग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहा था। अप्रैल 2018 में कश्मीर पहुंचने के बाद, आतंकवादी उमर फारूक का विशेष ठिकाना तारिक का घर था। उमर फारूक की अपनी बेटी इंशा के साथ अंतरंगता बढ़ गई थी और तारिक भी अपनी बेटी की प्रेम कहानी के बारे में जानते थे। आतंकी 15 से 20 दिनों से इंशा के घर पर आईईडी  बनाने में व्यस्त था और महिला आतंकवादी खुद इस प्रक्रिया में शामिल थी। तारिक अपने ट्रक में आतंकवादियों को ले आता और ले जाता था। इंशा और उमर फारूक कई बार पुलवामा और श्रीनगर घूमने भी गए थे। 

एनआईए के अनुसार, पुलवामा हमले से कुछ समय पहले जैश के आतंकी और प्रमुख आरोपीओ मे से एक मोहम्मद उमर फारूक के एलाइड और मिज़ान बैंक के तीन खातों में दस लाख रुपये जमा किए गए थेउमर फारूक से संबंधित कुछ अन्य लोगों के बैंक खातों में इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से रुपये ट्रांसफर किये गये थे।

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फिदाईन आदिल अहमद डार द्वारा इस्तेमाल की गई एक कार भी इन रूपियों से खरीदी गई थी। कार आतंकी सज्जाद बट की थी। जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ माने जानेवाले बिजबेहरा के आतंकवादी सज्जाद बट ने 10  दिन पहले कार खरीदी थी। पुलवामा हमले में इस्तेमाल की गई कार के मालिक आतंकवादी सज्जाद बट की 18 जून 2019 को गोली मारकर ढेर कर दिया गया ।

मुद्दे की बात: पुलवामा हमले में कैसे महिला को शामिल कर हमले को अंजाम दिया गया, और भी कई लोग शामिल थे जिनकी चर्चा हम आगे की स्टोरी में करेंगे। तब तक के लिए बनें रहें, हमारे साथ OTT INDIA के साथ। देश दुनिया की खबरों को देखते रहें, पढ़ते रहें.. और OTT INDIA App डाउनलोड अवश्य करें.. 

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