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सियासी किस्सा: जब कल्याण सिंह को जनसभा के दौरान फोन आया, कहा- आपकी सरकार गिर गई

Former UP CM Kalyan Singh
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Former UP CM Kalyan Singh: भाजपा के दिग्गज नेताओं में अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी का नाम सबसे पहले आता है। इन्होने भाजपा के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन यूपी में जब कांग्रेस का एक तरफा राज हुआ करता था, तब कल्याण सिंह (Former UP CM Kalyan Singh) ने वहां से कांग्रेस को हटाकर भाजपा की सरकार बनाकर देश में एक नया सन्देश दिया था। कल्याण सिंह यूपी में भाजपा के पहले सीएम बने। लेकिन उनकी सरकार ज्यादा समय नहीं चली और करीब एक साल बाद कार सेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद का विवादास्पद ढांचा गिराने पर इस्तीफा देना पड़ा।

Kalyan Singh

जब कल्याण सिंह ने मायावती के समर्थन से सीएम बने:

लेकिन कल्याण सिंह 1997 में एक बार फिर मायावती की पार्टी के साथ गठबंधन करके सीएम बन गए। लेकिन कुछ ही महीनों बाद मायावती ने अपना समर्थन वापस लिया। कल्याण सिंह की पार्टी अल्पमत में आ गई। शायद कल्याण सिंह को इस बात का अंदाजा पहले से ही था। जैसे ही मायावती ने अपना समर्थन वापस लिया वैसे ही उन्होंने 21 अन्य विधायकों का समर्थन शामिल कर सरकार को बचा लिया।

Kalyan Singh atal bihari

कल्याण सिंह के पास फोन आया कि ‘आपकी सरकार गिर गई:

लेकिन कल्याण सिंह के लिए मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही थी। साल 1998 में कल्याण सिंह अपने प्रत्याशी के पक्ष में अमरोहा के रहरा में एक जनसभा व्यस्त थे, उसी समय उनको लखनऊ से फोन आता है कि उनकी सरकार गिर गई है और कांग्रेस के जगदंबिका पाल मुख्यमंत्री बन गए हैं। 21 फरवरी 1998 में कल्याण सिंह को राज्यपाल ने बर्खास्त कर दिया था। तत्कालीन गवर्नर रोमेश भंडारी के इस फैसले ने सभी को हैरान कर दिया। जगदंबिका पाल ने रात साढ़े दस बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

jagdambika pal

फिर बना 1 दिन का मुख्यमंत्री:

इतना बड़ा सियासी घटनाक्रम पहले शायद देश की राजनीति में नहीं देखने को मिला था। इस मामले की भनक लगते ही अटल बिहारी वाजपेयी ने मोर्चा खोल दिया और गवर्नर के फैसले के विरुद्ध आमरण अनशन पर बैठे गए थे। फिर मामला हाई कोर्ट तक पहुंच गया, जहां कल्याण सिंह के हक़ में फैसला आने के बाद हाईकोर्ट ने राज्यपाल को बदलने का आदेश दिया। जगदंबिका पाल विधानसभा में अपना बहुमत साबित नहीं कर पाए जिसके चलते उनको मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी छोड़नी पड़ी। इस तरह जगदंबिका पाल उत्तर प्रदेश के सिर्फ एक दिन के मुख्यमंत्री बनकर रह गए।

kalyan singg purv cm

जगदंबिका पाल ‘वन डे वंडर ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स:

जगदंबिका पाल को ‘वन डे वंडर ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स’ कहा जाता है। ये नाम उन्हें इस घटनाक्रम के बाद मिला। कल्याण सिंह के समर्थन में 225 और जगदंबिका पाल को 196 वोट मिले। जबकि कल्याण सिंह के पक्ष के 12 वोटों को स्पीकर ने अयोग्य घोषित कर दिया था। फिर भी कल्याण सिंह के पास पूरा बहुमत होने के कारण दुबारा सीएम की कुर्सी मिली। देश की राजनीति में ऐसा मामला ना तो इससे पहले हुआ ना इसके बाद। यह घटना अपने आप में एक इतिहास बनकर रह गई।

देखे वीडियो:

यहाँ पढ़ें: कल्याण सिंह वो नेता जिनके कारण आज यूपी में बजता है भाजपा का डंका!

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