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Ramsar sites: भारत के चार और wetlands को मिली रामसर स्थल….

Ramasar Wetland
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PIB Delhi: भारत की चार और आर्द्रभूमियों (wetlands) को रामसर सचिवालय से रामसर स्थलों के रूप में मान्यता मिल गई है। ये स्थल हैं: गुजरात के थोल और वाधवाना और हरियाणा के सुल्तानपुर और भिंडावास।

रामसर स्थल क्या है?

Ramsar (रामसर स्थल) वे wetlands हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है। यह स्थान जलप्रवाही पशु पक्षियों के प्राकृतिक आवास, से संबंधित convention है। वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर को आद्रभूमि के रूप में स्थाई उपयोग व संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। आर्द्रभूमि ऐसा स्थान है जहाँ वर्ष में कम से कम आठ महीने तक पानी भरा रहता है। 

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने एक ट्वीट संदेश में इसकी जानकारी देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। 

भारत में रामसर स्थलों की संख्या बढ़ी: 

भारत में रामसर स्थलों की संख्या 46 हो गई है और इन स्थलों से आच्छादित सतह क्षेत्र अब 1,083,322 हेक्टेयर हो गया है। जहां एक ओर हरियाणा को पहली रामसर साइट मिली है, वहीं गुजरात को नलसरोवर के बाद तीन और स्थल मिल गए हैं, जिसे 2012 में अंतर्राष्ट्रीय आर्द्रस्थल घोषित किया गया था।

रामसर का उद्देश्य,

“आर्द्रभूमि के एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय तन्त्र (नेटवर्क) को विकसित करना और सुरक्षित बनाए रखना है जो वैश्विक जैविक विविधता को संरक्षित करने  और सुरक्षित  रखने के साथ ही मानव जीवन की अपने इको-सिस्‍टम के घटकों, प्रक्रियाओं और लाभों के रखरखाव के माध्यम से सहेजे रखने के लिए “भी  महत्वपूर्ण हैं।

wetlands

wetlands ज़रूरी , Image credit: Twitter 

इन कारणों से wetlands हैं ज़रूरी, 

  • ये क्षेत्र पानी का एक प्रमुख स्रोत हैं और मीठे पानी की हमारी मुख्य आपूर्ति wetlands हैं
  • आर्द्रभूमि वर्षा को सोखने और भूजल को फिर से उसी स्तर पर लाने में मदद करती है।
  • आर्द्रभूमियों से (wetlands) भोजन, पानी, रेशा (fibre), भूजल का पुनर्भरण (groundwater recharge), जल शोधन (water purification), बाढ़ नियंत्रण, भूमि के कटाव का नियंत्रण को रोकता है
  • और जलवायु विनियमन जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों और इको-सिस्‍टम सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्राप्त होती हैं

भारत के चार wetlands अब रामसर स्थलों के नाम से जाने जाएँगें: 

Bhindawas Wildlife Sanctuary

भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य, हरियाणा की सबसे बड़ी ऐसी आर्द्रभूमि है जो  मानव निर्मित होने के साथ ही मीठे पानी वाली  आर्द्रभूमि है। 250 से अधिक पक्षी प्रजातियां पूरे वर्ष इस अभयारण्य का उपयोग  अपने विश्राम एवं प्रजनन स्थल के रूप में करती हैं। यह साइट Egyptian Vulture, Steppe Eagle, Pallas’s Fish Eagle, and Black-bellied Tern सहित विश्व स्तर पर दस से अधिक खतरे में आ चुकी प्रजातियों को शरण देती है।

Bhindawas Wildlife

Bhindawas Wildlife Sanctuary Image source: Twitter

Sultanpur National Park, Haryana

हरियाणा का सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान मिलने वाले पक्षियों, शीतकालीन प्रवासी और स्थानीय प्रवासी जलपक्षियों की 220 से अधिक प्रजातियों की उनके अपने जीवन चक्र के महत्वपूर्ण चरणों में आश्रय देकर सम्भरण करता है। इनमें से दस से प्रजातियाँ अधिक विश्व स्तर पर खतरे में आ चुकी हैं, जिनमें अत्यधिक संकट में लुप्तप्राय होने की कगार पर आ चुके मिलनसार टिटहरी (लैपविंग) और Egyptian Vulture, Saker Falcon, Pallas’s Fish Eagle and Black-bellied Tern शामिल हैं।

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Thol Lake Wildlife Sanctuary,Gujarat

गुजरात की थोल झील वन्यजीव अभयारण्य पक्षियों के मध्य एशियाई उड़ान मार्ग (फ्लाईवे) पर स्थित है और यहां 320 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जा सकती हैं। यह आर्द्रभूमि 30 से अधिक संकटग्रस्त जलपक्षी प्रजातियों की  शरण स्थली भी है, जैसे कि अत्यधिक संकट में आ चुके White-rumped Vulture and Sociable Lapwing, and the vulnerable Sarus Crane, Common Pochard and Lesser White-fronted Goose. 

wetlands

wetlands

Wadhvana Wetland, Gujarat

गुजरात में वाधवाना आर्द्रभूमि (वेटलैंड) अपने पक्षी जीवन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रवासी जलपक्षियों को सर्दियों में रहने के लिए उचित स्थान प्रदान करती है। इनमें 80 से अधिक ऐसी प्रजातियां हैं जो मध्य एशियाई उड़ान मार्ग (फ्लाईवे) में स्थान-स्थान पर प्रवास करती हैं। इनमें कुछ संकटग्रस्त या संकट के समीप आ चुकी प्रजातियां शामिल हैं जैसे Pallas’s fish-Eagle, the vulnerable Common Pochard, and the near-threatened Dalmatian Pelican, Grey-headed Fish-eagle and Ferruginous Duck. 

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इन स्थलों (साइटों) का बुद्धिमत्ता से उपयोग सुनिश्चित किए जाने  के लिए राज्यों के आर्द्रभूमि प्राधिकरणों (State Wetland Authorities) के साथ मिलकर काम करेगा।

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