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Omicron Variant से बचाव के क्या हैं उपाय, क्या इससे तीसरी लहर की आशंका है, जानें सभी सवालों के जवाब

Omicron Variant
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कोरोना के नए वैरिएंट(Omicron Variant) को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ये वैरिएंट है क्या, वैरिएंट होता क्या है, यह कितना घातक है और इससे कैसे बचा जा सकता है. इन सभी सवालों का जवाब केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 26 नवंबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड 19 के इस नए वैरिएंट को ओमिक्रॉन (बी.1.1.529) रखा है, जो सार्स-कोव-2 का एक नया वैरिएंट है.

दक्षिण अफ्रीका में तेजी से बढ़ रहे मामले

24 नवंबर 2021 को दक्षिण अफ्रीका में इस नए वैरिएंट(Omicron Variant) के बारे में जानकारी मिली. इसे अल्फा, बीटा और डेल्टा जैसे ग्रीक अक्षरों के आधार पर नाम दिया गया है. जिसमें बड़ी संख्या में म्यूटेशन (परिवर्तन) देखने को मिलता है. दक्षिण अफ्रीका में तेजी से बढ़े इसके मामले की वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे चिंताजनक वैरिएंट की संज्ञा दी है.

ओमिक्रॉन वैरिएंट का कैसे चलता है पता

फिलहाल कोरोना जांच के लिए आरटी-पीसीआर(RT-PCR) के साथ-साथ अन्य टेस्ट भी किए जाते हैं. आम तौर पर इसकी पहचान के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है. जिसके माध्यम से वायरस में कई तरह के विशिष्ट जीन का पता लगाती है. इसमें सबसे ज्यादा संख्या में स्पाइक एस होता है. इसके बाद इसकी फाइनल पुष्टि के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग की जरूरत पड़ती है.

कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन वैरिएंट

ओमिक्रॉन(Omicron Variant) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वीओसी(VOC) घोषित किया है. लेकिन फिलहाल वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं. इसके निदान या टीके की प्रभावशीलता के बाद ही ये पता चल पाएगा कि ये वैरिएंट कितना खतरनाक है. ऐसे में वैज्ञानिक अध्ययन के बाद इस बात की पुष्टि होगी कि इसका खतरा कितना ज्यादा है, लेकिन मौजूदा दौर में इसका संक्रमण तेजी से फैलने वाला है.

Omicron Variant In India

Image Courtesy: Google.com

ओमिक्रॉन से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतें

कोरोना काल में जिस तरह की सावधानियां लोगों ने बरती है, जिस तरह कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया है, उसे फॉलो करने की जरूरत है. चेहरे पर ठीक से मास्क लगाना, वैक्सीन की दोनों डोज लगाएं, अगर अभी भी वैक्सीन नहीं लगवाई तो वैक्सीन जरूर लगवाएं. जहां तक संभव हो, लोगों से दूरी बनाकर रखें और घर को हवादार बनाने की कोशिश करें. इस बात पर अभी कोई रिसर्च सामने नहीं आया कि मौजूदा टीके इस वैरिएंट के खिलाफ कारगर होंगे या नहीं. लेकिन इसके असर को जरूर कम कर सकते हैं.

ओमिक्रॉन वैरिएंट से क्या तीसरी लहर की आशंका

दक्षिण अफ्रीका में चूंकि इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में भारत समेत अन्य देशों में तेजी से इसके फैलने की आशंका है. हालांकि फिलहाल वैज्ञानिक अध्ययन के अभाव में इसकी गंभीरता का बारे में विशेष जानकारी नहीं है लेकिन फिर भी तेज वैक्सीनेशन और डेल्टा वैरिएंट के उच्च जोखिम को देखते हुए इसका खतरा कम होने की उम्मीद है. भारत सरकार ने इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी की है और टेस्टिंग पर जोर दे रही है.

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वैरिएंट क्या होता है

आम तौर पर वायरस का संक्रमण जब बढ़ता है तो वह अपनी प्रतिकृति जिसे सामान्य भाषा में आप फोटोकॉपी कह सकते हैं बनाने लगते हैं, जिससे वह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जाते हैं. जब तक ये संक्रमण फैलाने में सक्षम हैं, इनके वैरिएंट विकसित होते रहते हैं. इनमें से सभी खतरनाक नहीं होते ना ही उनका पता चल पता है. जब ज्यादा ये ज्यादा लोगों को संक्रमित करने लगते हैं तब वैरिएंट का पता चलता है, मतलब ये एक तरह से उसी का नया स्वरूप होता है.

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