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Homeभक्तिऐसा मंदिर जिसकी ब्रह्माजी ने स्वयं की थी स्थापना, कछुए के रूप में भगवान विष्णु साक्षात विराजमान

ऐसा मंदिर जिसकी ब्रह्माजी ने स्वयं की थी स्थापना, कछुए के रूप में भगवान विष्णु साक्षात विराजमान

Hatkeshwar Mhadev
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Hatkeshwar Mahadev (हाटकेश्वर महादेव): महेसाणा जिले के वडनगर में विराजमान हैं हाटकेश्वर महादेव, लगभग 2000 वर्ष प्राचीन मंदिर का उल्लेख स्कन्दपुराण में भी किया गया है। शिवालय में स्थापित सभी शिवलिंग की पूजा अर्चना भारतीय संस्कृति और पौराणिक मान्यताओं के तहत की जाती है।

आकाशे तारकम लिंगम, पाताले हाटकेश्वरम।

मृत्युलोके महाकालं, त्रियलिंगम नमोस्तुते॥

अर्थात- तीनों लोकों के (आकाश-पाताल एवं धरती) अलग-अलग अधिपतियों में समस्त मृत्युलोक के अधिपति के रूप में महाकालेश्वर को नमन।  

hatkeshwar mandir

Hatkeshwar Mahadev, Image OTT India 

पौराणिक लोककथा के अनुसार हाटकेश्वर मंदिर का इतिहास दो हजार वर्ष पुराना है, वडनगर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना स्वयं ब्रह्माजी द्वारा की गई थी। 17वीं शताब्दी में वडनगर के नागर ब्राह्मणों ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। कहा जाता है भव्य शिवालय में स्वयं भू शिवलिंग स्थापित है।  

हाटकेश्वर अर्थात स्वर्ण- पृथ्वी के भूगर्भ में मौजूद बहुमूल्य रत्नों के स्वामी 

ऐसी मान्यता है कि पाताल लोक में हाटकी नदी के समीप एक शिव मंदिर था। उसी के नाम से इसका नाम हाटकेश्वर महादेव पड़ा। हाटकेश्वर का अर्थ स्वर्ण होता है। अर्थात पृथ्वी के अंदर मौजूद बहुमूल्य रत्नों के स्वामी हाटकेश्वर महादेव हैं।  भव्य तीर्थ स्थल हाटकेश्वर मंदिर का निर्माण भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय शैली के आधार पर किया गया है। मंदिर की दीवारों पर शिल्पकला के जरिए महाभारत, समुद्र मंथन जैसी प्राचीन आकर्षित कलाकृतियां की गई है।  

यहां पढ़ें: गौहत्या के कलंक से मुक्ति पाने लिए करवाया गया था इस विशाल मंदिर का निर्माण!

कछुए के स्वरूप में भगवान विष्णु

कछुए के स्वरूप में भगवान विष्णु-Image OTT India

कछुए के स्वरूप में भगवान विष्णु हैं विराजमान (Hatkeshwar Mahadev)

शिवालय में शिवलिंग के साथ कछुए के स्वरूप में भगवान विष्णु भी विराजमान हैं। शिव जी के  प्रिय वाहन नंदी महाराज भी मंदिर में विराजमान हैं। परिसर में अन्य देवगण बहुचर माँ, जगत जननी अम्बा, दानेश्वर, तारकेश्वर, रवेश्वर, चमकेश्वर, सोमनाथ, पटालेश्वर, जाकेश्वर, मुक्तेश्वर पंचनाथ महादेव विराजमान हैं। पवित्र तीर्थ स्थान पर शुक्ल पक्ष की चौदस के दिन हाटकेश्वर जयंती मनाई जाती है। 

हाटकेश्वर महादेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुलदेवता 

शिवरात्रि के दौरान मंदिर में ट्रस्ट द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और हाटकेश्वर दादा की पालकी यात्रा सुसज्जित कर नगरचर्या के लिए निकाली जाती है। एकादशनी रुद्राभिषेक करने से मनोवांक्षित स्वर्णाभूषण की प्राप्ति होती है। समग्र भारत देश से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की सुविधाएं ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध है। हाटकेश्वर महादेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुलदेवता भी हैं।   

भव्य तीर्थस्थान हाटकेश्वर महादेव के दर्शन करने आप भी अवश्य पधारें। 

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देखें यह वीडियो: Anusuya Devi Mandir 

 

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