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योगासन सीरीज में जानेंगे, कैसे पाएं तनाव से मुक्ति कौन सा आसन है लाभदायी!

Bridge Pose
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हमारी रोजमर्रा और भागदौड़ भरी ज़िंदगी से काफी ज्यादा थकान और तनाव जैसी परिस्थितियाँ उत्तपन्न होती जा रही हैं। यह समस्या अब धीरे-धीरे एक बड़ा स्वरूप ले रही है। तनाव की वजह से हमारी कार्यशैली पर भी अत्यधिक प्रभाव पड़ रहा है। तनाव जैसी समस्या अब सिर्फ बड़ों में ही नहीं बल्कि 10-11 वर्ष के बच्चों में भी नजर आने लगी है। लेकिन तनाव जैसी समस्या का सरल और अच्छा समाधान है-योगासन। 

योगासन सीरीज (Yogasana Series) में आज का आसन है- सेतुबंधासन (Setu Bandhasana/ Bridge Pose)। इस आसन के प्रतिदिन प्रयास से जल्द ही तनाव से मुक्ति मिलती है। सेतुबंधासन सभी आयु वर्गों के लिए अत्यधिक लाभकारी है। आइए जानते हैं सेतुबंधासन कैसे किया जाता है? और इस आसन का निरंतर प्रयास करने से कौन-कौन से शारीरिक लाभ होते हैं? 

आखिर क्या है सेतुबंधासन? (What is Setu Bandhasana/Bridge Pose)

सेतुबंधासन दो शब्दों से मिलकर बना है। सेतु यानि की ब्रिज (Bridge), और आसन अर्थ है मुद्रा। इस आसन को करते वक्त शरीर का आकार एक सेतु (ब्रिज) के समान दिखाई देता है। इसलिए इस आसन को सेतुबंधासन या फिर Bridge pose कहते हैं। सेतुबंधासन को पीठ के बल लेटकर किया जाता है। इस आसन को निरंतर करने से Menstrual cycle नियमित रहता है। अर्थात यह आसन महिलाओं सहित सभी आयु के वर्गों लिए लाभदायक है। 

आइए जानते हैं आसन को करने की प्रक्रिया क्या है? और सेतुबंधासन को करने से तनाव के आलावा और कौन कौन से लाभ होते हैं? 

Bridge Pose

Image Source: Health Shots, Bridge Pose

Bridge Pose करने की विधि कुछ इस प्रकार है:- 

  • इस आसन का प्रयास सर्वप्रथम एक सुरक्षित स्थान पर करें। 
  • अब अपनी योगामेट पर पीठ के बल शवासन की स्थिति में लेट जाएँ। 
  • अब अपने पैरों को घुटने की साईड से अंदर की ओर मोड़ें। 
  • और दोनों हाँथों को एकदम सीधी दिशा में रखें। 
  • अब कमर के हिस्से को ऊपर की ओर खींचें। 
  • इस प्रक्रिया के दौरान सांस को निरंतर रखें। 
  • कमर को ऊपर की ओर स्ट्रेच करते हुए हाँथों से अपने पैरों की एड़ी के भाग को पकड़ने का प्रयास करें। 
  • यदि समस्या हो रही है तो अपने हाँथों को कमर का सहारा दे सकते हैं।
  • कमर के भाग को जितना हो सके ऊपर की ओर खींचने का प्रयास करें।  
  • इस तरह एक सर्कल पूरा होता है। 
  • सेतुबंधासन का प्रयास दिन में 3,4 बार करें। 

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Bridge Pose

Bridge Pose, Image Source: Google Image

सेतुबंधासन को करने से तनावमुक्ति सहित कई सारे लाभ होते हैं:- 

  • सेतुबंधासन से पीठ, गर्दन व चेस्ट की मांसपेशियाँ खिंचाव के कारण मजबूत बनती हैं। 
  • यह आसन तनाव को कम करके दिमाग को चिंतामुक्त करता है। 
  • Menstrual cycle को नियमित करता है, तथा कमर दर्द से छुटकारा मिलता है। 
  • अस्थमा, हाई ब्लडप्रेशर, डायाबीटीज जैसी बीमारियों में यह आसन सहायक है। 
  • जिन लोगों को पाचन क्रिया की समस्या है, ऐसी समस्या को यह आसन दूर करता है। 
  • निरंतर प्रयास फेंफडों को स्वस्थ रखता है।
  • यह आसन शरीर को Flexible बनाता है। 
  • सेतुबंधासन (Bridge Pose) ऑस्टियोपोरोसिस व साइनस जैस समस्या के के लिए अत्यधिक लाभकारी है। 

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इस आसन के प्रयास दौरान बरतें सावधानियाँ:- 

  • अत्यधिक कमर दर्द या फिर सर्जरी हो तो इस आसन (Bridge Pose) को करने से बचें। 
  • हार्ट से जुड़ी बीमारी या फिर सर्जरी हो तब भी सेतुबंधासन का प्रयास ना करें। 
  • घुटने में भी किसी प्रकार की तकलीफ या सर्जरी है तो आसन को करने से बचें। 
  • ध्यान दें, आसन का प्रयास करते वक्त अपने शरीर को एकदम सीधी दिशा में रखें। 
  • सिर और हाँथ को बिना हिलाए सीधी दिशा में रखकर प्रयास करें। 

ध्यान दें: यदि योगाभ्यास के दौरान किसी भी तरह की शारीरिक तकलीफ होती है तो योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। 

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