Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Thursday / September 29.
Homeहेल्थयोगासन सीरीज: मत्स्यासन से करें सांस संबंधित समस्याओं का निवारण

योगासन सीरीज: मत्स्यासन से करें सांस संबंधित समस्याओं का निवारण

Matsyasana
Share Now

कोरोना महामारी एक ऐसी बीमारी है जिसमें सांस की समस्या होती है और ऑक्सीजन सबसे महत्वपूर्ण है। ऐसे विकट समय में कोरोना के हर मरीज को ऑक्सीजन की अत्यधिक आवश्यकता रहती है। क्यूंकी कोरोना वायरस शरीर में प्रवेश करके फेनफड़ों में तेजी से फैल जाता है। जिस वजह से हमारे शरीर के लंग्स की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। इसलिए कोरोना काल में वायरस के संक्रमण से बचने के लिए मत्स्यासन का निरंतर प्रयास लाभकारी है। 

योगासन सीरीज (Yogasana Series) में आज का आसन है- मत्स्यासन। यह आसन गर्दन और मांसपेशियों को तनाव मुक्त रखता है। सांस से संबंधित समस्याओं का भी निवारण है, यह आसान और आइए जानते हैं, कैसे यह आसान सांस से जुड़ी गंभीर समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है? कितना है लाभकारी? 

देखें यह वीडीओ: कोरोना वायरस के बदलते रूप 

मत्स्यासन क्या है? (What is Matsyasana/Fish Pose)

मत्स्यासन एक संस्कृत शब्द है। मत्स्य का अर्थ होता है- मछली। आसन का अर्थ है ध्यान मुद्रा। मत्स्यासन (Matsyasana) पीठ के बल लेटकर किया जाता है। इस आसन को करते वक्त शरीर का आकार मछली जैसा प्रतीत होता है इसलिए इस आसन को मत्स्यासन कहा जाता है। यदि इस आसन पानी में किया जाये तो शरीर मछली कि तरह तैरने लग जाता है। मत्स्यासन को इंग्लिश में Fish Pose के नाम से जाना जाता है। यह आसन गले एवं थाइरोइड को कंट्रोल करने में अतिउत्तम है। 

आइए जानते है कि मत्स्यासन कैसे किया जाता है? इसको करने से और कौन-कौन से शारीरिक लाभ होते हैं?  

How to do Fish Pose/Matsyasana Image Credit: Vaidyanama

यहाँ पढ़ें: योगासन से करें दोस्ती, कोरोना से रखें दो गज की दूरी

आइए जानते हैं मत्स्यासन का प्रयास कैसे करें:- (How to do Matsyasana/Fish Pose)

मत्स्यासन को पीठ के बल लेटकर किया जाता है। आसन को करने से सांस से जुड़ी कई बीमारियाँ दूर होती है और भी शारीरिक लाभ होते हैं। आइए जानते है आसन करने की प्रक्रिया के बारे में। 

  • सर्वप्रथम आसन को खुली और सुरक्षित जगह पर पद्मासन में बैठ जाएं । 
  • धीरे धीरे पीठ के बल झुकने का प्रयास करें और लेट जाएं। 
  • बाएं पैर को दाएं हाथ से और दाएं पैर को बाएं हाथ से पकड़ने का प्रयास करें।
  • तथा कोहनियों को जमीन से टिकाकर रखें।
  • ध्यान रखें घुटनों को जमीन से लगाकर रखें। 
  • और सांस की प्रक्रिया को निरंतर बनाए रखें। 
  • इस अवस्था को अपनी सुविधानुसार बनाए रखें। 
  • फिर गहरी सांस छोड़ते हुए विश्राम की स्थिति में आ जाएं। 
  • इस तरह से मात्यसन का एक राउंड पूरा होता है। 
  • प्रतिदिन मात्यसन का प्रयास 4 से 5 बार करें। 

Steps of Matsyasana  Image credit: marathivishvkosh

यहाँ पढ़ें: योगासन सीरीज: धनुरासन है, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी गंभीर समस्याओं में मददरूप

मत्स्यासन करने से कई सारे हैं शारीरिक लाभ: (Benefits of Matsyasana)

मत्स्यासन का प्रतिदिन अभ्यास करने से सबसे पहला लाभ फेनफड़ों को होता है। इसके अभ्यास से हमारे शरीर के फेनफड़े मजबूत बनते हैं और सांस से जुड़ी कई बीमारियाँ जैसे की अस्थमा, दमा, शरीर में ऑक्सीजन की कमी दूर होती है। गहरी और लंबी सांस लेने में सहायक है।  

  • यह आसन गर्दन और छाती में खिंचाव पैदा होता है, जिससे शरीर तनाव मुक्त रहता है।  
  • और मत्स्यासन गर्दन और कन्धों की मासपेशयों को तनाव मुक्त करता है।
  • मत्स्यासन सांस से सम्बंधित समस्याओं का निवारण है। 
  • शरीर की पैराथाइरॉइड (Parathyroid), पीनियल (pineal-gland-feature) व पिट्यूटरी ग्लैंड  pituitary gland को स्वस्थ रखता है।
  • इस आसन के अभ्यास से पेट की चर्बी भी कम होती है। 
  • कब्ज की तकलीफ को दूर करने का यह आसन सबसे ज्यादा लाभदायी है। 
  • मधुमेह को कंट्रोल में करने में यह आसन असरकारक है। 
  • घुटने का दर्द, कमर दर्द के लिए भी मत्स्यासन लाभकारी है। 
  • जिन महिलाओं को गर्भाशय की समस्या है, यह आसन उसका निदान है। 

Woman doing yoga posture in Uppsala, Sweden using blue liforme yoga mat on a white background

यहाँ पढ़ें: योगासन सीरीज: सर्वांगासन सभी आसनों में सर्वश्रेष्ठ क्यूँ है?

ऐसे लोग रहें मत्यसन से सावधान:- (Precautions of Matsyasana)

  • जिन लोगों को रीढ़ से जुड़ी गंभीर बीमारी है ऐसे लोग मत्स्यासन करने का प्रयास ना करें।
  • इसके अलावा हर्निया, और पेप्टिक अल्सर में इस आसन से बचें। 
  • यदि आपको उच्च या कम रक्त-चाप की समस्या है तो मत्स्यासन को करने से बचें।
  • माइग्रेन और इंसोम्निया ग्रसित लोगों को भी मत्स्यासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। 

ध्यान दें: यदि योगाभ्यास के दौरान किसी भी तरह की शारीरिक तकलीफ होती है तो योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। 

जुड़े रहें, योग की इस “योगासन सीरीज” में तब तक के लिए पढ़ते रहें देश और दुनिया की खबरें और बने रहें हमारे साथ OTT INDIA पर.. 

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App
Android: http://bit.ly/3ajxBk4
iOS: http://apple.co/2ZeQjT

No comments

leave a comment