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पानी पर पूर्वजों का ज्ञान आएगा काम!

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भारत में पानी (water) की समस्या किसी से छुपी नहीं है. भूजल का स्तर गिरता जा रहा है. वो अपने आप में ही एक बड़ी चुनौती है. 2020 के सरकारी आंकड़े के देखे तो 60 करोड़ लोग पानी (water) की किल्लत का सामना कर रहे हैं जो नजदीक के भविष्य में 140 करोड़ तक पहुंच जाएगा. इस समस्या का क्या समाधान है. पूर्वजों की तरह बारिश की बूंदों को संजो कर हम इस समस्या का समाधान कर सकते है. आइए जानते हैं वर्षा जल संचयन से जुड़े कुछ बुनियादी प्रश्नो के उत्तर जो हर आम आदमी के जेहन में उठते हैं. 

क्या होता है वर्षा जल संचयन ?

इसका सीधा सा मतलब है कि बारिश के रूप में गिरती पानी (water) की बूंदों को संजोना और उसे जरुरत पड़ने पर उपयोग करना. आप इन बूंदों को अपने घर में ही टैंकों में संचय कर सकते हैं या फिर भूजल को रिचार्ज करने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. 

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Image-https://rainwatertanksdirect.com

क्या जल संकट से निपटने में कारगर है बारिश की बूंदों को संजोना?

हमारे पूर्वज सदियों से इस तकनीक का उपयोग करते थे. जिस तरह खेत में फसलों को उगाया जाता है वो उसी तरह इन बूंदों को भी संजोते थे. जो मुश्किल वक्त में काम आती थी. यह दुखद है कि हमने सदियों पुराने ज्ञान को संजोना छोड़ दिया है. जिससे वो तकनीकें कहीं गुम हो रही हैं. अब जिस तरह से हमारे नल सूखते जा रहे हैं और पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है. एक बार हम फिर अपनी उन सदियों पुरानी धरोहर को जिन्दा करने में लगे हैं. 

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बारिश की बूंदों को संजोने के लिए बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है.आप इस पानी को एक सूखे बोरवेल, सोख गड्ढों या एक टैंक या फिर जमीन के अंदर भी इकठ्ठा कर सकते हैं. इसके लिए आपको सिर्फ खुले स्थान जैसे छत और जमीन पर गिरने वाली बूंदों को उन स्रोतों तक पहुंचाना हैं. जहां आप इन्हें संजोना चाहते हैं. वर्षा जल संचयन पर कितना खर्च आएगा यह आपकी छत और उन अन्य संरचनाओं के क्षेत्र पर निर्भर करता है. जिसका उपयोग आप वर्षा जल संचयन के लिए करेंगें. इतना जरूर है कि इसके लिए किस बड़े निर्माण कार्य की आवश्यकता नहीं होती है. इसलिए उस खर्च को आसानी से वहन किया जा सकता है. 

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Image-https://www.rainwaterharvestingindia.in/

यह सरल है,लेकिन इसके लिए आपको किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता है जो वर्षा जल संचयन को समझता हो. साथ ही जिसे वर्षा जल संचयन के सिद्धांतों के बारे में अनुभव हो. फिर एक कुशल राजमिस्त्री या प्लम्बर की मदद से इस काम को 10 दिनों में पूरा किया जा सकता है.  इससे आपके घर के आसपास भूजल रिचार्ज हो जाएगा. साथ ही इससे आपके आसपड़ोस के लोगों को भी फायदा पहुंचेगा. बेहतर परिणामों के लिए न केवल आप इसे अपनाएं, साथ ही अपने पास पड़ोस के लोगों को भी करने के लिए तैयार करें जिसे गिरते भूजल के स्तर में सुधार लाया जा सके. 

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