Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Sunday / September 25.
Homeडिफेंसअब दुश्मन ड्रोन की खैर नहीं! सेना खरीदेगी 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम

अब दुश्मन ड्रोन की खैर नहीं! सेना खरीदेगी 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम

IAF Invites Bids for 10 Anti-Drone Systems
Share Now

पिछले कुछ दिनो मे जम्मू-कश्मीर(Jammu&Kashmir) में ड्रोन के द्वारा जो हमले हो रहे है, उसको ध्यान मे रखकर अब सेना अब और सतर्क हो गई है। इसीलिए अब भारतीय वायु सेना ने भविष्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे हमले न हो उसके लिए 10 एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदने का फैसला किया है।

IAF Invites Bids for 10 Anti-Drone Systems

Image : Hindustan times

IAF ने जारी किया RFI

मेक इन इंडिया ’पहल के तहत, IAF ने काउंटर अनआर्म्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम (CUAS) के लिए भारतीय विक्रेताओं को इन्विटेशन दिया है। इसके लिए IAF ने request for information (RFI) जारी किया है जो ड्रोन्स को ट्रेस कर सके और उसे मार गिरा सके।

यहाँ पढे: फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु से लोगो मे रोष, जानिए कौन थे स्टेन स्वामी?

जारी किए गए आरएफआई में आईएएफ़ के द्वारा कहा गया है कि, “सीयूएएस(CUAS) का उद्देश्य शत्रुतापूर्ण यूएएस(UAS) का पता लगाना, ट्रैक करना, पहचानना, नामित करना और बेअसर करना है। लेजर डायरेक्टेड एनर्जी वेपन(लेजर-डीईडब्ल्यू) अनिवार्य रूप से एक किल ऑप्शन के रूप में जरूरी है।”

इस में आरएफआई आगे कहा गया है कि एंटी-ड्रोन सिस्टम को ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट जैमर सिस्टम (GNSS) और रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर से लैस होना चाहिए। इन दोनों को सॉफ्ट किल ऑप्शन के रूप में और लेजर-आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (लेजर-DEW) को हार्ड किल ऑप्शन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

देखे वीडियो: जम्मू “ड्रोन” अटैक!

सर्व तरीके से सज्ज होंगी एंटी ड्रोन सिस्टम्स 

“इसमे मल्टी सेंसर, मल्टी किल सोल्युशन होने चाहिए, जिससे आसपास के पर्यावरण को न्यूनतम संपार्श्विक क्षति(minimal collateral damage) पहुंचाते हुए मानव रहित विमानों के लिए प्रभावी नो फ्लाई जोन लागू किया जा सके। इससे ऑपरेटर के लिए एक समग्र वायु परिस्थिति चित्र(composite air situational picture) उत्पन्न होना चाहिए और उपयोगकर्ता परिभाषित पैरामीटर (user defined parameters) पर अलर्ट करना चाहिए।”आरएफआई में कहा गया।

सिस्टम चरणबद्ध ऐरे रडार, आरएफ सेंसर, इलेक्ट्रो ऑप्टिकल और इंफ्रा-रेड (ईओ/आईआर) प्रणाली से लैस होना चाहिए।

तो अब IAF के द्वारा ड्रोन्स को पहचानने और उन्हे मार गिरने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। मतलब साफ़ है की अगर दुश्मन समजता है की टेक्नोलोजी का इस्तेमाल करके वह भारत को कोई नुकसान पहुंचा सकते है, तो वह गलतफहमी मे है।

देखे वीडियो: कैसे किया गया कश्मीर मे ड्रोन अटेक? क्या है सेना की रणनीति? 

अब भारतीय सेना भी सज्ज होगी उन सब एडवांस टेक्नोलोजी के द्वारा उन सारी साज़िशों को नाकाम करने के लिए, जिसमे देश को कुछ भी हानी पहुँचने का मकसद है।

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

iOS: http://apple.co/2ZeQjTt 

No comments

leave a comment