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Homeनेचर एंड वाइल्ड लाइफमैना जैसे पक्षी इंसानों के पुण्य के नाम पर चढ रहे है बली!

मैना जैसे पक्षी इंसानों के पुण्य के नाम पर चढ रहे है बली!

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मैना (Myna) एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षी है.  लगभग भारत के सभी इलाकों में पायी जाती है. मैना को एक अत्यंत सुरीले पक्षी के रूप में देखा जाता है. भारत भर में मैना की कई प्रजातियां पायी जाती हैं जैसे कि- देशी मैना, दरिया मैना, गुलाबी मैना, तेलिया मैना, अबलखा मैना, पहाड़ी मैना, पवई मैना आदि. उपरोक्त दी गयी सभी प्रजातियां भिन्न-भिन्न भौगोलिक स्थितियों में पायी जाती हैं.

देशी मैना सबसे सामान्य मैना है. जिसे कॉमन मैना (Myna) भी कहते है. यह कश्मीर को छोड़ कर पूरे देशभर में पायी जाती है इसका कारण है की कश्मीर अत्यंत ऊंचाई पर बसा हुआ है. समुद्रतल से 2400 मीटर की ऊंचाई तक के भू-भागों में यह मैना देखी जा सकती हैं.

Myna

मैना (Myna) के विदेशों में विकास से जुड़ा यह तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है कि इस देशी मैना को भारत से दक्षिण अफ्रीका, मॉरिशस, न्यूजीलैंड आदि देशों में इस बात को ध्यान में रखकर ले जाया गया था कि ये वहां पर खेतों में लगने वाले कीड़ों को ख़त्म कर देंगी.

जहां-जहां इस पक्षी को ले जाया गया वहां का माहौल इनके विकास के लिए अत्यंत उत्तम था तथा यही कारण है कि उन देशों में भी ये देशी मैना बड़े पैमाने पर विस्तृत हो गयी. देशी मैना (Myna) जून से अगस्त के महीने में अपने अंडे देती हैं. करीब 4-5 अंडे देती हैं तथा इनके अंडे का रंग हल्का नीला होता है. मैना अक्सर घरों, कोटरों आदि में अपना घोसला बनाती है. देशी मैना को दूसरे नाम के अनुसार किलहैटा नाम से भी जाना जाता है.

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देशी मैना अन्य सभी प्रजातियों की मैना से बड़ी होती हैं तथा इनका आकार करीब 28 सेंटीमीटर बड़ा होता है. नर मैना और मादा मैना के आकार प्रकार में किसी प्रकार का कोई अंतर नहीं होता. इनका रंग खैरा, लाल और पीला होता है.

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कॉमन मैना आज उनकी जो खास खुबी थी वो भूल रही है. यह मैना उनके प्राकृतिक खुराक से हटकर इंसानों के हाथ से परोसा हुआ खाना खा रही है. इंसान तैलीय चीजें इस अदभुत शिकारी पक्षी को खिला रहे है. जिससे यह पक्षियों की पाचनशक्ति बेहद कम हो जाती है. साथ में इनकी उम्र पर भी असर होता है. इस प्रकार के खुराक से पक्षियों को विभिन्न प्रकार के रोग होते है जैसे कि उनके फर गिरने और चमडी पर भिन्न-भिन्न प्रकार की असरे. इस तरह इंसान पुण्य का काम करने का सोचता है लेकिन वो बड़ा पाप करता है. पुण्य के नाम पर मैना जैसे हजारों पक्षी मौत के घाट उतर जाते है.

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