Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Sunday / September 25.
Homeकहानियांजब बॉडीगार्ड ने ही प्रधानमंत्री पर चलाई थी ताबड़तोड़ गोलियां, पढ़ें इंदिरा गांधी के आखिरी पल की कहानी

जब बॉडीगार्ड ने ही प्रधानमंत्री पर चलाई थी ताबड़तोड़ गोलियां, पढ़ें इंदिरा गांधी के आखिरी पल की कहानी

Indira Gandhi
Share Now

किसी भी देश के प्रधानमंत्री (Prime Minister) की सुरक्षा इतनी कड़ी होती है कि परिंदा भी पर न मार सके, लेकिन आज के ठीक 37 साल पहले ऐसा भी समय आया जब उनके बॉडीगार्ड ने ही प्रधानमंत्री पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और उनके शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया. साल था 1984 और तारीख थी 31 अक्टूबर. ये वो दिन था जब प्रधानमंत्री की सुरक्षा (PM Security) में मुस्तैद रहने वाले कई अधिकारियों को ये समझ ही नहीं आ रहा था कि अब क्या होगा.

अप्रत्याशित हमले से भौंचक्के रह गए थे अधिकारी-कर्मचारी

कहते हैं कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi ) अपने आवास से एक ब्रिटिश अभिनेता (जो उन पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे थे) को साक्षात्कार के लिए निकलीं थी, लेकिन वह इंटरव्यू देने पहुंचतीं उससे पहले ही उनके बॉडीगार्ड सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी. अचानक हुए इस अप्रत्याशित हमले को देखकर वहां मौजूद अधिकारी भौंचक्के रह गए.

Indira Gandhi

Image Courtesy: Google.com

इंदिरा गांधी के शरीर से निकाली गईं 29 गोलियां

प्रधानमंत्री आवास के पास हमेशा रहने वाली एंबुलेंस (Ambulance) भी उस दिन नहीं मिल पाई, आखिरकार इंदिरा गांधी को कार से दिल्ली एम्स (AIIMS) ले जाया गया. जहां उनके शरीर में गोलियों को कई निशान मिले, करीब 29 गोलियां शरीर से निकाली गईं. एक ओर ऑपरेशन थियेटर में इंदिरा गांधी का इलाज चल रहा था तो दूसरी ओर इस बात की चिंता थी कि अब सत्ता कौन संभालेगा. मुहर राजीव गांधी के नाम पर लगनी थी लेकिन सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) इसके लिए मना कर रहीं थीं, हालांकि आखिरकार हुआ वही.

ऑपरेशन ब्लू स्टार और इंदिरा गांधी की हत्या

इन सबके बीच सबसे बड़ा हुजूम इंदिरा गांधी के समर्थकों (Indira Gandhi Supporters) का अस्पताल के बाहर उमड़ पड़ा था जो ये जानना चाहता था कि उनकी नेता की क्या हालत है, वह कैसी हैं. पुलिस के लिए सुरक्षा व्यवस्था संभालने की चुनौती और नेताओं के लिए देश संभालने के लिए एक नेता तलाश करने की चुनौती थी. जैसे ही ये जानकारी बाहर आई कि इंदिरा गांधी अब नहीं रहीं, दिल्ली में तो मानों उत्पात मच गया. सिखों को निशाना बनाया गया. ऑपरेशन ब्लू स्टार की वजह से हुई इंदिरा गांधी की मौत (Indira Gandhi Killed) के बाद कई जगहों पर दंगे हुए, आज भी कई मामले अदालत में विचाराधीन हैं, तब राजीव गांधी ने दंगों पर कहा था कि बड़ा पेड़ हिलता है तो पत्ते गिरते ही हैं, जिसे लेकर खूब बवाल मचा था.

Indira Gandhi

Image Courtesy: Google.com

राजघाट पर किया गया अंतिम संस्कार

उस वक्त मुल्क की सबसे ताकतवर महिला और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) को नहीं बचाया जा सका. 1 नवंबर की सुबह उनका पार्थिव शरीर तीन मूर्ति भवन ले जाया गया जहां जनता के दर्शन के लिए रखा गया और फिर 3 नवंबर को राजघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. बड़े बेटे राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) ने मां को मुखाग्नि दी, अब वो स्थान शक्तिस्थल (Shaktisthal) के नाम से जाना जाता है.

Indira Gandhi

Image Courtesy: Google.com

इंदिरा गांधी के सफर पर एक नजर

19 नवंबर 1917 को जन्मीं देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) की बेटी इंदिरा गांधी बचपन से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं. बाल चरखा संघ की स्थापना से लेकर साल 1930 में इंदिरा गांधी ने वानर सेना का भी निर्माण किया था, जिसमें बच्चे शामिल थे. आजादी के बाद महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में कुछ दिनों तक इंदिरा गांधी ने काम भी किया. साल 1942 में उन्होंने फिरोज गांधी से शादी की और साल 1955 में कांग्रेस कार्यसमिति और केन्द्रीय चुनाव समिति का सदस्य बनीं, उसके बाद 1959 में वह पार्टी की अध्यक्ष भी बनीं.

ये भी पढ़ें: जयंती विशेष: देश के पहले दलित राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल को लेकर जो कहा था, वो जरूर जानना चाहिए

साल 1966 में पहली बार बनीं प्रधानमंत्री

साल 1964 से 1966 तक सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने कार्य किया और 1966 से मार्च 1977 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने सेवाएं दीं. आपातकाल के बाद उनकी हार हुई, हालांकि साल 1980 में एक बार फिर आयरन लेडी के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं, इंदिरा गांधी के समय से ही रायबरेली कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी, जहां से सोनिया गांधी चुनाव अभी चुनाव लड़ती हैं. साल 1980 में प्रधानमंत्री बनने के बाद इंदिरा गांधी अपना कार्यकाल पूरा कर पातीं, उससे पहले ही साल 1984 में अंगरक्षकों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

IOS: http://apple.co/2ZeQjTt

No comments

leave a comment