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Homeकहानियांआज ही के दिन हुई थी जयपुर की स्थापना, गुलाबी नगरी के रूप में मिली दुनिया में अलग पहचान

आज ही के दिन हुई थी जयपुर की स्थापना, गुलाबी नगरी के रूप में मिली दुनिया में अलग पहचान

Jaipur Foundation Day
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Jaipur Foundation Day: अपनी स्थापत्य कला, संस्कृति और बेजोड़ वास्तुकला के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध जयपुर शहर के लिए आज दिन बड़ा अहम है। आज ही के दिन 18 नवंबर 1727 को ‘पिंकसिटी’ यानी जयपुर शहर की स्‍थापना (Jaipur Foundation Day) हुई थी। जयपुर शहर की स्‍थापना का श्रेय महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय को जाता है। प्रति वर्ष 18 नवंबर को जयपुर का स्थापना दिवस मनाया जाता है। पिछले साल ही जयपुर परकोटे को ‘वर्ल्ड हेरिटेज साइट’ में शामिल किया गया है।

‘परकोटा’ जिसे मिली थे जैपर के नाम से पहचान:

जयपुर शहर जिसका भीतरी क्षेत्र परकोटा के नाम से जाना जाता है। जब जयपुर शहर की स्‍थापना हुई थी तो सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया था। इसके लिए पुरे शहर के एंट्री के लिए 15 ऊंचाई वाले दरवाजे बनाए गए। प्रत्येक दरवाजे का नाम भगवान के नाम पर रखा गया। सभी गेट पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। इनके नाम चांदपोल गेट, सूरजपोल गेट, गंगापोल गेट, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, जोरावर सिंह गेट रखें गए।

हर मकान का रंग है गुलाबी:

जयपुर को पिंकसिटी या गुलाबी नगरी से भी दुनियाभर में पहचान मिली हुई है। यहां आपको सभी मकान, दुकान का रंग गुलाबी मिलेगा। इसकी बसावट निहारने के लिए हर साल लाखों देशी-विदेशी पावणे समंदर पार से खिंचे चले आते हैं। कहा जाता है कि ‘प्रिंस ऑफ वेल्स’ ने एक बार 1876 में जयपुर का दौरा किया था, उनके आने की खबर मिली, तो उनके स्वागत में महाराजा सवाई मानसिंह ने पूरे शहर को गुलाबी रंग से रंगवा दिया था। तभी से इस शहर का नाम ‘पिंक सिटी’ पड़ गया।

कई ऐतिहासिक धरोहर जो बढ़ाती है जयपुर की शान:

जयपुर स्थापना के समय परकोटे तक ही सीमित था। 15 दरवाजे वाले परकोटे में आज भी कई ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है जो शायद दुनिया में कहीं और नहीं है। ये धरोहर जयपुर की शान को चार चांद लगाती है। यहां उस समय के राजपरिवार के रहने के लिए सिटी पैलेस का निर्माण किया गया था। इसके अलावा जयपुर में जब आप घूमने आओगे तो आपको यहां जंतर-मंतर, हवामहल, अल्बर्ट हॉल, नाहरगढ़, जयगढ़, आमेर फोर्ट और गोविन्द देव जी का मंदिर ऐसी कई ऐतिहासिक धरोहर देखने को मिलेगी।

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