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कानपुर से कन्नौज तक इनकम टैक्स की नजर में इत्र कारोबारी, पढ़ें अब तक की छापेमारी की पूरी कहानी

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Kanpur IT Raid: सियासत में सुगंध के कारोबारी की कहानी कुछ ऐसी है कि आप सुनेंगे तो आश्चर्य प्रकट करने के सिवा और कुछ कह नहीं पाएंगे. मतलब ये कि इत्र कारोबारियों (Perfume Business) पर पड़ी आयकर अधिकारियों(Income Tax) की नजर ने इस बात की तस्दीक की है कि सुगंध के कारोबार से कैश की कमाई इतनी हो रही है कि गिनने के लिए मशीनें कम पड़ जा रही हैं.

एक नहीं बल्कि कई ठिकानों पर पड़ी रेड

बात इत्र की थी तो समाजवादी परफ्यूम(Samajwadi Perfume) लॉन्च करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भला कैसे चुप रहे सकते थे. सपा के सवाल और बीजेपी के जवाब के बीच आयकर विभाग की छापेमारी पर भी सियासत शुरू हो गई. खैर एक-एक कर समझते हैं कि बीते एक हफ्ते से अलग-अलग जगहों पर चली रेड(IT Raid) के दौरान ऐसा क्या-क्या मिला कि लोग हैरान हैं.

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Image Courtesy: Google.com

इत्र के कारोबार से काली कमाई!

दरअसल कन्नौज(Kannauj) के रहने वाला पीयूष जैन(Piyush Jain) का इत्र समेत करीब 40 कंपनियों का मालिक है. इत्र के इस कारोबार से पीयूष जैन ने इतना पैसा कमाया कि दो महीने पहले ही आयकर विभाग के अधिकारियों की नजर में आ गया था. मसला टैक्स चोरी का था इसलिए अधिकारी सबूत जुटाने में लगे थे. आखिरकार 22 दिसंबर को जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय की अहमदाबाद यूनिट ने पीयूष जैन के कई ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी में मिली फर्जी रसीदों ने पूरी पोल खोलकर रख दी.

फर्जी रसीद ने खोल दी टैक्स चोरी की पोल

मीडिया रिपोर्ट्स(Media Reports) की मानें तो जो ट्रक पान मसाला और तंबाकू लेकर जाते थे, वह जीएसटी(GST) बचाने के लिए फर्जी रसीद लेकर जाते थे. अहमदाबाद यूनिट ने जब ट्रक पकड़ा तो पता चला कि यह प्रवीण जैन के नाम से रजिस्टर्ड है जो पीयूष जैन के भाई अमरीष जैन का बहनोई है. धीरे-धीरे ये तार पीयूष जैन तक पहुंचा और फिर कन्नौज से लेकर कानपुर(Kanpur IT Raid) तक की फैक्ट्रियों में हुई छापेमारी में 195 करोड़ कैश(Cash), 23 किलो सोना(Gold) और भारी मात्रा में चंदन का तेल मिला, जिसकी कीमत करोड़ों में हैं. तहखानों और अंडरग्राउंड से अधिकारियों ने कैश बरामद की.

Piyush Jain Raid: Who is Kanpur businessman Piyush Jain, from whose house the Income Tax Department got a treasure of crores, know everything

कई घंटों तक मशीन से नोट गिनते रहे अधिकारी

पीयूष जैन(Piyush Jain) के कालेधन का अनुमान आप इसी से लगा सकते हैं कि कई घंटों तक कई अधिकारी दर्जनों नोट गिनने वाली मशीन की मदद से नोट गिनते रहे, तब जाकर गिनती पूरी हुई. आखिरकार 29 दिसंबर को पीयूष जैन को गिरफ्तार कर लिया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अब पीयूष जैन के खिलाफ टैक्स चोरी समेत कई मामले दर्ज हैं, जिसने अदालत से यह गुहार लगाई है कि टैक्स की रकम काटकर उसे पूरी राशि वापस दे दी जाए.

पीयूष जैन के बाद पुष्पराज जैन के घर छापा

ये तो पीयूष जैन के घर की रेड की कहानी हुई जिसे लेकर सवाल तब उठने शुरू हुए जब कुछ नेताओं ने इसका सपा कनेक्शन बता दिया. हालांकि बाद में अखिलेश यादव(Akhilesh Yadav) ने उल्टा बीजेपी पर भी सवाल खड़े कर दिए कि इत्र बनाने वाली कंपनी जरूर पीयूष जैन की है लेकिन हमारा इनसे कोई नेता नहीं, समाजवादी इत्र भी इन्होंने नहीं बनाई. हालांकि चुनावी दौर में रेड पर अखिलेश ने सवाल जरूर खड़े किए.

सपा के विधान परिषद सदस्य के यहां भी छापेमारी

आयकर विभाग की इस छापेमारी(Income Tax Raid) में सियासत की एंट्री भी तभी हुई जब बीजेपी और समाजवादी पार्टी आमने-सामने आई. पीयूष जैन के पकड़े बाद छापेमारी का सिलसिला रूका नहीं बल्कि अगली छापेमारी हुई इत्र कारोबारी मलिक मियां, मोहम्मद याकूब और समाजवादी परफ्यूम बनाने वाली समाजवादी पार्टी के एमएलसी पुष्पराज जैन(Pushpraj Jain) के कन्नौज वाले घर पर. पुष्पराज जैन के करीब 13 ठिकानों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की, हालांकि ख़बर है कि अब तक कुछ हाथ नहीं लगा, लेकिन करीबियों से पूछताछ और छापेमारी की कार्रवाई अभी भी जारी है. हालांकि छापेमारी शुरू होने के बाद ही पुष्पराज जैन ने कहा था कि पीयूष जैन से मेरा कोई लेना-देना नहीं है.

Pushpraj Jain

Image Courtesy: Google.com

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क्या मुहूर्त निकालकर चोर पकड़े जाएंगे

इस छापेमारी की कार्रवाई पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार चुनाव(UP Election) में हार के डर से अब केन्द्रीय एजेंसियों को साथ लेकर आई है. ये नफरत की दुर्गंध फैलाने वाले लोग हैं, इन्होंने राजनीति को दूषित किया है. वहीं अखिलेश के सवालों पर पलटवार करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण(Nirmala Sitharaman) ने कहा कि जब एजेंसियां कहीं छापेमारी करती हैं तो खुफिया जानकारी के आधार पर करती हैं. चुनाव आ रहा है वह ठीक है लेकिन क्या मुहूर्त निकालकर चोर पकड़े जाएंगे. उन्होंने कहा कि छापेमारी के बाद पैसे तो मिले न, क्या अखिलेश यादव हिल गए हैं.

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