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जानिए क्या है कार्बी-आंगलोंग समझौता, जिससे असम में आएगी शांति

Karbi Peace Accord
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केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आज कार्बी-आंगलोंग शांति समझौते (Karbi Peace Accord) का ऐलान किया गया. ये वो समझौता है जिससे असम में शांति के रास्ते खुलेंगे. जहां तक कार्बी-आंगलोंग की बात है तो ये असम का एक जिला है, जबकि कार्बी वहां का एक जातीय समूह है, जिसमें कई गुट हैं.

इन पांच गुटों से हुआ समझौता

इन्हीं में पांच गुटों पीपुल्ड डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लोंगरी, कार्बी लोंगरी एनसी हिल्स लिबरेशन फ्रंट, कार्बी पीपुल्स लिबरेशन टाइगर, कुकी लिबरेशन फ्रंट और यूनाइटेड पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ समझौता (Karbi Peace Accord) हुआ है. ये वो संगठन हैं जो बोडोलैंड की तरह अलग राज्य की मांग कर रहे थे. बीते साल मोदी सरकार के कार्यकाल में ही बोडोलैंड समझौता भी हुआ था.  

‘कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में लंबे समय बाद शांति युग की शुरुआत’

इस समझौते को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में लंबे समय बाद शांति के युग की शुरुआत हो रही है. असम में शांति हो, आंदोलन न हो, उग्रवाद न हो, हथियार न हो और गोली न चले, असम की पूरी आबादी का सर्वांगीण विकास कैसे हो, इस क्षेत्र में मोदी जी के नेतृत्व में काफी प्रयास हुआ है. ये एक ऐतिहासिक समझौता है, पांच से ज्यादा संगठनों के करीब एक हजार कैडर ने हथियार डालकर मुख्यधारा को चुना है. इस क्षेत्र के विकास के लिए असम सरकार पांच साल में एक हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसके अलावा वहां 22 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू हुआ है.

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कार्बी आंगलोंग में कायम होगी शांति व्यवस्था

वहीं केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को धन्यवाद देता हूं. इस कदम से कार्बी आंगलोग में स्थायी शांति व्यवस्था लागू होगी. आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग प्रांतों से जैसे राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा. आपने सिर्फ असम में नहीं बल्कि नॉर्थ ईस्ट में शांति कायम किया. कार्बी आंगलोग से जो समझौता हो रहा है उसमें हिमंत बिस्वा शर्मा का भी बड़ा योगदान है. अशांति के बीच रहने वाले लोगों को ही समझ आता है कि इसके क्या दुष्परिणाम होते हैं.  

‘आज असम के लिए ऐतिहासिक दिन’

साथ ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमारे स्टेट के लिए आज ऐतिहासिक दिन है. असम एकॉर्ड के बाद बोडोलैंड और कार्बी आंगलोंग में उठी स्वायत स्टेट की मांग की वजह से लॉ एंड ऑर्डर के हालात का सामना करना पड़ा. बोडोलैंड समझौते के बाद बोडो असम का सबसे बड़ा शांति क्षेत्र बन गया है. उन्होंने कहा कि इस समझौते के बाद हिल्स ट्राइब को रिजर्वेशन मिलने का मार्ग खुलेगा.  

इसके अलावा कर्बी आंगलोंग के मुख्य कार्यकारी सदस्य ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुआ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा का शुक्रिया अदा करता हूं.

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