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राजस्थान में करणी माता का दिव्य मंदिर, चूहों वाली माता के नाम से है प्रसिद्ध

Karni Mata Temple
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Karni Mata Temple: राजस्थान, भारत का एक ऐसा राज्य है जो अपनी कला, संस्कृति, धर्म, भाषा, और खान-पान के लिए जाना जाता है। राजस्थान के गढ़, किले, मिनारे, मंदिर, अपनी अनोखी बनावट के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान में कई ऐसे विचित्र मंदिर है जिनके दर्शन करने के लिए देशभर से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी कई लोग आते है। आज हम आपको बताएंगे एक ऐसे मंदिर के बारें में जो शायद दुनिया का एकमात्र मंदिर है जहां सफ़ेद चूहे देखने को मिलते है। ये मंदिर राजस्थान के बीकानेर का करणी माता का मंदिर (Karni Mata Temple)। करणी माता को ‘चूहों वाली माता’ के नाम से भी जाना जाता है।

Karni Mata Temple

बीकानेर में है करणी माता का यह दिव्य मंदिर:

करनी माता के इस भव्य मंदिर का निर्माण बीकानेर रियासत के महाराजा गंगा सिंह ने करवाया था। करणी माता चारण समाज की कुलदेवी है। मां करणी का जन्म 1387 में एक चारण परिवार में ही हुआ था और इनका बचपन का नाम रिघुबाई था। इनका विवाह साठिका गांव के किपोजी चारण से हुआ था। माता जी ने थोड़े समय पश्चात ही सांसारिक जीवन छोड़ दिया था और अपने पति का विवाह अपनी छोटी बहन गुलाब से करवा दिया था। करणी माता करीब 151 वर्षों तक जीवित रही थीं। जिस जगह माता ने अपना देह त्यागा था वही आज करणी माता का यह दिव्य मंदिर है।

ऐसे बनी चूहों वाली माता:

पौराणिक कथा के अनुसार करणी माता की बहन गुलाब और पूर्व पति का पुत्र लक्ष्मण कपिल सरोवर में डूबकर मर गया था। तब माता ने अपनी भक्ति से यमराज से पुत्र को जीवनदान देने की प्रार्थना की। यमराज ने पुत्र को जीवित तो कर दिया लेकिन ये कहा कि आज के बाद कभी भी कोई भी इस समाज का इंसान मरने के बाद यमलोक नही जा सकेगा। सभी धरती पर चूहे के रूप में रहेंगे। तभी से माता को चूहों वाली माता के रूप में जाना जाने लगा। कुछ कथाओं और लोकगीतों के अनुसार एक बार 20 हजार सैनिक देशनोक पर हमला करने आए थे तब जैसे ही मां को इनके बारे में पता चला उन्होंने अपनी शक्ति से इन सभी सैनिकों को चूहा बना दिया।

मिलता है चूहों का झूठा प्रसाद:

यहां इस मंदिर में मिलने वाला प्रसाद चूहों का झूठा होता है। ऐसी मान्यता है कि चूहों के झूठे प्रसाद को खाने से हर दुख का निवारण हो जाता है। और यदि आपको मंदिर में सफेद चूहे के दर्शन हो गए तो आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी। हर नवरात्रि में देशनोक स्थित माताजी के मंदिर में भव्य मेले का आयोजन होता है। अगर आप कभी बीकानेर जाए तो करणी माता के मंदिर के साथ साथ जूनागढ़ का किला, गजनेर पैलेस, लालगढ़ पैलेस, देवीकुंड सागर और यहां की भुजिया नमकीन का लुत्फ अवश्य उठाए।

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(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं। OTT India इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

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