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Homeन्यूजसंसद में किसानों की मौत पर सरकार का जवाब, कहा- ‘आंदोलन के कारण किसानों की मौत का नहीं हमारे पास कोई रिकोर्ड’

संसद में किसानों की मौत पर सरकार का जवाब, कहा- ‘आंदोलन के कारण किसानों की मौत का नहीं हमारे पास कोई रिकोर्ड’

The government's response to the death of farmers in Parliament, said - "We have no record of deaths of farmers due to the movement"
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Kisan Andolan: कृषि आंदोलन पिछले एक साल से जारी है इस आंदोलन ने कई उतार चढ़ाव देखे कई किसानों की इस आंदोलन के दौरान मौत हो गई तो कई लोगों को गंभीर चोटो का सामना करना पड़ा. हालांकि केंद्र की बीजेपी सरकार ने कृषि कानूनों का वापस लेने का प्रस्ताव लोकसभा में पेश कर दिया है.

लेकिन आज लोकसभा की कार्यावही के दौरान जब सरकार से पूछा गया कि क्या सरकार के पास कोई डाटा है कि कितने किसान की आंदोलन के दौरान मौत हुई? और क्या सरकार आंदोलन में मरे  किसानों के परिवारों को मुआवजा देगी?  इन सभी सवालों का जवाब आज संसद में केंद्र की मोदी सरकार ने दिया है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तौमर ने संसद में लिखित जानकारी देते हुए कहा ‘कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में किसी भी किसान की मौत नहीं हुई है. तोमर ने कहा ‘कि कृषि मंत्रालय के पास किसान आंदोलन की वजह से किसी किसान की मौत का कोई भी रिकॉर्ड नहीं है. सरकार ने कहा कि ऐसे में किसानों के परिजनों को मुआवजा देने का सवाल ही नहीं उठाता.

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किसानों के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि सरकार लगातार किसानों से बातचीत कर रही है. ताकि किसानों का आंदोलन को खत्म किया जा सके. कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार सक्रिय रूर से आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत कर रही है. इसी कड़ी में किसान संगठनों से सरकार 11 स्तर की बातचीत भी कर चुकी है.

जहां सरकार एक तरफ किसानों की मौत के आंकड़े का जवाब संसद में नहीं दे पाई वहीं दूसरी इस सवाल के जवाब में किसानों की अलग राय है. किसान संगठनों का दावा है कि पिछले 1 साल से चल रहे किसान आंदोलन में अब तक 700 किसानों की मौत हो चुकी है. इतना ही नहीं किसान संगठन सरकार से परिजनों को मुअवाजा देने की भी मांग कर रहे हैं. लेकिन आपको बता दें कि किसानों का आंदोलन कानून वापस लेने के बाद भी जारी है. किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि जब तक सरकार आगे किसानों की ओर मांगो को नहीं मानेगी तब तक किसानों का ये आंदोलन जारी रहेगा.

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