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फल लेकर वडोदरा से दिल्ली चली रेल, जानें देश में कब से चल रही है किसान रेल

Kisan Rail
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किसानों की फल और सब्जियां अब नजदीक के बाजारों की बजाय दूर-दूर तक जा रही है, वो भी ट्रेन के जरिए. सरकार ने बकायदा इसके लिए किसान रेल (Kisan Rail) चला रखी है, जिसका काम है कि किसानों के उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचाना. बीते एक साल से ट्रेन के जरिए बड़े शहरों में पर फल और सब्जियां पहुंचाईं जा रही हैं.  

रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर दी जानकारी

बड़ी बात ये है कि किसान रेल (Kisan Rail) द्वारा फलों और सब्जियों के परिवहन पर किसानों को खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से 50 प्रतिशत किराया अनुदान मिलता है. इससे किसान को अपनी फसल से अच्छी आमदनी हो सकती है. रविवार को रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है कि गुजरात के वडोदरा से 200.5 टन केले और 7.6 टन चीकू लेकर एक ट्रेन दिल्ली भेजी गई है.

किसान रेल से किसानों को ऐसे हो रहा फायदा

किसान रेल (Kisan Rail) की मदद से किसानों को उपज के अलावा अपनी उपज को नए बाजारों में ले जाने का अवसर मिलेगा. जिससे उसे कम समय और कम किराए में अच्छी कीमत मिल जाएगी. बता दें कि कि केंद्रीय बजट 2020-21 में किसान रेल चलाने की घोषणा की गई थी. किसान रेल चलाने के पीछे अपनी उपज को कृषि उत्पादकों, फल, सब्जी और डेयरी उत्पादकों को अधिकतम स्थानों पर भेजना है. किसान रेल द्वारा परिवहन पर किराए पर किसानों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है. किसान इस रेल सेवा का भरपूर लाभ उठा रहे हैं.

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किसान रेल की शुरुआत कब हुई थी?

पहली किसान स्पेशल ट्रेन (Kisan Special Train) 7 अगस्त 2020 को चलाई गई थी. पहली किसान रेल ने सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के देवलाली और बिहार के दानापुर रेलवे स्टेशन के बीच माल पहुंचाया. पहली ट्रेन ने 32 घंटे में 519 किलोमीटर की दूरी तय की थी. इस मौके पर रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि रेल सेवा शुरू होने से किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी. यह सब्जियों और फलों जैसे कृषि उत्पादों को अन्य बाजारों में जल्दी लाने में भी मदद करेगा.

Kisan Rail

Image Courtesy: Twiter.com

क्या है सरकार का टारगेट?

दरअसल सरकार का एक लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से किसान रेल की शुरुआत की गई है. विशेष रूप से, मध्य रेलवे का भुसावल खंड कृषि आधारित खंड है और नासिक और उसके आसपास बड़ी मात्रा में ताजी सब्जियां, फल, फूल, प्याज और अन्य कृषि उत्पादों का उत्पादन करता है. इस उत्पाद का महत्व यह है कि यदि उत्पाद समय पर वितरित नहीं किया जाता है, तो यह बर्बाद हो सकता है. उल्लेखनीय है कि कृषि उत्पादों का निर्यात नासिक के आसपास के क्षेत्रों से बिहार में पटना, उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, मध्य प्रदेश में कटी, सतना और अन्य क्षेत्रों में किया जाता है.

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