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संविधान दिवस पर जानिए कैसे बना भारत का संविधान, पहली बैठक से लेकर संविधान अपनाए जाने तक का इतिहास

Constitution Of India
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संविधान(Constitution Of India) किसी देश का वह मौलिक दस्तावेज है, जिसके जरिए मुल्क में कानून का राज कायम होता है. या यूं कहें कि सभी कायदे-कानून का स्वरूप ही संविधान है. भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है. जिसे तैयार करने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा. 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया. वही 26 जनवरी जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं, लेकिन आज हम 26 नवंबर के इतिहास के बारे में जानेंगे कि आखिर इसे संविधान दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है.

2 साल, 11 महीने और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ संविधान

अक्सर कई लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि अगर देश में संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ तो फिर 26 नवंबर को ऐसा क्या हुआ था. इसे समझने के लिए हमें संविधान निर्माण की प्रक्रिया को जानना होगा, ये जानना होगा कि आखिर 2 साल 11 महीने 18 दिन में बने इस संविधान को बनाने में कब-कब क्या-क्या हुआ. शुरुआत देश को आजादी मिलने से करीब 8 महीने पहले हुई. हालांकि इसका खाका पहले ही तैयार कर लिया गया था.

Constitution Of India

Image Courtesy: Google.com

9 दिसंबर 1946 को हुई संविधान सभा की पहली बैठक

संविधान(Constitution Of India) के निर्माण के लिए एक संविधान सभा की जरूरत महसूस हुई. जिसके लिए बकायदा चुनाव हुए और इनकी पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई. जिनका काम संविधान का मसौदा तैयार करना था. संविधान सभा की पहली बैठक के दो दिन बाद ही डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को संविधान सभा का अध्यक्ष चुन लिया गया. जो आजादी के बाद भारत के पहले राष्ट्रपति बने. संविधान में जिस उद्देशिका को हम और आप आज पढ़ते हैं, उसे जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के सामने प्रस्तुत किया था. देश आजाद होने पर जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री बने.

22 जुलाई 1947 को अपनाया गया राष्ट्रीय ध्वज

दिसंबर के महीने से शुरू हुई संविधान सभा(Constituent Assembly) की कई बैठकें हुईं. बैठकों में संविधान में जोड़े जाने वाले अलग-अलग नियमों को लेकर चर्चा और बहस हुई. आरक्षण समेत कई मुद्दे गहन चर्चा के बाद संविधान में शामिल किए गए. 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया. वहीं अगले महीने 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिल गई, लेकिन अभी भी भारत के पास अपना संविधान नहीं था, बल्कि संविधान निर्माण की प्रक्रिया जारी थी. हालांकि आजादी के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया.

26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारत का संविधान

करीब दो साल तक संविधान निर्माण की प्रक्रिया चलती रही, गहन चर्चा, वाद-विवाद और हर कानून की प्रांसगिकता पर सवाल-जवाब के बाद 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान को अपनाया गया. करीब दो महीने बाद 24 जनवरी 1950 को 395 अनुच्छेदों, 8 भाग और 22 अनुसूची वाला संविधान बनकर तैयार हुआ, जिसे 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू किया गया.

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इस संविधान(Constitution Of India) निर्माण की प्रक्रिया बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अहम योगदान रहा. वहीं डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता की झलक भी इस संविधान में देखने को मिलती है.

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