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Homeभक्तिमां जगदंबा महाकाली के इस मंदिर से प्रारंभ होता है बोनालू पर्व

मां जगदंबा महाकाली के इस मंदिर से प्रारंभ होता है बोनालू पर्व

Mahakali Temple
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हैदराबाद से करीब तेरह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गोलकोंडा किला। किले की मौजूदा स्थिति को देखकर इसकी प्राचीन भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है।  किले के सबसे ऊपरी हिस्से पर स्थित है श्री जगदंबा महाकाली मंदिर। माता का आशीर्वाद प्राप्त करने यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर देखने में भले ही छोटा है मगर भक्तों में इस मंदिर के प्रति बहुत आस्था है। आषाढ़ और ज्येष्ठ माह में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां आने वाले श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा भाव से और पूरे रीति-रिवाज और पारंपरिक अनुष्ठान से मां की आराधना करते हैं।

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किले पर चढ़ने में दो घंटे का समय लगता है। इसके बाद तारामती महल आता है। इसके पास ही दो चट्टानों के बीच मौजूद है जगदम्बा महाकाली मंदिर। इस किले पर मुगल शासक औरंगजेब का भी कब्जा था। इतिहास गवाह है कि उसने भारत के कई मंदिरों को नष्ट किया। मगर गोलकुंडा के इस मंदिर को वो नष्ट नहीं कर सका। ऐसा कहा जाता है कि वो माता के इस रूप से डर गया था। और वो इस मंदिर की चौखट को छू भी न सका।

करीब नौ सौ साल पहले हुआ था मंदिर का निर्माण

इतिहासकार बताते हैं कि गोलकोंडा किले का निर्माण काकतीय राजवंश ने किया था। इस किले के द्वारा वे अपने राज्य के पश्चिमी भाग की रक्षा करना चाहते थे। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण नौ सौ साल पहले हुआ था। काकतीय राजवंश और उसके बाद के राजाओं को मां काली में गहरी आस्था थी।

मान्यता

ऐसी मान्यता है कि दुश्मनों के आक्रमण से बचने के लिए मंदिर के नीचे सुरंग थी। जैसे ही हमला होता, सैनिक सुरंग के रास्ते निकल जाते। मंदिर को देखकर आक्रमणकारियों को अंदेशा भी नहीं होता था, कि इसके नीचे सुरंग है। साथ ही यह भी कहा जाता है कि इसके नीचे जेल भी था। अबुल हसन ने रामदास को जेल में डाल दिया था, क्योंकि उसने खजाने का दुरूपयोग किया था। जेल में उन्होंने राम, लक्षमण और हनुमान की तस्वीरें बनाई थी। रामदास पर महाकाली का विशेष आशीर्वाद था।

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मां जगदंबा महाकाली मंदिर के प्रांगण से प्रारंभ होता है बोनालू पर्व

तेलंगाना में बोनालू पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। उस त्यौहार की शुरूआत इस मंदिर से होती है। इसके बाद दूसरे जगहों पर मनाई जाती है। हर साल यह पर्व नौ सप्ताह तक आयोजित किया जाता है और भारी संख्या में भक्त माता के दर्शन करने आते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस समय मां जगदंबा महाकाली हर भक्त की मनोकामना पूर्ण करती हैं। 

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