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सियाचीन की मिट्टी गुजरात में, अहमदाबाद का यह मार्ग दिलाएगा ‘शहीद कैप्टन निलेश सोनी’ की याद!

Caption Nilesh Soni
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देश और प्रजा की रक्षा के लिए रणभूमि पर भारतीय वीर सपूत मौत को मुट्ठी में समेटकर दुश्मनों के सामने लड़ते हैं, कई बार दुश्मनों से लड़ते-लड़ते वीरगति को भी प्राप्त हो जाते हैं। शहीद जवान किसी परिवार के पुत्र, बेटा, भाई, पति या फिर पिता होता है। इसलिए जिस युद्धभूमि पर वीरजवान अपने प्राणों की आहुति देते हैं, वह जगह और वहाँ की मिट्टी शहीदों के परिवारजनों के लिए अत्यधिक पवित्र होती है। ऐसे ही अहमदाबाद के एक वीर कैप्टन निलेश सोनी (Martyr Captain Nilesh Soni) ने 1987 में मात्र 25 वर्ष की उम्र में सियाचीन के युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। 

1987 में मात्र 25 वर्ष की उम्र में सियाचीन के युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद: ‘Martyr Captain Nilesh Soni’ 

जिस जगह पर कैप्टन निलेश सोनी ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों को न्योछावर किया था, उस जगह की पवित्र मिट्टी शहीद कैप्टन के 59वें जन्मदिवस पर तोहफ़े के तौर पर उनके परिवारजनों को सौंपी गई। यह पवित्र मिट्टी देने के लिए भारतीय सेना के अधिकारी उनके निवास स्थान पोहचे थे। 

सियाचिन की मिट्टी गुजरात में!

Martyred Captain Nilesh Soni

Martyr Captain Nilesh Soni

अहमदाबाद के अंजली क्रॉस रोड एरिया के निवासी हरजीवनदास सोनी के परिवार की शुरुआत से ही इच्छा थी कि उनके परिवार का कोई एक सदस्य देश की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना में शामिल हो। इस सपने को साकार करने के लिए हरजीवनदास सोनी  ने अपने सबसे छोटे बेटे निलेश सोनी का जामनगर की सैनिक स्कूल में दाखिला कराया। इस तरह से कैप्टन निलेश सोनी देश की सुरक्षा के लिए भारतीय सेना में शामिल हुए। कैप्टन निलेश ने देश के अलग अलग हिस्सों में रहकर देश की रक्षा की। 

कैप्टन निलेश सोनी ने मेघदूत ऑपरेशन के अंतर्गत सियाचीन में -50 डिग्री के बीच जीवन और मृत्यु की परवाह किए बिना चंदन पोस्ट पर तैनात होकर देश की रक्षा की। इस ऑपरेशन के दौरान अचानक पाकिस्तान की ओर से तोपों से बमबारी शुरू हो गई, और अत्यधिक तापमान की वजह से बर्फ की शिलाएं ऊंचाई से धरातल की ओर डहने लगी। इस दुर्घटना के अंतर्गत कैप्टन निलेश सोनी सहित देश के 12 जवान शहीद हो गए। इस तरह से मातृभूमि की रक्षा करते हुए कैप्टन निलेश सोनी ने मात्र 25 वर्ष की उम्र में अपने प्राणों की आहुति दे दी।   

Martyred Nilesh Soni

भारतीय सेना द्वारा शहीद कैप्टन के 59 वें जन्मदिन पर दी गई सियाचीन की मिट्टी की भेंट

भारतीय सेना dवर पूर्ण की गई परिवार की आखरी इच्छा:- 

शहीद कैप्टन निलेश सोनी (Martyr Captain Nilesh Soni) के परिवार की इच्छा थी कि, उनके परिवार की आन- बान और शान- निलेश, जहां शहिद हुए थे, उस भूमि की पवित्र मिट्टी उनके परिवार को मिले। इसलिए सोनी परिवार की इच्छा को पूर्ण करने के लिए भारतीय सेना अधिकारियों द्वारा मात्र 25 से 30 दिनों में कैप्टन निलेश सोनी के  शहीद स्थान सियाचीन से मिट्टी लाकर परिवार को सौंपी गई। 

शहीद कैप्टन निलेश सोनी मार्ग

शहीद कैप्टन निलेश सोनी मार्ग

राह देख रहे परिवार ने अधिकारियों का salute करके अपने घर में स्वागत किया। यह पल परिवार के लिए अत्यधिक गौरवान्वित था, और शहीद के बड़े भाई निलेश सोनी सहित परिवार का हर सदस्य अत्यधिक भावुक हो गया। शहीद कैप्टन निलेश सोनी 62nd Field Regiment में रहकर देश की रक्षा करते थे। सियाचिन की मिट्टी के साथ साथ 321 f Field Regiment द्वारा worrier मोमेंटों भी परिवार को दिया गया ।  

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भारतीय सेना द्वारा शहीद कैप्टन के 59 वें जन्मदिन पर दी गई सियाचीन की मिट्टी की भेंट:- 

भारतीय सेना द्वारा शहीद कैप्टन के 59 वें जन्मदिन पर दी गई सियाचीन की मिट्टी की भेंट को जगदीश भाई सोनी ने अभी तक का सबसे कीमती तोहफा बताया। इस खास पल को और भी यादगार बनाने के लिए शहीद कैप्टन निलेश सोनी के परिवारजनों और पड़ोसियों ने मिलकर उनकी विरगाथों को याद किया। 

सोनी परिवार की इस अधूरी इच्छा को पूर्ण होते देख, जगदीश भाई सोनी कहना है कि, भारतीय सेना, देश के लोगों की भावनाओं को अच्छे से समझती है, और देश की रक्षा के लिए शहीद भारतमाता के बेटों के परिवारजनों का भी अच्छे से ध्यान रखती है।

Martyred nilesh soni

राह देख रहे परिवार ने सेना अधिकारियों का salute करके अपने घर में स्वागत किया।

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अहमदाबाद का यह मार्ग अब जाना जाएगा कैप्टन निलेश सोनी मार्ग:- 

सभी शहीद जवानों के परिवारजन अपने बेटों के द्वारा लिखे गए पत्रों और फ़ोटो को संभालकर रखते हैं। तो कई लोग शहीदों की यादों को यादगार बनाने के लिए विशेष  काम करते हैं। इसी तरह शहीद कैप्टन निलेश सोनी ने देश की रक्षा के लिए जो बलिदान दिया उनकी याद में अंजली क्रॉस रोड के पास एक स्मारक बनवाया गया। और अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोर्शन पालड़ी के अंतर्गत भट्ठा विस्तार मार्ग को अब शहीद कैप्टन निलेश सोनी मार्ग का नाम दिया गया आब से यह मार्ग को शहीद कैप्टन निलेश सोनी के नाम से जाना जाएगा। 

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