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Homeन्यूजजम्मू-कश्मीर में 7 सरपंच और 30 पंचों ने अचानक इस्तीफा क्यों दे दिया, जानें क्या बताई वजह

जम्मू-कश्मीर में 7 सरपंच और 30 पंचों ने अचानक इस्तीफा क्यों दे दिया, जानें क्या बताई वजह

Sarpanch Resigns
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जम्मू-कश्मीर में 7 सरपंच (Sarpanch Resigns) और 30 पंचों ने अचानक से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे के पीछे उन्होंने कई कारण बताएं हैं. बड़ी बात ये है कि पीडीपी प्रवक्ता मोहित भान ने और ज्यादा लोगों के इस्तीफा देने की बात कही है. जानकारी के मुताबिक पंचों और सरपंचों ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए हैं.

इन वजहों से दिया इस्तीफा

इस्तीफे को लेकर अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर के रामसू के बीडीसी अध्यक्ष को 7 सरपंचों और 30 पंचों ने अपना इस्तीफा (Sarpanch Resigns) सौंप दिया है. उनका आरोप है कि केन्द्रीय मंत्रियों की ओर से जनसंपर्क कार्यक्रम में उन्हें शामिल होने की अनुमति नहीं दी जा रही. साथ ही कुछ अन्य मुद्दों को लेकर भी इन्होंने विरोध जताया है. उनका कहना है कि जनता से किए गए वादों को निभाने में हम विफल रहे हैं, इस वजह से हमने इस्तीफा दिया.

पीडीपी प्रवक्ता ने साधा सरकार पर निशाना

पीडीपी प्रवक्ता मोहित भान की मानें तो इस्तीफा (Sarpanch Resigns) देने वाले पंच और सरपंच की संख्या 55 है. पीडीपी (PDP) प्रवक्ता का कहना है कि सरकार इन्हें सुरक्षित महसूस करवाने में विफल रही है, साथ ही इन्हें लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए सशक्त भी नहीं बनाया जा सका. कुल मिलाकर पीडीपी प्रवक्ता ने इसे लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

पंचों-सरपंचों को मनाने में जुटे अधिकारी

ख़बर ये भी है कि नाराजगी की वजह से इस्तीफा देने वाले इन पंचों और सरपंचों के साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अधिकारियों ने बैठक की है, उनसे इस्तीफा वापस लेने की बात की जा रही है. उनके समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया है.

पंचायती राज को सशक्त करने की कोशिश

इसके अलावा जानकारी की बात ये है कि सरकार की ओर से पंचायती राज सशक्तिकरण की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. आवाम की आवाज नाम से चलाए जा रहे कार्यक्रम के सातवें एपिसोड के लिए सरकार ने लोगों से सुझाव और विचार मांगे हैं.

17 अक्टूबर को प्रसारित होने वाले इस एपिसोड का विषय पंचायती राज को मजबूत करना है. उप राज्यपाल कार्यालय की ओर से बकायदा इसे लेकर नंबर भी जारी किया गया है, लेकिन सोचने वाली बात ये है कि जन प्रतिनिधियों के इस्तीफे के बीच पंचायती राज को सशक्त कैसे किया जा सकता है.

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