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Homeभक्तिमाता के इस मंदिर में होते हैं कई चमत्कार, बकरे की बलि तो चढ़ती है लेकिन उसकी जान नहीं जाती

माता के इस मंदिर में होते हैं कई चमत्कार, बकरे की बलि तो चढ़ती है लेकिन उसकी जान नहीं जाती

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Mundeshwari Temple Bihar: मंदिरों में चमत्कार(Miracle) और रहस्य की कई कहानियां तो आपने सुनी होंगी, लेकिन ऐसा शायद पहली बार सुनेंगे कि यहां बकरे की बलि चढ़ती है तो उसकी जान नहीं जाती. ऐसा सुनकर आपको आश्चर्य हो सकता है लेकिन ये पूरी तरह सच है. माता रानी का ये चमत्कारी मंदिर बिहार के कैमूर जिले में स्थित है. कैमूर की पहाड़ियों(Kaimur Range) की धार्मिक दृष्टिकोण से काफी प्रधानता है. यह मंदिर भी कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित है.

मां दुर्गा ने यहां किया था मुंड का वध

यह मंदिर(Maa Mundeshwari Temple) इतना प्राचीन है कि इसकी कथाएं मार्कंडेय पुराण से जुड़ी हुई हैं. कहते हैं कि मुंड का वध भी माता दुर्गा ने इसी भूमि पर किया था. दुर्गा सप्तशती में शुंभ-निशुंभ के सेनापति चंड और मुंड के वध का विस्तार से जिक्र मिलता है. इस मंदिर की चमत्कार से जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं. सबसे पहले बलि से जुड़ी मान्यता के बारे में जानेंगे और उसके बाद चमत्कारी शिवलिंग की कहानी भी (Shivalinga) जानेंगे जिसका रंग बदलता रहता है.

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Image Courtesy: Google.om

बलि में नहीं जाती बकरे की जान

मान्यता है कि मां मुंडेश्वरी(Maa Mundeshwari )बलि से प्रसन्न होती हैं, इसलिए सैकड़ों की संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु यहां रोजाना पहुंचते हैं. लेकिन यहां बलि बिल्कुल अलग तरह से दी जाती है. बकरे की माला पहनाकर मां देवी की मूर्ति के सामने खड़ा किया जाता है, जहां पंडितजी बकरे पर अभिमंत्रित यानि मंत्र पढ़ा हुआ चावल छिड़कते हैं, जिससे वह बकरा वहीं बेहोश हो जाता है. उसके बाद उसे उठाकर मंदिर के बाहर छोड़ दिया जाता है. बकरे के अचानक से बेहोश होने की बात सुनकर लोग आसानी से यकीन नहीं कर पाते लेकिन सालों से यहां यही परंपरा चली आ रही है. इसे यहां के लोग पशु बलि(Animal Sacrifices) की सात्विक परंपरा कहा जाता है.

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Image Courtesy: Google.om

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शिवलिंग का बदलता है रंग

माता के मंदिर के अलावा यहां मंदिर के गर्भगृह में पंचमुखी शिवलिंग(Panchmukhi Shivalinga) भी स्थापित है. मान्यता है कि जिस तरह सूर्य की रोशनी का प्रभाव सुबह, दोपहर और शाम बदलता है, उसी तरह शिवलिंग का रंग भी बदलता है. हर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. इस मंदिर के सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन भभुआ रोड(Bhabhua Road Railway Station) है, जहां से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर आप माता(Maa Mundeshwari) के दर्शन कर सकते हैं.  

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