Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Tuesday / October 4.
Homeभक्तिअमरेली शहर का यह मंदिर श्रद्धालुओं को अधिक है लोकप्रिय!

अमरेली शहर का यह मंदिर श्रद्धालुओं को अधिक है लोकप्रिय!

Nagnath Mahadev Temple
Share Now

नागनाथ महादेव मंदिर (Nagnath Mahadev Temple):- अमरेली शहर स्थित नागनाथ महादेव का मंदिर 200 साल से अधिक पुराना है। स्वयंभू शिवलिंग होने के नाते, यह आगंतुकों के बीच अटूट श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। नागनाथ महादेव मंदिर के परिसर में हनुमान दादा का मंदिर, गणपति महाराज का मंदिर, शीतला माता का मंदिर, दत्तात्रेय भगवान का मंदिर, गायत्री मंदिर, अंबाजी मंदिर, शनिदेव मंदिर, साईंबाबा मंदिर और सिद्धि विनायक मंदिर भी स्थित हैं।

स्वयं प्रकट हुए इस शिवलिंग एवं अन्य मंदिरों के दर्शन हेतु पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। 

अमरेली शहर में स्थित नागनाथ मंदिर का इतिहास:- 

गुजरात के अमरेली शहर में स्थित नागनाथ मंदिर (Nagnath Mahadev Mandir) का इतिहास सदियों पुराना है। लोककथाओं के अनुसार, काठियावाड़ में गायकवाड़ राजवंश के शासन के दौरान अमरेली शहर में दो प्रमुख द्वार लालद्वार और नागनाथ द्वार थे। नागनाथ द्वार पर शहर की सीमा समाप्त होकर घने जंगल से मिलती थी।

इस घने वन का प्रयोग चरवाहे गायों को चराने के लिए किया करते थे। इन्ही चरवाहों में से एक मालदीव नामक एक चरवाहा जंगल में घटी एक चमत्कारिक घटना से आश्चर्यचकित हो गया। दरअसल वन में चरने वाले गायों के झुण्ड में से एक गाय अचानक गायब हो जाती थी।

देखें यह वीडियो: ‘स्वयंभू नगनाथ मंदिर’ 

झुण्ड से पृथक होने वाली गाय एक निश्चित स्थान पर जाती थी। उस स्थल पर पहुँचते ही गाय के थन से स्वतः सारा दूध उसी स्थान पर बाह जाता था। यह दृश्य देखकर अचंभित चरवाहे ने काठियावाड़ रियासत के दीवान विठ्ठलराव देवजी अपनी आपबीती सुनाई।

मालदीव की कथा सुनकर दीवानजी भी अचंभित हो गए। उसी रात दीवानजी हो सपने में उस जगह पर खुदाई करने का निर्देश प्राप्त हुआ। अगली सुबह जब दीवानजी ने खुदाई की तो उन्हें इस पर शिवलिंग प्राप्त हुआ। शिवलिंग के बगल में सर्प देवता का भी निवास स्थान था।

दीवानजी ने तत्काल ही मंदिर का निर्माण शुरू कराया:- 

यह दृश्य देखकर दीवानजी ने तत्काल ही मंदिर का निर्माण शुरू करा दिया। मंदिर के चारों ओर सांप होने के कारण ही मंदिर का नाम नागनाथ महादेव रखा गया। दीवान जी के अथक प्रयासों से मंदिर का वर्ष 1873 में संपन्न हुआ। मंदिर की भव्यता का आकलन इस बात से भी कर सकते हैं की उस समय भी मंदिर के निर्माण में 60,000 रुपयों का व्यय हुआ था।

मान्यता है यहां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है:- (Nagnath Mahadev Temple)

अमरेली शहर का नागनाथ मंदिर गुजरात के श्रद्धालुओं के बीच बहुत लोकप्रिय है। सदियों पुराने इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है की नागनाथ महादेव मंदिर स्थित शिवलिंग के दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

यहां पढ़ें: पहाड़ों की नगरी डूंगरपुर में स्थित है भुवनेश्वर मंदिर!

प्राचीन नागनाथ मंदिर में प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, वैकुंठ चौदस त्योहार पर भव्य आयोजन किये जाते हैं। इस अति प्राचीन मंदिर को आज गुजरात में एक तीर्थस्थल की मान्यता प्राप्त है।

प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं:-

शायद यही कारण है की यहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। निर्माण के बाद, 1914-1915 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार अमरेली महल के प्रशासक राज पुरुष राजेश्री विश्वास राव बाजीराव धगड़े ने संगमरमर से कराया था। जीर्णोद्धार के बाद इस मंदिर की भव्यता में और भी वृद्धि हुई और आज ये लगभग पूरे भारत वर्ष में एक अत्यंत ही प्रसिद्ध शिवमंदिर के रूप में ख्यातिलब्ध है।

देश दुनिया की खबरों को देखते रहें, पढ़ते रहें.. और OTT INDIA App डाउनलोड अवश्य करें.. स्वस्थ रहें..

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

iOS: http://apple.co/2ZeQjTt   

No comments

leave a comment