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Friday / October 7.
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जानिए ओणम का महत्व और इस दिन क्यों की जाती है राजा महाबली की पूजा?

ONAM
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Onam: ओणम संस्कृत शब्द की उत्तपत्ती है, त्योहार से जुड़ी पौराणिक कहानी है कि दानव राजा महाबली (King Mahabali) के घर आने के सम्मान में यह त्योहार मनाया जाता है। महाबली एक दानव होते हुए उदार और दयालु राजा के नाम से जाने जाते थे और वे महाबली भगावान विष्णु की पूजा करते थे। ऐसा माना जाता है कि थिरुओणम के दिन ही राजा महाबली अपनी समस्त प्रजा से मिलने के लिए आते है जिसकी खुशी में (Onam Festival) मनाया जाता है। इसलिए लोग उनको भगवान मानते हैं। केरल के लोग बेसब्री से इस त्योहार का इंतजार करते हैं। इस दिन लोग फूलों का कालीन बनाते हैं जिसे ‘पूक्कलम’ के नाम से जाना जाता है। 

पौराणिक कहानी इस प्रकार है कि,

पूरे दक्षिण भारत में ओणम का त्योहार 10 दिनों तक धूम धाम से मनाया जाता है। अथम, चिथिरा, चोदी, विशाखम, अनीझम, थ्रीकेटा, मूलम, पूरम, उथराडोम और थिरुवोनम के नाम से जाना जाता है।पौराणिक कहानी इस प्रकार है कि भगवान विष्णु (Lord Vishnu) ने एक  गरीब बौने ब्राह्मण को बामन कहा और महाबलि के राज्य में चले गए, और तीन इच्छाएं पूछीं। इच्छा में महाबली से भूमि के एक टुकड़े पर अपना अधिकार मांगा। महाबली सहमत हो गए इस तरह बामन आकार में तेजी से बढ़ने लगा। उसके एक पैर ने पृथ्वी को कवर किया और दूसरे पैरों ने आकाश को कवर किया। इस तरह तीसरे पैरों के लिए कोई जगह नहीं बची। फिर महाबली ने वामन से अपने सिर पर तीसरा पैर रखने का अनुरोध किया, इस तरह से खुद को धरती में दफन कर दिया। 

ONAM Festival

ONAM Festival, Image Credit: Google Image 

हालाँकि, महाबली की भक्ति को देखकर, भगवान विष्णु प्रभावित हुए और उनसे कहा कि वह ओणम के दौरान अपने लोगों और अपने राज्य का दौरा करने के लिए साल में एक बार पृथ्वी पर लौट सकते हैं। और इसलिए, हर साल इस अवधि के दौरान ओणम त्योहार मनाया जाता है। (Hindu festival) 

महाबली के स्वागत के लिए मनाया जाता है यह त्योहार:

राजा महाबली के स्वागत के लिए उनके घर के सामने लेट जाते हैं। कई पारंपरिक अनुष्ठान जैसे सांप नाव की दौड़, ओनप्पोट्टन, काज़चक्कुला, पुली काली, काकोट्टिक्काली आदि जैसे भव्य दावत ‘साध्या’ द्वारा किए जाते हैं। लोग नए कपड़े पहनते हैं, तरह तरह के व्यंजनों को पकाते हैं और उन्हें प्याज़म के प्याले में केले के पत्ते पर परोसते हैं। इस दिन लोग पारंपरिक नृत्य, खेल और संगीत भी करते हैं, जिसे  ओनाकालिकल के रूप में जाना जाता है। नौ कोर्स के भोजन को ओनासद्या के रूप में जाना जाता है जिसमें चावल, सांबर, रसम, लाभ जैसे व्यंजन शामिल हैं। 

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Onam

Onam Image Credit: karishma Darvanani

ओणसाद्य के लिए नौ से 13 व्यंजन बनाते हैं:-

ओणसाद्य के लिए नौ से 13 व्यंजन बनाते हैं। इसके अलावा 30 से अधिक व्यंजन परोसे जाते हैं। ओणम की सबसे लोकप्रिय बात यह है कि जब हाथी को फूलों, आभूषणों और धातुओं से सजाया जाता है और  हांथी इशारों पर नृत्य करते हैं। हाथी पूरे त्रिशूर का एक चक्कर लगाते हैं और जुलूस का आयोजन होता है। महिलाएं लोक नृत्य करती हैं यह त्योहार का मुख्य भाग है। 

Onam food

Onam festival special food, Image Credit: Google Image 

इस नृत्य को कैकोट्टिकली महिलाओं द्वारा किया जाता है इसे ताली नृत्य भी कहा जाता है। इस नृत्य के दौरान वे राजा महाबली की प्रशंसा करते हैं। और सभी मिलकर एक सर्कल में नृत्य करते हैं इस प्रक्रिया को थुम्बी थुलई के नाम से जाना जाता है। 

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