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Homeकहानियांपंचतंत्र का दौर: ‘धनोपार्जन की युक्ति’ से जुड़ी क्या है दो मित्रों की कहानी!

पंचतंत्र का दौर: ‘धनोपार्जन की युक्ति’ से जुड़ी क्या है दो मित्रों की कहानी!

Panchtantra ki kahaniyan
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कहानियों के दौर की बात कर रहे हैं तो पंचतंत्र की कहानीयों का जिक्र सबसे पहले आता है। आज की कहानी है-‘धनोपार्जन की युक्ति’ दो मित्रों की कहानी! आइए जानते हैं क्या है यह कहानी? और कहानी का सार? 

कहानी का शीर्षक:-‘धनोपार्जन की युक्ति’

एक गाँव में दो मित्र रहते थे। दोनों ही काफी घनिष्ठ मित्र थे। एक मित्र का नाम था-राजकुमार और दूसरे का नाम था शत्रुघ्न।दोनों मित्र किसी भी काम को मिलजुलकर करते थे। मुसीबत के समय दोनों एक दूसरे की मदद किया करते थे। एक दिन शत्रुघ्न ने अपने घनिष्ठ मित्र को अत्यधिक धन कमाने की योजना बताई। योजना यह थी कि धनोपार्जन के लिए दूसरे देश जाते हैं। वहाँ हमें गाँव से अत्यधिक पैसे मिलेंगें।   

एक और रोचक कहानी: मन की ग्रंथि

धनोपार्जन के लिए दूसरे देश जाने की योजना:-

राजकुमार और शत्रुघ्न ने मिलकर दूसरे देश जाने का निर्णय किया। और दोनों मिलकर दूसरे देश चले गए और कमाने लगे। कुछ दिन अच्छे से निकले, दोनों को एक पेट्रोल पंप में काम करने लगे। अच्छा खासा कमाकर अपने गाँव में भेज रहे थे। लेकिन एक दिन शत्रुघ्न के मन में एक युक्ति सूझी। उसने सोचा कि इतना पैसा मिल रहा है ठीक है लेकिन यह पैसा एक साथ मिल जाए तो कितना मजा आएगा। इस तरह फिर से शत्रुघ्न को फिर से एक युक्ति सूझी। उसने खुरपती दिमाग में राजकुमार के धन को हड़पने का विचार चल रहा था। दोनों मित्र जब यहाँ आए थे तो बहोत सारा माल लेकर आए थे और उसे बेचकर भी बहोत सारा धन कमाया। इस वजह से शत्रुघ्न के दिमाग में अपने सच्चे मित्र के धन को हड़पने का विचार आया। 

Panchtantra ki kahaniyan

Image Source: Digi nature

शत्रुघ्न के मन में राजकुमार के प्रति ईर्ष्या भाव: 

शत्रुघ्न ने राजकुमार को किसी तरह से मना लिया कि वह थोड़ी देर के लिए घर से बाहर जाएगा और तब तक शत्रुघ्न सारा धन इकट्ठा करके निकाल जाएगा। और ऐसा ही हुआ, उसके धन को चुपके से अपने पास रख लिया और गाँव की ओर लौट गए। लेकिन राजकुमार एक सच्चा मित्र था उसे किसी भी बात की कोई भनक नहीं हुई। गाँव जाते वक्त रास्ते में शत्रुघ्न के मन में विचार आया कि इतना सारा धन गाँव लेकर जाना ठीक नहीं है। कुछ लोगों को हमसे ईष्या होने लगेगी, और कुछ लोग कर्ज के रुप में हमसे धन मांगेंगें। या फिर कोई चोर चुरा ना ले। इन विचारों पर राजकुमार ने भी सहमति जताई। वहीं किसी सुरक्षित स्थान पर दोनों ने गड्ढ़े खोदकर अपना धन दबा दिया तथा गाँव में अपने घर की ओर चले गए। 

यहाँ पढ़ें: आइए चलते हैं, पंचतंत्र की कहानियों के उस दौर में!

लोभी शत्रुघ्न के दोहरे चेहरे: 

लोभी शत्रुघ्न ने मौका देखकर अकेले ही सर धन खोदकर निकाल लिया। इस बात की भी भनक राजकुमार को नहीं हुई। एक दिन राजकुमार के बेटे की तबीयत बिगड़ी और उसे पैसों की जरूरत थी और उसने शत्रुघ्न से बात की हमें पैसे छुपाई हुई जगह पर जाकर निकालना पड़ेगा। मुझसे अत्यधिक आवश्यकता है। और शत्रुघ्न तैयार हो गया लेकिन जब उस जगह पर गए तो कुछ भी नहीं मिला। यह देखर राजकुमार निराश हो गया। और शत्रुघ्न जोर जोर से चिल्लाने का नाटक करने लगा। और खुद की करतूतों को टोकरा राजकुमार पर ही फोड़ दिया। दोनों दोस्त लड़ने-झगड़ते न्यायाधीश के पास गए।

panchtnatra ki kahani

Image Source: Digi nature

लड़ते झगड़ते पहुंचे न्यायाधीश के पास: 

इस तरह से दोनों ने न्यायाधीश के सम्मुख अपना-अपना पक्ष प्रस्तुत किया। इस तरह न्यायाधीश ने सत्य का पता लगाने के लिए दिव्य-परीक्षा का आदेश दिया। न्यायाधीश ने दोनों को बारी-बारी से अपने हाथ जलती हुई आग में डालने का आदेश दिया। शत्रुघ्न ने इसका विरोध किया उसने कहा कि वन देवता ही गवाही  देेंगे। न्यायधीश ने यह बात भी मान ली। यहाँ भी शत्रुघ्न ने चालाकी की अपने पिता को एक बड़े पेड़ के पीछे बीठा दिया। न्यायधीश ने प्रश्न पूछना शुरू किया तो आवाज आई कि चोरी राजकुमार ने की है। तभी राजकुमार ने पेड़ के नीचे आग लगा दी। पेड़ जलने लगा और उसके साथ ही शत्रुघ्न के पिता थे, वो बुरी तरह रोने-चिल्लाने लगे। थोड़ी देर में शत्रुघ्न के पिता आग से चिल्लाकर बाहर आ गए। इस तरह से सही उत्तर न्यायाधीश को मिल गया। 

इस तरह से न्यायाधीश ने शत्रुघ्न को सजा सुनाई और राजकुमार को निर्दोष छोड़ा गया। और शत्रुघ्न द्वारा चुराए गए धन को राजकुमार को वापस दिलाया। 

कहानी से सीख: धनोपार्जन की युक्ति की कहनी से यह सीख मिलती है कि, कभी भी मनुष्य को अपने उपायों की चिंता के साथ साथ उसके परिणाम के बारे में भी सोचना चाहिए। वरना स्वयं को ही हानि होती है। विश्वास करो लेकिन अंधविश्वास की जगह को पनपने मत दो। 

 ऐसी ही रोचक कहानियाँ आपके समक्ष हम लाते रहेंगे। तब तक के लिए देश और दुनिया की खबरों के लिए बने रहें OTT INDIA पर.. स्वस्थ रहें। 

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