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यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल है इस गांव का नाम, स्थित है विश्व प्रसिद्ध मंदिर!

pavagadh temple
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पावागढ़ मंदिर (Pavagadh Temple) पश्चिम भारत के गुजरात राज्य में वड़ोदरा से 46 किलोमीटर दूर पंचमहल जिले में स्थित है पावागढ़ पर्वत जिसे गुजरात का पवित्र यात्रा धाम कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जगतजननी माँ सती के पैर का अंगूठा दक्षिण दिशा में गिरा था इसलिए पवित्र स्थान की गिनती शक्तिपीठों में की जाती है।

                 “पावा ते गढ़ थी, उतर्या महाकाली रे,

                     तेमनो गरबो झाखम-झोल, पावागढ़ वाली रे”…..

विशाल पर्वत पर माँ काली की मूर्ति महर्षि विश्वामित्र द्वारा स्थापित की गई थी। पावागढ़ के निकट स्थित नदी का नाम विश्वामित्री रखा गया। 

गुजरात की प्राचीन राजधानी चांपानेर गाँव 

मंदिर में त्रिदेवी की मूर्तियाँ शोभायमान हैं। मध्य में माँ कालिका, बाईं ओर बहुचरा माता और दाईं ओर माँ दुर्गा  की मूर्ति स्थापित है। नवरात्रि के नौ दिनों में माँ के सभी भक्त पावागढ़ दर्शन करने अवश्य आते हैं। इस पवित्र तीर्थस्थान पर माँ काली के परिसर में बारहो महीने भक्तों का ताँता बँधा रहता है। पावागढ़ एक पर्वतीय प्रदेश है। विशाल पर्वत की तलहटी पर गुजरात की प्राचीन राजधानी चांपानेर गाँव स्थित है। 

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लोककथा के अनुसार वनराज चावड़ा ने अपने सेनापति चांपा के नाम पर गाँव का नाम चांपानेर रखा था। पंचमहल जिले के आकर्षण का केंद्र कहलाता है – चांपानेर गाँव। यह विस्तार वनसृष्टि और हरियाली के लिए विश्व प्रसिद्ध है। 

यह गाँव यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर में शामिल (Pavagadh Temple) 

इस गाँव को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है और  उनके द्वारा ही इसके पौराणिक स्थापत्य की देख-रेख की जाती है। चांपानेर में मोती मस्जिद, जामी मस्जिद, केवड़ा मस्जिद जैसे ऐतिहासिक किले मौजूद हैं। इसके अलावा मुगलकाल के पौराणिक स्थापत्य, गुंबज, जलाशय और विविधताएँ देखने  मिलती हैं। गुजरात के सुल्तान महमूद बेगड़ा ने चांपानेर को राजधानी के रूप में विकसित किया था।  

हजारों की संख्या में भक्त शक्तिपीठ के दर्शन करने आते हैं। ऊँचे पहाड़ों पर स्थित माँ के दरबार में प्रवेश के लिए रोपवे की सुविधा उपलब्ध है। यहाँ मात्र गुजरात से ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से लोग दर्शन करने आते हैं।

राज्य की संस्कृति, कला, और साहित्य के उत्तम उदाहरण

पावागढ़ पर्वत पर गुजरात राज्य की संस्कृति, कला, और साहित्य के उत्तम उदाहरण देखने को मिलते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य की अनुपम विरासत से संपन्न पावागढ़ पर्वत पर आने वाले सभी पर्यटक और भक्त माँ के दर्शन कर,फ़ोटोग्राफी का लुफ़्त उठाते हैं। भक्तगण, कला-प्रेमियों और प्रकृति-प्रेमियों के लिए पावागढ़ आस्था का केंद्र बन चुका है। आप भी गुजरात आकर पावागढ़ पर्वत की मुलाकात अवश्य लें। 

देखें यह वीडियो: Baliyadev Temple 

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