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PM मोदी ने बताई परिवारिक पार्टियों की परिभाषा, बोले- फॉर द फैमिली, बाय द फैमिली आगे कहने की जरूरत नहीं

Constitution Day 2021
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संविधान दिवस(Constitution Day 2021) के अवसर पर संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम भी सियासत का मुद्दा बन गया. एक ओर कांग्रेस समेत 14 पार्टियों ने जहां कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया तो वहीं दूसरी ओर पीएम मोदी(PM Modi) ने कांग्रेस समेत कई पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि देश में परिवारिक पार्टियों का संकट है, पार्टी फॉर द फैमिली, बॉय द फैमिली और आगे कहने की जरूरत नहीं.

परिवारिक पार्टियां चिंता का विषय

संविधान दिवस(Constitution Day 2021) पर संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऐसे संकट की ओर आगे बढ़ रहा है, जो संविधान के प्रति समर्पित और लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय है. वह चिंता का विषय है परिवारिक पार्टियां. उन्होंने कहा कि किसी एक पार्टी में योग्यता के आधार पर अगर एक परिवार के एक से ज्यादा लोग हैं तो पार्टी परिवारवादी नहीं बनती बल्कि एक पार्टी में लोग पीढ़ी दर पीढ़ी हैं.

26/11 के शहीदों को भी किया नमन

उन्होंने आगे कहा कि संविधान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राजनीतिक दल अहम अंग हैं, लेकिन जब राजनीतिक दल अपना कैरेक्टर खो देते हैं, तो संविधान की एक-एक धारा को चोट पहुंचती है, जो स्वंय लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके हैं, वह लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं. पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान 26/11 के शहीदों को भी नमन किया.

संविधान सभा की चर्चाओं को डिजिटल संस्करण जारी

संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान सभा की चर्चाओं का डिजिटल संस्करण जारी किया, साथ ही संवैधानिक लोकतंत्र पर आधारित ऑनलाइन प्रश्नोतरी का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी की मदद से सभी अमूल्य दस्तावेज लोगों के लिए सुलभ हो गए हैं. साथ ही विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि संसद में प्रतिस्परद्धा को प्रतिद्वंदिता नहीं समझा जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: PM मोदी ने दी संविधान दिवस की बधाई, 14 विपक्षी पार्टियों ने किया कार्यक्रम का बहिष्कार

भूत के मुंह से राम का नाम अच्छा नहीं लगता- अधीर रंजन

बता दें कि कांग्रेस समेत 14 विपक्षी पार्टियों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का फैसला लिया था. वहीं कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उन्होंने आजादी के लिए क्या किया, उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की मदद की थी, ताकि आजाद हिंदुस्तान न बन पाए. आज उन्हीं के द्वारा अंबेडकर की बात सुनी जा रही है, यह भूत के मुंह से राम सुनने की तरह है, जो अच्छा नहीं लगता.

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