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Homeन्यूजजलवायु परिवर्तन पर पीएम मोदी के 5 मंत्र, जानिए 2030 तक कैसे बदलेगा भारत ?

जलवायु परिवर्तन पर पीएम मोदी के 5 मंत्र, जानिए 2030 तक कैसे बदलेगा भारत ?

Pm Modi Cop26: PM Modi's 5 mantras on climate change, know how India will change by 2030?
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Pm Modi Cop26: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 शिखर सम्मेलन में पहुंचे हुए हैं.  ईटली की यात्रा के बाद पीएम मोदी ग्लासगो के दौरे पर पहुंचे जहां उन्होंने COP26 जलवायु शिखर सम्मेलन को संबोधित किया. जलवायु परिवर्तन की समयस्या से निपटने के लिए दुनियाभर के तमाम नेताओं ने अपनी राय यहां सांझा की. यहां पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए पंचामृत यानि पांच अमृत तत्वों के बारे में बात की. साथ ही पीएम मोदी ने इस सम्मेलन में One-World Movement का प्रस्ताव रखा.

सबसे पहले आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जलवायु शिखर सम्मेलन (Pm Modi Cop26) में कही उन पंचामृत के बारे में जिसका ज्रिक पीएम मोदी में इस सम्मेलम को संबोधित करते हुए किया. जिस पंचामृत शब्द का इस्तेमाल पीएम मोदी ने किया उसका मतलब है पांच अमृत. जिसके तहत भारत में जलवायु परिवर्तन की समस्या से छुटकारा पाया जाएगा.

 

1. भारत 2023 तक अपनी Non-Fossil Energy Capacity को 500 गीगावाट तक पहुंचाएगा है. इसके साथ ही

2. भारत अपनी 50 प्रतिशत energy requirements, renewable energy से पूरा करेगा.

3. भारत 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करेगा.

4. भारत अब से लेकर 2030 तक के कुल प्रोजेक्टेड कार्बन एमिशन में एक बिलियन टन की कमी करेगा.

5. भारत 2030 तक भारत, अपनी अर्थव्यवस्था की कार्बन इंटेन्सिटी को 45 प्रतिशत से भी कम करेगा.

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अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भारत का लक्ष्य दुनियाभर के देशों के सामने रखा और 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को नेट जीरो करने का लक्ष्य को हासिल करने का दांवा कर रही है. हालांकि जलवायु परिवर्तन के इस सम्मेलन में लोगों से  यह उम्मीद की जा रही थी कि वो इस लक्ष्य को 2050 तक पूरा कर लेंगे. लेकिन पीएम मोदी ने इस लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए भारत का रुख साफ कर दिया है.

इसके बावजूद सम्मेलन में पीएम मोदी के इस संकल्प को बड़ी बात माना जा रहा है क्योंकि भारत ने पहली बार नेट ज़ीरो के लक्ष्य को लेकर कोई निश्चित बात की है.

आपको बता दें कि नेट ज़ीरो का मतलब होता है कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को पूरी तरह से ख़त्म कर देना जिससे कि धरती के वायुमंडल को गर्म करनेवाली ग्रीनहाउस गैसों में इस वजह से और वृद्धि नहीं हो पाएगी.

बता दें कि भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कार्बन उत्सर्जस देशों में शामिल है. इन देशों में चीन पहले नंबर पर आता है तो अमेरिका दूसरे स्थान पर पहुंचा हुआ है. लेकिन बात अगर जनसंख्या के हिसाब से करें तो भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन दुनिया के ओर देशों के हिसाब से काफी कम है.

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