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PM ने अचानक बुलाई सर्वदलीय बैठक, यह है संभवित बड़े बदलाव

PM Modi to hold all-party meet
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बड़ी मीटिंग कर सकते है। हाल मे मिल रही रिपोर्ट्स के हिसाब से यह मीटिंग गुरुवार 24 जून को हो सकती है, जिसका शिड्यूल लगभग तय हो चुका है। कहा जा रहा है की इसके लिए सभी दलों को सूचना भेज दी गई है। फिलहाल, औपचारिक तौर पर इसकी जानकारी साझा नहीं की गई है।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री इस मीटिंग मे राज्य की बहाली और केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर सकते है। केंद्र द्वारा 2019 में अनुच्छेद 370 को खत्म करके जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन करने की घोषणा के बाद  पीएम का यह पहला बड़ा आउटरीच है।

इस बैठक मे बड़े अधिकारी शामिल हो सकते है। जिसमे से कई लोगो को इसके बारे मे जानकारी दे दी गई है। हाला की इसके बारे मे अभी तक कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।  लेकिन इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेताओं के भाग लेने की संभावना है।

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जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई अहम मुद्दो पर चर्चा

महत्वपूर्ण इस बैठक मे जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई अहम मुद्दो पर चर्चा हो सकती है। जिसमे J&K मे चल रहे राजनीतिक गतिरोध के साथ साथ इस केंद्र शासित प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा देने जैसे विषयों पर चर्चा होने की समभावने जताई जा रही है।

इस मामले मे एक अधिकारी ने कहा कि सरकार, इस क्षेत्र में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करन चाहती है। जिसके लिए उन्होने कई जनप्रतिनिधियों से बात करने का भी प्रयास किया गया है। रिपोर्ट्स मील रही है की इस मीटिंग के लिए कई पार्टियां अनौपचारिक रूप से सहमत हो गई हैं।

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बड़े नेताओ को आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू 

जब की और लीडर्स की सहमति का इंतजार है। इस मीटिंग मे पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, बुखारी पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) के अल्ताफ को निमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इस मामले मे महबूबा ने बताया कि उन्हें केंद्र से 24 जून को बैठक के लिए फोन आया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी फैसला नहीं किया है। मैं अपनी पार्टी के सदस्यों से चर्चा करके अंतिम फैसला लूंगी।’’ अब्दुल्ला और महबूबा दोनों तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं।

इस मीटिंग मे विधानसभा चुनाव करने की योजना पर चर्चा करने की संभावना है, जो 2018 से लंबित हैं। तब महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP और भाजपा का गठबंधन टूट गया था।

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इस मामले मे केंद्र के साथ बातचीत की संभावना के बारे में पूछे जाने पर, माकपा नेता और पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) के प्रवक्ता एम वाई तारिगामी ने कहा कि नई दिल्ली से कोई संदेश नहीं आया है, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो इसका स्वागत किया जाएगा। तारिगामी ने कहा, ‘‘हमने केंद्र के साथ सार्थक जुड़़ाव के लिए अपने दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं। हालांकि मुझे किसी बातचीत के बारे में कोई जानकारी नहीं है, अगर ऐसा होता है, तो इसका स्वागत किया जाएगा।’’

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर की सभी क्षेत्रीय पार्टियों के साथ इस महीने मे बातचीत करने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाइयों के भी इन चर्चाओं का हिस्सा होने की संभावना है, जिन्हें केंद्र शासित प्रदेश में सामान्य राजनीतिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

इस मीटिंग की खबर आने से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को दिल्ली में एक बैठक हुई थी। माना जा रहा है की यह मीटिंग इस सर्वदलीय बैठक की तैयारियों के लिए थी। इस मीटिंग मे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक अरविंद कुमार,  होम सेक्रेटरी अजय भल्ला, रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) के प्रमुख सामंत कुमार गोयल, जम्मू और कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह और CRPF के डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह शामिल हुए थे।

यह मीटिंग करने से पहले गृहमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से भी एक मुलाकात की थी। माना जा रहा है की इन दोनों मीटिंग का उदेश्य यह सर्वदलीय बैठक का एजंडा तय करना और बाकी आयोजन करना था।

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अगस्त 2019 मे हटाया गया अनुच्छेद 370

आपको बता दे की केंद्र सरकार के द्वारा अनुच्छेद 370 को अगस्त 2019 में खत्म कर दिया था। यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता था। इस राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में भी विभाजित किया गया था जो बने – जम्मू और कश्मीर और लद्दाख।

इतने बड़े बदलाव के बाद Pm के द्वारा पहली बार इस ममेल मे इतनी बड़ी मीटिंग की जा रही है। कहा जा रहा है की यह सर्वदलीय बैठक से काफी बड़े बदलाव आ सकते है और कई महत्वपूर्ण फैसले हो सकते है।

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