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जानें कब है साल 2022 की पहली पूर्णिमा, क्या है इसका खास महत्व और सायंकाल में कैसे करें पूजा-अर्चना

purnima in january 2022
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Purnima In January 2022: नए साल(New Year) में आने वाले व्रत और त्यौहारों(Festivals) का सिलसिला शुरू हो चुका है. ग्रेग्रोरियन कैलेंडर के हिसाब से भले ही महीना और साल बदल गया हो लेकिन हिंदू पंचांग(Hindu Panchang) के हिसाब से नए साल में भी पुराना महीना यानि पौष का महीना(Paush Month) चल रहा है. इसकी पूर्णिमा तिथि के अगले दिन से माघ का महीना शुरू होगा. ऐसे में काफी लोग इस बात को जानने की चाहत रखते हैं कि साल की पहली पूर्णिमा(Purnima In January 2022) कब है, और इस पूर्णिमा का खास महत्व क्या है.

नए साल में इस दिन है पूर्णिमा तिथि

पंचांग के मुताबिक नए साल में पौष माह की पूर्णिमा(Paush Month Purnima) तिथि 17 जनवरी यानि सोमवार को है. हालांकि तारीख को लेकर कंफ्यूजन इस बार नहीं है. क्योंकि पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 17 जनवरी यानि सोमवार रात्रि 3 बजकर 17 मिनट से हो रही है और पूर्णिमा तिथि 18 जनवरी यानि मंगलवार सुबह 5 बजकर 17 मिनट तक है. उदया तिथि के हिसाब से पूर्णिमा(Purnima Puja) की पूजा 17 जनवरी को की जाएगी.

purnima in january 2022

Image Courtesy: Google.com

पूर्णिमा के दिन ऐसे करें पूजा-अर्चना

तारीख को लेकर कंफ्यूजन(Confusion) दूर होने के बाद ये जानना भी जरूरी है कि इस दिन पूजा-अर्चना कैसे करें और इस पूर्णिमा का क्या महत्व है. अन्य महीनों की पूर्णिमा तिथि(Purnima Tithi) की तरह ही सुबह उठकर स्नानादि से निवृत हो भगवान के ध्यान में लीन रहें. हालांकि पूर्णिमा की पूजा सायंकाल में करने का विशेष महत्व है. केले के पत्ते को लकड़ी के चौकी के चारों ओर बांधकर और उस पर भगवान सत्यनारायण की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना करें और भगवान सत्यनारायण व्रत(Satyanarayana Vrat Katha) की कथा जरूर सुनें.

purnima in january 2022

Image Courtesy: Canva.com

ये है पौष माह की पूर्णिमा का खास महत्व

शास्त्रों में कहा जाता है कि पौष माह की पूर्णिमा तिथि(Paush Purnima 2022) के अगले दिन से ही माघ(Magh Month) जैसे पवित्र महीने की शुरुआत होती है, माघ के महीने में जब कड़ाके की ठंड पड़ती है तो उस वक्त सूर्योदय से पहले गंगास्नान का विशेष महत्व है. पौष महीने की पूर्णिमा तिथि को भगवान सत्यनारायण की पूजा-अर्चना करने के बाद खास तौर पर गरीबों को दान देना चाहिए, ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: जानें, कब है साल 2021 की आखिरी पूर्णिमा, शुभ मुहूर्त में ऐसे करें भगवान सत्यनारायण की पूजा

पौष माह की पूर्णिमा से लेकर माघ महीने तक तिल दान का विशेष महत्व है, इससे भगवान विष्णु(Lord Vishnu) की कृपा आप पर बनी रहती है और सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

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