Ott India News Logo
Recent Posts
Connect with:
Tuesday / November 30.
Homeन्यूजसीतापुर में वाजपेयी के अंदाज में दिखे राजनाथ सिंह, बोले- ऐसी सत्ता को चिमटा से भी छूना पसंद नहीं

सीतापुर में वाजपेयी के अंदाज में दिखे राजनाथ सिंह, बोले- ऐसी सत्ता को चिमटा से भी छूना पसंद नहीं

Rajnath Singh
Share Now

देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी(Atal Bihari Vajpayee) के अंदाज की आज भी चर्चा होती है. चाहे वो उनके सदन में दिए गए भाषण हों या फिर राजनीतिक शुचिता को लेकर कही गई बात हो. आज ठीक उसी अंदाज में उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह(Rajnath Singh) ने कहा कि ऐसी सत्ता को चिमटे भी छूना पसंद नहीं है.

ऐसी सत्ता चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करते

बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी(Atal Bihari Vajpayee) ने एक बार राजनीति में शुचिता के सवाल पर बोलते हुए कहा था कि 40 साल से मैं इस सदन का सदस्य हूं. लोगों ने मेरा आचरण और व्यवहार देखा है, लेकिन पार्टी तोड़कर सत्ता के लिए नया गठबंधन करना उचित नहीं है. अगर इन तरकीबों से सत्ता हाथ में आती है तो मैं ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा.

बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को किया संबोधित

आज सीतापुर में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह(Rajnath Singh) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने मुझे कहा था कि घोषणा पत्र में कोई भी ऐसी बात नहीं होनी चाहिए, जिसे हम पूरा न कर सकें. किसी भी पार्टी का कोई नेता इस तरह की चिंता नहीं करता. लोग कहते हैं कि घोषणापत्र में जो चाहे डाल दो, जनता की आंखों में धूल झोंककर सत्ता हासिल कर लो. बीजेपी सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए नहीं बल्कि देश के विकास के लिए सरकार बनाना चाहती है.

ऐसी सत्ता को हम चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करेंगे

लेकिन ऐसी सत्ता को हम भारतीय जनता पार्टी के लोग चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करेंगे. राजनाथ सिंह(Rajnath Singh) ने आगे कहा कि हम जनता की आंखों में धूल झोंककर नहीं बल्कि जनता की आंखों में आंख डालकर राजनीति करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी जो कहेगी, वह करेगी. आजाद भारत के इतिहास में नेताओं ने जनता से कई वादे किए, आंशिक रूप से भी अगर उन वादों को पूरा कर दिया होता तो भारत आज दुनिया का एक ताकतवर देश है.

ये भी पढ़ें: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने किया युद्ध स्मारक का उद्घाटन, रेजांग ला के वीरों को किया नमन

कथनी और करनी में अंतर की वजह से नेताओं के सामने विश्वास का संकट खड़ा हो गया था, लेकिन हमने इस दूर करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि बूथ की इतनी मान्यता है कि बूथ जीता तो समझो चुनाव जीत गया.

अधिक रोचक जानकारी के लिए डाउनलोड करें:- OTT INDIA App

Android: http://bit.ly/3ajxBk4

IOS: http://apple.co/2ZeQjTt

No comments

leave a comment